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मिस्टर चिदंबरम को, पूर्व गृह मंत्री, वित्त मंत्री को ऐसे उठाया CBI ने… तो? चावल के लोटे में पैर लगवाते?

अगर एनडीटीवी को सीबीआई के दीवार फाँदने पर मर्यादा और 'तेलगी को भी सम्मान से लाया गया था' याद आ रहा है तो उसे यह बात भी तो याद रखनी चाहिए पूर्व गृह मंत्री को कानून का सम्मान करते हुए, संविधान पर, कोर्ट पर, सरकारी संस्थाओं पर विश्वास दिखाते हुए, एक उदाहरण पेश करना चाहिए था।
सावरकर-दिल्ली यूनिवर्सिटी

DU में लगी सावरकर-बोस-भगत सिंह की प्रतिमा, प्रपंची लिबरल्स के आँसुओं से यमुना में बाढ़

यह कॉन्ग्रेस का दुर्भाग्य ही हो सकता है कि एक ओर जहाँ कॉन्ग्रेस के वरिष्ठ नेता सर से पाँव तक घोटालों में पकड़े जा रहे हैं वहीं उनकी पार्टी का एकमात्र लक्ष्य आज सिर्फ सोशल मीडिया पर हैशटैग ट्रेंड करवाने तक सीमित हो चुका है। शायद अब कॉन्ग्रेस इन्हीं छोटी-छोटी खुशियों में अपना मनोबल तलाशने लगी है।
टूटने लगे हैं पत्रकारिता के समुदाय विशेष के किले!

NDTV के प्रणय रॉय, राधिका रॉय, विक्रम चंद्रा पर साज़िश, धोखाधड़ी, भ्रष्टाचार का मामला: पढ़ें नए FIR में क्या है

NDTV: आरोप है कि NNPLC को FIPB बोर्ड की मंजूरी उस समय के FDI प्रावधानों को ताक पर रखकर दी गई। प्रणय रॉय, राधिका रॉय और विक्रम चंद्रा पर मुकदमा IPC की धारा 120-B, 420, और भ्रष्टाचार-निरोधी अधिनियम, 1988 की धारा 13(1) और 13(2) के अंतर्गत दर्ज किया गया है।
रवीश कुमार

बात रवीश कुमार के ‘सूत्रों’, ‘कई लोगों से मैंने बात की’, ‘मुझे कई मैसेज आते हैं’, वाली पत्रकारिता की

ये है वामपंथी पत्रकारिता जो खबरों को देखता नहीं, दिखाता नहीं, बल्कि खबरों को बनाता है, मेकअप करता है उनका और तब आपको गंभीर चेहरे के साथ बताता है कि भाई साहब आप देखते कहाँ हैं, रवीश का हलाल खबर शॉप यहाँ है!
प्रणय रॉय, राधिका रॉय, एनडीटीवी

प्रेस फ्रीडम का रोना रो रहे NDTV और रॉय दम्पति का काला चिट्ठा: शेयर्स की धोखाधड़ी से लेकर ICICI लोन तक

आख़िर एनडीटीवी का असली मालिक कौन सा व्यक्ति या संस्था है? शेयर्स की हेराफेरी के पीछे मकसद क्या था? इन सबमें आईसीआईसीआई बैंक का क्या हित था? 2004 से अब तक की कहानी पढ़ कर जानिए क्यों 'मीडिया की स्वतन्त्रता' का रोना रो रहे हैं रॉय दम्पति?
मीडिया गिरोह

दोगले लिबरलो, वामपंथियो! तुमने ढंग से पत्रकारिता की होती, तो हमारी ज़रूरत ही नहीं पड़ती

पहले तो हमें पत्रकार ही नहीं माना, फिर कहा इनकी भाषा ठीक नहीं है, फिर याद दिलाया कि मर्यादा लाँघ रहे हैं... ये सब इसलिए कि इनकी हर नग्नता, हर झूठ को हमने परत दर परत छीला है। अब वामपंथी बिलबिला रहे हैं क्योंकि लोग इन्हें पढ़ते भी हैं तो बस गाली देने के लिए।

कंपनी में छँटनी आत्महत्या का कारण नहीं: मृत कंप्यूटर ऑपरेटर के पिता ने किया BBC के प्रोपेगंडा का खंडन

बीबीसी से भी बात करते हुए विश्वजीत से साफ़-साफ़ कहा कि उन्हें आशीष की आत्महत्या का कारण नहीं पता। इसी ख़बर में पुलिस ने भी कहा कि आत्महत्या की मूल वजह का पता लगाया जा रहा है। मिलिंद खांडेकर और बीबीसी ने इसे 'ऑटो कंपनियों में हो रही छँटनी' से जोड़ कर अपना उल्लू सीधा किया।
शेहला रशीद

शेहला रशीद: ‘दो वक़्त की रोटी और फेक पब्लिसिटी के लिए झूठी औरत भारत के विरुद्ध ज़हर उगलती है’

एक ट्विटर यूजर ने शाह फैसल की ओर इशारा करते हुए पूछा कि अगर शेहला के 'तुर्की बॉस' को गिरफ़्तार किया जा सकता है तो फिर उसे क्यों नहीं? शेहला फिलहाल आईएएस से नेता बने शाह फैसल के साथ जम्मू-कश्मीर की राजनीति में स्थापित होने की कोशिश कर रही हैं।
'द वायर', बेगूसराय महादलित

‘मुस्लिम गुंडे नहाते समय मेरी माँ को घूरते’ – पीड़ित से The Wire के पत्रकार ने पूछा – तुम्हें बजरंग दल ने सिखाया?

द वायर' का पत्रकार यह जानना चाहता था कि क्या पीड़ित ने बजरंग दल के कहने पर पुलिस में मामला दर्ज कराया है? हालाँकि, पीड़ित ने पत्रकार द्वारा बार-बार बात घुमाने के बाद भी अपने बयान पर कायम रहते हुए बताया कि पुलिस को उसने जो बयान दिया है, वह उसका ख़ुद का है।
पीएम मोदी और बेयर ग्रिल्स

360 करोड़ का रिकॉर्ड बनाया Man vs Wild ने, PM मोदी का शो बना दुनिया का सबसे अधिक ट्रेंडिग TV शो

मैन वर्सेज वाइल्ड ने सुपर बाउल को पीछे छोड़ दिया है। रिकॉर्ड की बात करें तो अब तक इस शो को लेकर 3.6 बिलियन (360 करोड़) लोग चर्चा कर चुके हैं और यह लगातार जारी है। इस तरह इस शो ने सुपर बाउल शो को पीछे छोड़ दिया, जिसकी रेटिंग 3.4 बिलियन थी।
अब्दुल्ला-वायर को इस सफ़ाई कर्मचारी की आँखों में देखकर 370/35A के पक्ष में अपने तर्क देने चाहिए

जिस दिन बच्ची को ट्रेनिंग के लिए ले गया, पूरा दिन भूखा रहा: कैमरे पर कश्मीर के सफ़ाई कर्मचारी का रूँधा गला

अपने आँसुओं को रोकते हुए बताया कि जब अपनी बेटी राधिका को एक ट्रेनिंग दिलाने के लिए लेकर गए तो उन्हें वहाँ पूरे दिन भूखा ही रहना पड़ा।
कविता कृष्णन

कविता कृष्णन का ईमेल लीक: देश विरोधी एजेंडे के लिए न्यायपालिका, सेना, कला..के लोगों को Recruit करने की योजना

वामपंथियों की जड़ें कितनी गहरी हैं, स्क्रीनशॉट्स में इसकी भी नज़ीर है। कविता कृष्णन पूर्व-सैन्यकर्मी कपिल काक के बारे में बात करतीं नज़र आतीं हैं। वायुसेना के पूर्व उप-प्रमुख यह वामपंथी प्रोपेगंडा फैलाते नज़र आते हैं कि कैसे भारत ने कश्मीर की आशाओं पर खरा उतरने में असफलता पाई है, न कि कश्मीर ने भारत की

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