‘गाँधीधाम में Tanishq के शोरूम पर हिन्दुओं ने किया हमला’: NDTV की फेक न्यूज़ को लिबरल लॉबी ने लिया हाथों हाथ

NDTV ने 'Tanishq' के शोरूम पर हमले का फैलाया झूठ

सोशल मीडिया पर ‘Tanishq’ ज्वेलरी के विज्ञापन वीडियो को लेकर विरोध प्रदर्शन होने के बाद गुजरात के गाँधीधाम में स्थित ‘Tanishq’ के एक स्टोर ने हिन्दुओं से माफ़ी माँगी। ‘लव जिहाद’ के महिमामंडन को लेकर हो रहे विरोध के बाद स्टोर ने माफीनामा लिख कर बोर्ड पर लगा दिया था। अब NDTV सहित पूरा वामपंथी इकोसिस्टम ये दिखाने में जुटा हुआ है कि 1 दिन पहले ‘Tanishq’ के गाँधीधाम स्थित स्टोर पर उसके वीडियो को लेकर ‘हिन्दू भीड़’ ने हमला किया, जिसके बाद उसे माफ़ी माँगने के लिए बाध्य होना पड़ा।

सबसे पहले तो NDTV ने नैरेटिव बनाने के लिए ट्विटर पर ब्रेकिंग न्यूज़ दे दिया और इसके कुछ देर बाद इस घटना पर जो लेख आया, उसमें न तो उसके सोर्स का जिक्र था, और न ही स्टोर पर हमले की घटना का कोई वर्णन था इसके बाद NDTV ने एक वीडियो डाला, जिसमें मंगलवार (अक्टूबर 11, 2020) को दोपहर 12 बजे हमले की बात कही गई। ‘सूत्रों’ के हवाले से चैनल ने कह दिया कि मैनेजर को माफीनामा लिखने को बाध्य होना पड़ा।

NDTV की फेक खबर

इसके कुछ ही देर बाद ट्विटर यूजर डॉक्टर नील ने एक ऑडियो क्लिप शेयर किया, जिसमें उन्होंने गाँधीधाम में स्थित ‘Tanishq’ के स्टोर मैनेजर से बात कर के NDTV के झूठ का पर्दाफाश किया है। उन्होंने स्टोर में कॉल कर के जब पूछा कि क्या किसी ने वहाँ हमला किया है, जैसी NDTV पर खबर आ रही है? इस पर स्टोर के मैनेजर ने कहा कि नहीं, किसी ने भी कोई हमला नहीं किया है। मैनेजर को इस झूठी खबर के बारे में कुछ पता ही नहीं था।

जैसे ही ये खबर NDTV पर आई, प्रोपेगंडा पोर्टलों ने इसे उठा कर प्रकाशित करना शुरू कर दिया। लेकिन, किसी ने भी स्टोर के मैनेजर या किसी कर्मचारी से बयान लेने की जहमत नहीं उठाई। हिन्दुओं को इसी बहाने हिंसक साबित किया जाने लगा। ‘इंडियन एक्सप्रेस’ ने तो एक अज्ञात कर्मचारी के हवाले से यहाँ तक दावा कर दिया कि 120 लोगों की भीड़ वहाँ जमा हो कर गालियाँ देने लगी और कहने लगी कि हिन्दू अब ये सब बर्दाश्त नहीं करेंगे।

अज्ञात कर्मचारी के हवाले से मीडिया संस्थान ने लिखा कि कर्मचारी कहते रहे कि गाँधीधाम शोरूम को ‘Tanishq’ के इस निर्णय के बारे में कुछ नहीं पता, और वो लोग भी हिन्दू ही हैं। बकौल ‘अज्ञात कर्मचारी’, उसे भीड़ से कहा कि कंपनी ने सिर्फ ज्वेलरी बेचने के लिए ये वीडियो बनाया था, इसका और कोई मकसद नहीं था। पुलिस ने भी स्पष्ट कहा है कि कोई हमला नहीं हुआ। कच्छ के एसपी ने इसे प्रोपेगंडा के तहत चलाई गई खबर करार दिया।

ऑपइंडिया स्टाफ़: कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया