बिरयानी बैन, सख्त लौंडे बनेंगे अब PAK खिलाड़ी: कोहली के चिप्स से आया मिस्बाह को आइ़डिया

मिस्बाह के इस फैसले के बाद पाकिस्तान टीम में हलचल की खबर आ रही है। बताया जा रहा है कि टीम के होश गुम हैं और उन्हें अपने पूर्व कप्तान और वर्तमान कोच में एक साथ मोहम्मद शाह तुगलक नजर आ रहा है।

वर्ल्ड कप को बीते महीनों हो चुके हैं, लेकिन पाक टीम के कप्तान सरफराज अहमद की वो उबासी और अन्य ख़िलाड़ियों की खराब फिल्डिंग अब तक पाकिस्तान के सीने में दुख का कोलेस्ट्रोल बढ़ा रही है। हर ओर से मिली निंदा और सोशल मीडिया पर मीम्स की बाढ़ ने पाकिस्तान क्रिकेट टीम को जिस तरह जख्मी किया था, उससे ही कयास लगाए जा रहे थे कि अब वो सख्त लौंडे की पॉलिसी अपनाकर खुद को दोबारा खड़ा करेंगे। लेकिन इसके लिए जरूरी था कि वो रात को बर्गर पार्टी करने से बचें और खुद की टीशर्ट के साइज को कम करने पर ध्यान लगाएँ।

हालाँकि, इस असंभव कार्य को संभव बनाने के लिए टीम के पूर्व कोच मिकी आर्थर ने अथाह कोशिशें कीं, लेकिन अफसोस वो नाकाम रहे। सूत्रों की मानें तो मिकी ने पहले बहुत सोचा कि वो इस टीम को सही दिशा पर कैसे लाएँ और कैसे एक मजबूत टीम बनाएँ। तभी उन्हें अचानक महसूस हुआ कि जिस टीम में वो संभावनाएँ तलाश रहे हैं उनके बड़े बुजुर्ग तो इमरान खान जैसे राजनेता, शाहिद अफरीदी जैसे लेखक और जावेद मियानंद जैसे पूर्व क्रिकेटर हैं, जो भारत को बल्ले से उड़ाने की बात करते हैं। जिसका मतलब है…??? इनका कुछ नहीं हो सकता, इनमें वो जीन्स ही नहीं है। सूत्रों के मुताबिक इसी ख्याल के बाद उन्होंने तुरंत टीम को अलविदा कह दिया और एक गहरी साँस ली।

अब टीम की जिम्मेदारी आई नए हेड कोच मिस्बाह-उल-हक पर। पहले तो मिस्बाह इस बात पर उलझे रहे कि उन्हें पूर्व कोच मिकी आर्थर जितनी सैलरी ही चाहिए, लेकिन जैसे ही उन्होंने अपने मुल्क में नान-टिमाटर पर हुई बैठक के बारे में सुना, उन्होंने खुद की इच्छाओं को एक पल के लिए समझाते हुए पीसीबी से सहमति बना ली। इधर पीसीबी ने भी अपनी चालाकी दिखाते हुए मिस्बाह के आगे शर्त रख दी कि पहले वो पाकिस्तान को भारतीय टीम जैसा मजबूत बनाएँ तो वो इस माँग पर विचार करेंगे, जिसके बाद तय हो गया कि मिस्बाह की माँग अनिश्चितकाल तक के लिए इंतजार के झोले में टँग गई है।

- विज्ञापन - - लेख आगे पढ़ें -

अब यहाँ, मिकी आर्थर जितनी सैलरी पाने के लिए मिस्बाह दिन रात अपने प्रयासों में जुट गए। वो हर लाइन और हर प्वाइंट पर अपनी गणित लगाते रहे, लेकिन उन्हें कोई हल नहीं मिला। 10 दिन के अंदर टीम की हालत देखकर उनकी हालत इतनी पस्त हो गई कि उन्हें अवसाद घेरने लगा, तभी उन्हें यूट्यूब स्क्रॉल करते-करते विराट कोहली की एक चिप्स खाती वीडियो दिखाई दी, इस वीडियो में विराट अपने नाराज प्रशंसकों को बताते नजर आ रहे थे कि वो जो चिप्स खाते हैं, वो सिर्फ़ चिप्स नहीं है बल्कि मल्टीग्रेन चिप्स है, जो बेक्ड होती, तली हुई नहीं। इसलिए इससे उनकी फिटनेस पर कोई नुकसान नहीं पड़ेगा, उनके फैन बेफिक्र रहें।

विराट की ये वीडियो भले ही उनके प्रंशसकों को समझाने के काम आई हो या न आई हो, लेकिन इस वीडियो ने मिस्बाह को एक मूलमंत्र दे दिया कि तेल को कहकर ‘नो’ पाक टीम को कहें ‘गेट सेट गो’।

उन्हें सरफराज की रनिंग से लेकर उनकी कीपिंग तक का एक-एक क्षण याद आने लगा, उन्हें अहसास हो गया गलती कहाँ हो रही है। जीत की छिपी नस को उभारने की आड़ में अपनी सैलरी मिकी आर्थर जितनी करवाने के लिए उन्होंने एक कड़ा फैसला लिया और घोषणा कर दी कि वो अपने कप्तान को ही नहीं पूरी टीम को विराट जैसा बनाएँगे। लेकिन इसके लिए टीम को अब कोई तेल वाला खाना नहीं मिलेगा। इस सूची में भी बिरयानी भी शामिल होगी।

मिस्बाह के इस फैसले के बाद पाकिस्तान टीम में हलचल की खबर आ रही है। बताया जा रहा है कि टीम के होश गुम हैं और उन्हें अपने पूर्व कप्तान और वर्तमान कोच में एक साथ मोहम्मद शाह तुगलक नजर आ रहा है। उन्हें समझ नहीं आ रहा है कि आखिर मिस्बाह के इरादे क्या हैं, वो ये सब क्यों कर रहे हैं और उन्हें इसके लिए किससे प्रेरणा मिली है? बताया जा रहा है कि भले ही टीम इस फैसले का खुलकर विरोध नहीं कर पा रही है, लेकिन उनके भीतर के स्वर मिस्बाह के ख़िलाफ़ ठीक वैसे ही आग बबूला हो रहे हैं, जैसे आर्टिकल 370 पर उनके मुल्क के नेताओं के स्वर!

सूत्रों की मानें तो सभी पाक ख़िलाड़ी यूट्यूब पर इस समय विराट का वो ऐड अलग-अलग कीवर्ड्स डालकर खोजने में लगे हुए हैं, जिसमें मैच जीतने के लिए वो अपनी टीम को जोमेटो से बिरयानी मँगाकर ख़िलाते नजर आ रहे हैं और खुद भी एक वीडियो में चाव से कुरकुरे आदि खा रहे हैं। क्योंकि इन वीडियोज के मिलने के बाद उम्मीद है कि पाकिस्तान टीम को राहत आएगी, और हो सकता है विराट को देखते हुए मिस्बाह बिरयानी के लिए नरमी दिखाएँगे और टीम को सख्त बनाने के प्रयासों में वो कोई नया रास्ता खोजेंगे।


शेयर करें, मदद करें:
Support OpIndia by making a monetary contribution

बड़ी ख़बर

"हिन्दू धर्मशास्त्र कौन पढ़ाएगा? उस धर्म का व्यक्ति जो बुतपरस्ती कहकर मूर्ति और मन्दिर के प्रति उपहासात्मक दृष्टि रखता हो और वो ये सिखाएगा कि पूजन का विधान क्या होगा? क्या जिस धर्म के हर गणना का आधार चन्द्रमा हो वो सूर्य सिद्धान्त पढ़ाएगा?"

सबसे ज़्यादा पढ़ी गईं ख़बरें

ताज़ा ख़बरें

हमसे जुड़ें

115,259फैंसलाइक करें
23,607फॉलोवर्सफॉलो करें
122,000सब्सक्राइबर्ससब्सक्राइब करें

ज़रूर पढ़ें

Advertisements
शेयर करें, मदद करें: