फैक्ट चेक: शिवसेना मुखपत्र ‘सामना’ का आरोप- सरकार सिर्फ बिहार को देगी मुफ्त COVID-19 वैक्सीन

शिवसेना के मुखपत्र 'सामना' ने कोरोना वायरस की वैक्सीन पर फैलाया झूठ

शिवसेना के मुखपत्र ‘सामना’ के संपादकीय में पार्टी ने भाजपा के खिलाफ नया झूठ फैलाया है। ‘सामना’ ने यह झूठ बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान बीजेपी द्वारा किए गए वादों में बिहार के लोगों के लिए कोरोना की वैक्सीन मुफ्त देने की घोषणा को लेकर फैलाया है।

भाजपा पर निशाना साधते हुए, ‘सामना’ के संपादकीय में आरोप लगाया गया कि यह COVID -19 वैक्सीन केवल बिहार के निवासियों के लिए उपलब्ध होगा। इसके साथ ही केंद्र सरकार से सवाल किया गया है कि क्या देश के बाकी राज्य पाकिस्तान में हैं, जो उन्हें कोरोना वैक्सीन नहीं दी जाएगी?

शिवसेना ने आरोप लगाया कि देश के अन्य राज्यों में COVID-19 वैक्सीन नहीं मिलेगी

सामना के लेख में कहा गया, “भारतीय जनता पार्टी की असली नीति क्या है? उनका दिशा-निर्देशक कौन है? प्रधानमंत्री ने वादा किया कि टीका वितरण में जाति, धर्म, प्रांत, राजनीति नहीं होगी। लेकिन अब भाजपा नेताओं ने बिहार विधानसभा चुनाव से पहले एक विचित्र कदम उठाया है। वे बिहार के निवासियों को मुफ्त वैक्सीन दे रहे हैं। बाकी राज्यों के नागरिक पाकिस्तान में नहीं रहते हैं।”

क्या अन्य राज्य को COVID-19 वैक्सीन नहीं मिलेगी?

केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बृहस्पतिवार को आगामी चुनावों के लिए बिहार में भाजपा के घोषणापत्र जारी करते हुए कहा कि बीजेपी बिहार में मुफ्त कोरोना वायरस टीके का वादा करती है। जब भी टीका उपलब्ध होगा, बिहार के लोगों को मुफ्त में दिया जाएगा। हालाँकि केंद्रीय मंत्री ने स्पष्ट रूप से यह उल्लेख नहीं किया कि केवल बिहार के निवासी ही टीका प्राप्त करने के लिए पात्र होंगे और यह तो निश्चित रूप से नहीं कहा था कि अन्य राज्यों को टीका नहीं मिलेगा।

हालाँकि, ट्रोल और कॉन्ग्रेस समर्थक ‘ऑनलाइन कार्यकर्ताओं’ ने भाजपा और केंद्रीय मंत्री पर हमला करने के लिए अपनी कोरी कल्पना का सहारा लिया। उनमें से कई लोगों ने COVID-19 के मुफ्त टीकाकरण देने के सरकार के कदम को को ‘क्रूर’ कदम बताया। अन्य विरोधियों ने यह कहकर भ्रम की स्थिति पैदा कर दी कि टीका अन्य राज्यों को उपलब्ध कराया जाएगा या नहीं।

अमित मालवीय ने भ्रम को दूर किया

बीजेपी आईटी सेल के प्रमुख अमित मालवीय ने एक स्पष्टीकरण जारी करते हुए बिहार को लेकर उन सभी मिथकों का खंडन कर दिया, जो बीजेपी के चुनावी वादे के बारे में आधे-अधूरे तरीके से सोशल मीडिया पर पेश किया जा रहा था।

उन्होंने कहा कि टीकाकरण राज्य का विषय है। उन्होंने बताया कि अन्य सभी टीकाकरण कार्यक्रमों की तरह, केंद्र राज्यों को मामूली दर पर टीके प्रदान करेगा। इसमें भाजपा शासित और गैर-भाजपा शासित दोनों राज्य शामिल होंगे। फिर यह राज्यों पर निर्भर है कि वे टीके नि:शुल्क लगाएँ या इसके लिए शुल्क लें। स्वास्थ्य राज्य का विषय है और बिहार में बीजेपी ने सत्ता में आने पर नि:शुल्क टीका देने का वादा किया है। इसी तरह, गैर-भाजपा शासित राज्यों जैसे दिल्ली, महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल या तो सभी के लिए टीके मुफ्त करने का विकल्प चुन सकते हैं या फिर अपने नागरिकों से इसके लिए शुल्क ले सकते हैं।

संक्षेप में कहा जाए तो नागरिकों को मुफ्त टीकाकरण प्रदान करने या इसके लिए राशि वसूलने के लिए व्यक्तिगत निर्णय राज्य का होगा। वास्तव में, केंद्र चुनाव से पहले बिहार को कोई खास तवज्जो नहीं दे रहा बल्कि जब भी वैक्सीन विकसित होगी, केंद्र सभी राज्यों को वैक्सीन उपलब्ध करवाएगी, फिर यह राज्य सरकारें तय करेंगी कि इसे मुफ्त में दिया जाए या लोगों से इसके लिए शुल्क लिया जाए।

ऑपइंडिया स्टाफ़: कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया