Saturday, September 18, 2021
Homeफ़ैक्ट चेकसोशल मीडिया फ़ैक्ट चेक'ऑल्टन्यूज' की सह-संस्थापक फेक न्यूज फैलाते पकड़ी गई, कैपिटल हिल के बवाल में PM...

‘ऑल्टन्यूज’ की सह-संस्थापक फेक न्यूज फैलाते पकड़ी गई, कैपिटल हिल के बवाल में PM मोदी को घसीटने की कोशिश

सैम जावेद की तरफ से यह ट्वीट तब आया जब दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र के मुखिया प्रधानमंत्री मोदी ने अमेरिका में राजनीतिक दलों और उसके समर्थकों को सुझाव दिया कि इस तरह का ‘ग़ैरक़ानूनी प्रदर्शन’ रोका जाना चाहिए।

तथाकथित फैक्ट-चेकर (fact checker) और प्रोपेगेंडापरस्त वेबसाइट ‘ऑल्ट न्यूज़’ की सह संस्थापक सैम जावेद ने गुरुवार (7 जनवरी 2021) को एक बार फिर सोशल मीडिया पर फ़ेक न्यूज़ फैलाई। वामपंथी एजेंडाधारी ‘ऑल्ट न्यूज़’ की फैक्ट चेकर का कट्टरपंथी इस्लामियों के अपराधों को फ़ेक न्यूज़ की मदद से छुपाने का इतिहास पुराना है। उसने गुरुवार को ट्विटर पर अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव 2020 में डोनाल्ड ट्रंप के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा कथित प्रचार को लेकर गलत जानकारी फैलाई। 

अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव में गड़बड़ी का आरोप लगाए जाने के बाद अमेरिका में जारी उग्र विरोध-प्रदर्शन के बीच, ‘ऑल्ट न्यूज़’ की सह संस्थापक ने सितंबर 2019 के दौरान टेक्सस के ह्यूस्टन में हुए मेगा इवेंट की एडिटेड क्लिप साझा की। पूरी बारीकी से एडिट किए गए वीडियो के इस हिस्से में प्रधानमंत्री मोदी को कहते हुए सुना जा सकता है,  “भारत के भीतर हम राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से बहुत अच्छे से जुड़े हुए हैं। उम्मीदवार ट्रंप के शब्द, अबकी बार ट्रंप सरकार।” इस पर सैम जावेद ने ट्वीट करते हुए लिखा, “कभी भूलिएगा मत (never forget)।”

सैम जावेद की तरफ से यह ट्वीट तब आया जब दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र के मुखिया प्रधानमंत्री मोदी ने अमेरिका में राजनीतिक दलों और उसके समर्थकों को सुझाव दिया कि इस तरह का ‘ग़ैरक़ानूनी प्रदर्शन’ रोका जाना चाहिए। साथ ही नियमानुसार और शांतिपूर्ण तरीके से ही सत्ता स्थानांतरित की जानी चाहिए।

सैम जावेद के तथाकथित ‘फैक्ट चेकर्स’ की टीम अक्सर हिन्दुओं और देश की सरकार के लिए अपनी नफरत का नमूना पेश करती रहती है। उन्होंने इस सुनहरे मौके को भी भुनाने में देरी नहीं की। इस मौके का इस्तेमाल करते हुए ‘फैक्ट चेकर्स’ की टीम झूठा दावा करने में जुट गई कि अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव 2020 के पहले ह्यूस्टन में हुए इवेंट के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने डोनाल्ड ट्रंप का प्रचार किया।  

क्या पीएम मोदी ने वाकई किया था डोनाल्ड ट्रंप का प्रचार?

‘फैक्ट चेकर’ सैम जावेद द्वारा किए गए दावों से ठीक विपरीत प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने न तो डोनाल्ड ट्रंप का प्रचार किया था और न ही अमेरिकी राष्ट्रपति चुनावों में हस्तक्षेप करने का प्रयास किया था। यानी सैम जावेद द्वारा किया गया दावा पूरी तरह भ्रामक है क्योंकि पीएम मोदी ने डोनाल्ड ट्रंप की कैम्पेन टीम द्वारा चलाए गए 2016 के अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव अभियान का ज़िक्र किया था।

टेक्सस के ह्यूस्टन में हुए मेगा इवेंट ‘हाउडी मोदी’ में पीएम मोदी ने वहाँ मौजूद जनता को याद दिलाया था कि 2016 अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव प्रचार अभियान के दौरान भारतीय प्रवासियों के सामने बोलते हुए डोनाल्ड ट्रंप ने कहा था, “अबकी बार ट्रंप सरकार।” ये पूरा वीडियो है जिसमें प्रधानमंत्री मोदी ने 2016 अमेरिकी राष्ट्रपति चुनावों के ट्रंप के अभियान का ज़िक्र किया था।  

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा था, “भारत में हम राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से बहुत अच्छे से जुड़े हुए हैं। उनके शब्द, ‘अबकी बार ट्रंप सरकार’ आज भी हमारे आस-पास गूँजते हैं।” साल 2016 में अक्टूबर महीने में अमेरिकी चुनाव प्रचार के दौरान डोनाल्ड ट्रंप ने कहा था कि अमेरिका के भारतीय और हिन्दुओं के पास ह्वाइट हाउस में एक ‘दोस्त’ होगा। इसके बाद प्रधानमंत्री मोदी के प्रख्यात नारे (2014 आम चुनाव) ‘अबकी बार मोदी सरकार’ का उपयोग करते हुए ट्रंप ने कहा था, ‘अबकी बार ट्रंप सरकार’।

अमेरिका में भारतीयों के सामने भाषण देते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने याद दिलाया था कि कैसे इस नारे का इस्तेमाल डोनाल्ड ट्रंप ने किया था, जो कि ‘ऑल्ट न्यूज़’ द्वारा किए गए दावों से पूरी तरह अलग है कि पीएम मोदी ने डोनाल्ड ट्रंप के पक्ष में प्रचार किया था। ऑल्ट न्यूज़ जो कि खुद ‘फैक्ट चेकर’ होने का दावा करता है एक बार फिर प्रधानमंत्री मोदी को लेकर झूठ फैलाता हुआ पाया गया है। 

ऑल्ट न्यूज़ का फ़र्ज़ी ख़बरें फैलाने का इतिहास 

सैम जावेद की तरह उनकी बॉस निर्झरी सिन्हा, जिन्हें न तो फैक्ट्स की जानकारी है और न ही फैक्ट चेकिंग की, उन्होंने भी प्रधानमंत्री मोदी द्वारा डोनाल्ड ट्रंप का प्रचार किए जाने को लेकर झूठ फैलाया था। दरअसल कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो ने भारत में जारी ‘किसान आंदोलन’ पर निराधार टिप्पणी की थी, जिसकी पूरे देश में जम कर आलोचना हुई थी। इसके बाद निर्झरी सिन्हा ने ट्विटर पर कनाडा के प्रधानमंत्री का बचाव करते हुए कहा था कि पीएम मोदी ने किस आधार पर ह्यूस्टन में ‘अबकी बार ट्रंप सरकार’ का नारा लगाया था।

सिर्फ ऑल्ट न्यूज़ ही नहीं बल्कि कॉन्ग्रेस और पूरे मीडिया गिरोह ने प्रधानमंत्री मोदी के खिलाफ मिथ्या प्रचार करने में कोई कसर नहीं छोड़ी थी।  

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

‘फर्जी प्रेम विवाह, 100 से अधिक ईसाई लड़कियों का यौन शोषण व उत्पीड़न’: केरल के चर्च ने कहा – ‘योजना बना कर हो रहा...

केरल के थमारसेरी सूबा के कैटेसिस विभाग ने आरोप लगाया है कि 100 से अधिक ईसाई लड़कियों का फर्जी प्रेम विवाह के नाम पर यौन शोषण किया गया।

डॉ जुमाना ने किया 9 बच्चियों का खतना, सभी 7 साल की: चीखती-रोती बच्चियों का हाथ पकड़ लेते थे डॉ फखरुद्दीन व बीवी फरीदा

अमेरिका में मुस्लिम डॉक्टर ने 9 नाबालिग बच्चियों का खतना किया। सभी की उम्र 7 साल थी। 30 से अधिक देशों में है गैरकानूनी।

प्रचलित ख़बरें

- विज्ञापन -

 

हमसे जुड़ें

295,307FansLike
122,947FollowersFollow
409,000SubscribersSubscribe