धर्म और संस्कृति

धर्म-संस्कृति से जुड़ी ख़बरें और विचार

नहीं रहे रामलला की प्राण-प्रतिष्ठा कराने वाले पंडित लक्ष्मीकांत दीक्षित: सांगवेद महाविद्यालय में थे वरिष्ठ आचार्य, कई रियासतों का करा चुके थे राज्याभिषेक

लक्ष्मीकांत दीक्षित का परिवार मूल रूप से महाराष्ट्र के शोलापुर के जेऊर का है। वो वाराणसी के मीरघाट स्थित सांगवेद महाविद्यालय के वरिष्ठ आचार्य भी थे।

भगवा वस्त्र, भगवान भास्कर को अर्घ्य, ओंकार का नाद, हाथों में माला… जिस ‘विवेकानंद शिला स्मारक’ का कभी ईसाई नाविकों ने किया था बहिष्कार, वहाँ PM मोदी की चल रही साधना

जब वहाँ पहली बार नौका सेवा प्रारंभ की गई तो स्थानीय नाविकों ने इसका बहिष्कार कर दिया। फिर केरल से नाविकों को बुलाना पड़ा। ईसाइयों ने शिलालेख फेंक दिया था।

बदरीनाथ और केदारनाथ की यात्रा पर सुपरस्टार रजनीकाँत : ऋषिकेश के दयानंद आश्रम में बिताई थी रात, पिछले साल भी इन धामों में गए थे थलाइवा

तमिल फिल्मों के सुपरस्टार रजनीकाँत उत्तराखंड की यात्रा पर हैं। उन्होंने अपनी फिल्मों की शूटिंग पूरी करने के बाद हर साल की तरह इस साल भी केदारनाथ और बदरीनाथ की…

18 साल से ईसाई मजहब का प्रचार कर रहा था पादरी, अब हिन्दू धर्म में की घर-वापसी: सतानंद महाराज ने नक्सल बेल्ट रहे इलाके में जलाई सनातन की अलख, गूँजा ‘जय श्री राम’

सतानंद महाराज ने साजिश का खुलासा करते हुए बताया, "हनुमान जी की मोम की मूर्ति बनाई जाती है, उन्हें धूप में रख कर पिघला दिया जाता है और बच्चों को…

भारत की ज्ञानकीर्ति का मुकुटमणि है कश्मीर का शंकराचार्य मंदिर: ईसाई-इस्लाम के आगामी प्रभाव से परिचित थे आचार्य शंकर, जानिए कैसे एक सूत्र में भारत को बाँधा

वैदिक ऋषियों की वेदोक्त समदृष्टि केवल उपदेश मात्र नही; अपितु यह उनका अनुभव जन्य साक्षात्कृत् ज्ञान है। जो सभी काल, स्थान, परिस्थिति में अनुकरणीय एवं अकाट्य हैं।

चारधाम यात्रा के दौरान मंदिर परिसर के 200 मीटर के दायरे में मोबाइल फोन के इस्तेमाल पर पाबंदी, बिना रजिस्ट्रेशन के श्रद्धालु नहीं कर पाएँगे दर्शन

चारधाम यात्रा पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुँच रहे हैं। उत्तराखंड सरकार यात्रियों की सुविधाओं को लेकर लगातार काम कर रही है।

केदारनाथ धाम में ढोल-ताशा परंपरा या फिर रीलबाजी?

आप दक्षिण भारत को देख लीजिए, जहाँ हर मंदिर के कुछ नियम-कानून हैं और आपको उसका अनुसरण करना पड़ता है। तमाम मंदिरों के अपने ड्रेस कोड भी हैं, प्रधानमंत्री या…

‘अढ़ाई दिन का झोपड़ा असली मालिकों को सौंपा जाए’: जैन संतों उस मंदिर का किया दौरा, जिसे मुस्लिम आक्रांता कुतुबद्दीन ऐबक ने तोड़कर बना दिया मस्जिद

जैन भिक्षुओं और उनके अनुयायियों ने अपनी यात्रा के दौरान मस्जिद के केंद्रीय क्षेत्र में प्रवेश नहीं किया। मुनि सुनील सागर ने स्थल पर पत्थर के मंच पर दस मिनट…