पाकिस्तान में तख्तापलट की आशंका, इमरान खान को सत्ता से हटाने के लिए ‘आजादी मार्च’ का ऐलान

एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में फजलुर रहमान ने कहा, “यह सरकार फर्जी चुनावों का परिणाम है। हम डी-चौक पर इकट्ठा होंगे। हम वे लोग नहीं हैं, जिन्हें आसानी से तितर-बितर किया जा सकता है।”

पाकिस्तान में इमरान सरकार पर मुसीबतों के बादल मंडरा रहे हैं। पद संभालने के बाद से ही ‘सेलेक्टेड पीएम’ का तंज झेल रहे है इमरान खान के खिलाफ पाकिस्तान की अन्य पार्टियाँ एकजुट हो चुकी हैं। पाकिस्तान की मुख्य दक्षिणपंथी पार्टी ‘अक्षम’ सरकार गिराने की तैयारी में है और इस बार उनका साथ देने के लिए विपक्ष ने भी हामी भर दी है।

पार्टी ने देश में उपजे आर्थिक संकट के लिए इमरान सरकार को जिम्मेदार ठहराया है। पार्टी का आरोप है कि खान आर्थिक संकट से गुजर रहे देश को समस्याओं से बाहर निकाल पाने में असफल हैं। पार्टी ने इमरान खान को प्रधानमंत्री पद से हटाने के लिए आजादी मार्च निकालने की घोषणा की है। जमियत अलेमा-ए-इस्लाम-फज्ल (जेयूआई-एफ) के प्रमुख मौलाना फज्लुर रहमान ने गुरुवार (अक्टूबर 3, 2019) को इसकी घोषणा करते हुए कहा कि 27 अक्टूबर से आजादी मार्च निकाली जाएगी।

बता दें कि दो दिन पहले ही शीर्ष विपक्षी पार्टियों पीएमएल-एन (PML-N) और पीपीपी (PPP) ने सरकार के खिलाफ किसी भी एकल संघर्ष का विरोध किया था। साथ ही प्रधानमंत्री इमरान खान को सत्ता से बाहर करने और आम सहमति विकसित करने के लिए सभी दलों की बैठक बुलाने का फैसला किया था। फज्लुर रहमान ने कहा था कि विपक्षी पार्टियों ने 25 जुलाई का चुनाव खारिज कर दिया था और फिर से चुनाव कराने की माँग की थी।

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एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में फजलुर रहमान ने कहा, “यह सरकार फर्जी चुनावों का परिणाम है। हम डी-चौक पर इकट्ठा होंगे। हम वे लोग नहीं हैं, जिन्हें आसानी से तितर-बितर किया जा सकता है।” उन्होंने आगे कहा, “सभी विपक्षी पार्टियाँ इस बात पर सहमत हैं कि नए सिरे से चुनाव कराए जाएँ ताकि पता चल सके कि किसे वास्तविक जनादेश हासिल है।” उन्होंने अकेले आगे बढ़ने की बात को खारिज करते हुए कहा कि उनकी पार्टी अन्य सभी पार्टियों के साथ संपर्क में है और उनके साथ सलाह मशविरा करके ही फैसले ले रही है।

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