Wednesday, July 15, 2020
Home बड़ी ख़बर जब पत्रकार निष्पक्षता का चोला ओढ़े वही काम करते हैं जैसे पाक सेना के...

जब पत्रकार निष्पक्षता का चोला ओढ़े वही काम करते हैं जैसे पाक सेना के लिए वहाँ के आतंकी

वर्षों से कॉन्ग्रेस के टुकड़ों पर पलने वाले लोगों के हाथ से नियंत्रण चला गया।तो, 'जी मालिक' कहने वाले मीडिया संस्थान आखिर बाहरी पत्रकारों से 'निजी राय' के नाम पर 'मंदिर का फैसला गलत है', 'ये सुप्रीम कोर्ट ऑफ पाकिस्तान है', 'मुसलमानों को डराया जा रहा है' जैसी बातें तो करेंगे ही!

ये भी पढ़ें

अजीत भारतीhttp://www.ajeetbharti.com
सम्पादक (ऑपइंडिया) | लेखक (बकर पुराण, घर वापसी, There Will Be No Love)

पत्रकारिता के बारे में ‘टीवी मत देखा कीजिए’, जिसका मतलब है कि सिर्फ मेरा प्राइम टाइम देखा कीजिए’ से ले कर चाय में बिस्कुट के टूट कर गिर जाने पर ‘यही तो आपातकाल है ब्रो’ कहने की बातें कॉन्ग्रेस के सत्ता से बाहर जाने पर पिछले पाँच सालों से खूब हो रही हैं। एक घंटे की एंकरिंग के बाद, फेसबुक पर पोस्ट के जरिए, या अपने गिरोह के लोगों के घर जा कर इंटरव्यू देते हुए, बार-बार ‘स्वतंत्रता का हनन’ और ‘आवाजों को दबाया जा रहा है’ जैसी बातें कहने वाले बहुतेरे लोग हैं, जो स्वयं को पत्रकार बताते हैं। इनके समर्थक इन्हें पत्रकार ही नहीं, ‘निष्पक्ष पत्रकार’ कहते हैं।

पत्रकारिता की दुनिया में एक और ब्रीड है जो स्वयं को ‘स्वतंत्र पत्रकार’ तो कहती है, लेकिन वाकई में परतंत्र है। ऐसे लोगों को तमाम अखबारों या चैनलों पर ‘स्वतंत्र पत्रकार’ के टैग के साथ एक खास पक्ष की वकालत करते देखा जा सकता है। ऐसे लोग आपको वायर, क्विंट, स्क्रॉल, एनडीटीवी से ले कर हर बड़े संस्थान में प्रोपेगेंडा ठेलते नजर आ जाएँगे।

ऐसे दोनों ही तरह के लोगों को पैसे देने के लिए दो तरह के संस्थान होते हैं। जैसे कि कॉन्ग्रेस का मुखपत्र नेशनल हेरल्ड है, जहाँ अगर कुछ छपता है तो आम आदमी जानता है कि ये तो कॉन्ग्रेस के ही पक्ष में लिखेगा। यहाँ कोई धोखा नहीं होता। यहाँ पता है कि इस वोबसाइट यह बताया जाएगा कि जीडीपी ऊपर जाने से गरीबों के पेट में भोजन नहीं पहुँचता, लेकिन वो नीचे जाए तो देश के आर्थिक स्वास्थ्यका एकमात्र परिचायक वही हो जाता है। यहाँ आपको कॉन्ग्रेस राज को छोड़ कर बाकी किसी भी राज्य या केन्द्र की एक भी योजना सही परिणाम लाती नहीं दिखती।

जैसे कि भाजपा ने पुल बनवाया तो कहेंगे कि नाव वालों के पेट पर लात मार दी! मोदी शासन में अगर चंद्रयान छोड़ा गया तो जमीन पर भात-दाल खाते गरीब की फोटो साथ में लगा देंगे। मोदी की गंगा आरती दिखावा हो जाएगी, लेकिन चुनावों के समय राहुल गाँधी के पैर के अंगूठे से टीक तक जनेऊ पहना दिया जाए, तो ये भाजपा के राजनीति का जवाब है, वरना ‘हम तो ये सब आज तक घर में ही करते थे’। अगर आपने ज्यादा पूछा तो हो सकता है कि एनडीटीवी वाले आपको थाईलैंड में राहुल गाँधी को सड़क किनारे, कान पर जनेऊ चढ़ा कर, लघुशंका करती तस्वीर दिखा देते।

जब बात नेशनल हेरल्ड से एनडीटीवी तक आ गई है, तो मकसद यही है कि नेशनल हेरल्ड की ईमानदारी तो ये है कि उनके मालिक कॉन्ग्रेस वाले हैं, तो वो उनका गुणगान ही करेंगे, लेकिन एनडीटीवी जैसी संस्थाएँ या आकार पटेल, सुजाता आनंदन जैसे लोग स्वतंत्र पत्रकार का तमगा सर पर चिपकाए, वही काम कर रहे हैं, पर उनकी कथित निष्पक्षता बरकरार रहती है।

जो व्यक्ति यदा-कदा ऐसे लोगों को देखता या पढ़ता है, उसे तो यही लगेगा कि ये निष्पक्ष व्यक्ति है, लेकिन वो काम तो कॉन्ग्रेस का कर रहा है। ऐसे लोगों में मृणाल पांडे जैसे लोग भी आते हैं जो हर बात पर यह विश्वास दिलाने में लगे रहते हैं कि भारत में तो आग लग गई है, सब कुछ बर्बाद हो गया है। ऐसे कई लोग हैं जो ट्विटर पर एक गिरोह के रूप में दिखते हैं, जिनकी मंशा यह बताने की होती है कि वो निष्पक्ष हैं, और निष्पक्ष विचार रख रहे हैं।

ये कुछ ऐसा ही है जैसे कि पैरोडी राष्ट्र पाकिस्तान में आंतकी को सेना ने पैसे देने शुरु किए कि जाओ बेटा, कश्मीर जाना और फट जाना। उनका टार्गेट भारत है। यहाँ सेना का काम सीमाओं को सुरक्षित रखना है, न कि दूसरे के सीमा में जा कर बम फोड़ना या आतंकी वारदातें करना। लेकिन वो कुछ आतंकियों को पाल लेते हैं ताकि उनके मतलब के काम तो वो करें, लेकिन उनका नाम न जाए।

उसी तरह, ये जो कुछ कथित ‘स्वतंत्र पत्रकार’ हैं, वो एक ऐसी ग़ैरज़िम्मेदार मीडिया के लिए लेख लिखते हैं, शो करते हैं, जो कहती तो ये है कि ‘हम तो निष्पक्ष मीडिया हैं’, बाक़ायदा, डिस्क्लेमर भी लगा देती है कि ये विचार लेखक के निजी हैं, और फलानी टीवी इसकी ज़िम्मेदारी नहीं लेती, लेकिन ये काम वो योजनाबद्ध तरीके से, ज़िम्मेदारी के साथ करते हैं। अब कोई यह बता दे कि वो एनडीटीवी की साइट है कि सरकारी पेशाबखाना कि जिसको मन आया यूरिनल छोड़ के हर जगह मूत्र विसर्जन करके चला गया!

हो तो वही रहा है और ये ‘डिस्क्लेमर’ बड़ी ही खूबसूरती से एनडीटीवी जैसों को नेशनल हेरल्ड से तकनीकी तौर पर अलग बना देता है। काम इनका भारत में बम फोड़ने जैसा ही है, भेज इनको पाकिस्तानी सेना ही रही है, लेकिन ‘स्वतंत्र पत्रकार’ और ‘ये उनके निजी विचार हैं’ के नाम पर, धमाका भी हो जाता है, और विश्व समुदाय में ऐसे मीडिया वाले गर्दन तान कर यह कहते हैं कि उनके शरीर पर हमारी वर्दी कहाँ है, वो तो निजी स्तर पर लेखन कर रहे हैं।

NDTV के सीनियर एडिटर हैं, लोकिन उनके लेखों के लिए संस्थान उत्तरदायी नहीं है!

पाकिस्तानी सेना ‘स्टेट एक्टर’ है, यानी कि सत्ता के अधीन और उसकी इच्छाओं के हिसाब से कार्य करने वाली संस्था। (ये बात और है कि वस्तुस्थिति इसके उलट यह है कि सत्ता पाकिस्तानी सेना के हिसाब से काम करती है।) उसके बाद, पाकिस्तानी सरकार के पास ‘अच्छे आतंकी’ हैं, जो उनकी इच्छा को फलित करने में सेना के आदेशानुसार उन आतंकी वारदातों को अंजाम देती है जो सेना स्वयं खुल्लमखुल्ला नहीं कर सकती। आतंकी ‘नॉन-स्टेट एक्टर’ हैं, यानी वैसे लोग जिन्हें ‘कथित तौर पर’ सत्ता के साथ नहीं होना चाहिए, लेकिन वो भी इनके कुत्सित मंशा को पूरा करने के लिए काम करते हैं। वैसे ही एनडीटीवी जैसों के पास ‘निष्पक्ष’ पत्रकार हैं जो ‘निजी राय’ के नाम पर कॉन्ग्रेस के लिए भाजपा-विरोधी अजेंडा चलाते हैं, क्योंकि वो खुल कर कॉन्ग्रेस का मुखपत्र नहीं बन सकते।

निष्पक्ष मीडिया एक मिथक है

आज के दौर में मीडिया से ले कर समाज तक, वामपंथी मीडिया की गोएबेलियन नीति और नैरेटिव बनाने के तरीकों के कारण, एक सहज घृणा दिखाती हुई, दो हिस्सों में बँट गई है, वहाँ से निष्पक्षता का लोप हो चुका है। आज समाज के साथ-साथ, मीडिया में भी एक धड़े को मोदी सरकार की हर नीति में, हर उपलब्धि में, हर योजना में असफलता या खामियाँ ही दिखती हैं। उनका एकसूत्री अजेंडा है सत्ता में बैठी भाजपा और प्रधानमंत्री मोदी की आलोचना के नाम पर घृणा परोसना।

ऐसा इसलिए हो रहा है क्योंकि वर्षों से कॉन्ग्रेस के टुकड़ों पर पलने वाले लोगों के हाथ से नियंत्रण चला गया। अब इन पत्रकारों को लोग संदेह से देखते हैं कि ये पत्रकार है या कॉन्ग्रेस का चरणचुंबन करने वाला व्यक्ति। इससे हुआ यह है कि लोग आज भी रवीश कुमार के, ‘द वायर’ के, ‘क्विंट’, ‘बीबीसी’, ‘स्क्रॉल’ आदि के लेखों पर कमेंट तो ज़रूर करते हैं लेकिन उन टिप्पणियों में तीन-चौथाई लोग बस उन्हें धिक्कारते दिखते हैं।

आप इन सबको ट्रोल नहीं कह सकते। इन लोगों ने सत्य को पहचान लिया है, इन्होंने मुखौटे नोचने शुरू कर दिए हैं। ऐसे लोगों को ट्रोल कह कर खारिज करना इन अजेंडाबाजों की मजबूरी है क्योंकि ये अपने आप को बेकार तो मानेंगे नहीं।

लोग कहते हैं कि एक हिस्सा अगर मोदी की हर बात की आलोचना (वस्तुतः घृणा) करता है, तो दूसरा हिस्सा भी तो मोदी का गुणगान ही कर रहा है। ये बात कुछ हद तक सही है लेकिन इसके कारण क्या हैं? कारण यह है कि दूसरा हिस्सा पुराने नैरेटिव को चुनौती दे रहा है, उसे संतुलित करना चाह रहा है। अगर दूसरा हिस्सा संतुलन बनाने के लिए मोदी की नीतियों पर चर्चा न करे, उसकी योजनाओं को लाभार्थियों की कहानी न दिखाए, हिन्दुओं की मॉब लिंचिंग पर बात न करे, तो ये वामपंथी गिरोह भारत की छवि ऐसी बना देगा जहाँ न तो सड़कें हैं, न अर्थव्यवस्था ठीक है, न इलाज मिल रहा है, मुसलमानों को हिन्दू तलवार ले कर दौड़ा रहे हैं…

जिस दिन पहला धड़ा अपनी जिम्मेदारी समझ कर, उचित-अनुचित को तथ्यों के हिसाब से दिखाएगा, जहाँ प्रशंसा करनी हो वहाँ प्रशंसा करेगा, आलोचना योग्य बातों पर आलोचना करेगा, तो दूसरा धड़ा भी अपना काम सही तरीके से करने लगेगा।

लेकिन, जब तक कुछ लोग और संस्थान, व्यक्ति या पार्टी को निशाने पर ले कर, निष्पक्षता का चोला ओढ़े, स्वतंत्र पत्रकारों की सहायता से यहाँ-वहाँ कॉन्ग्रेस की अजेंडा बेचते रहेंगे, तब तक विचारधाराओं की यह लड़ाई जारी रहेगी क्योंकि पाकिस्तान कितना भी बड़ा हो जाए, कितने भी आतंकी पाल ले, एक्सपोज वो स्वयं हो रहा है।

वैसे ही, चाहे जितने बड़े नामों से प्रोपेगेंडा लिखवाया जाए, चाहे कॉन्ग्रेस के आधिकारिक मुखपत्र कॉन्ग्रेस का अजेंडा ठेलें, या ‘वानाबी मुखपत्र’ अपनी चाटुकारिता दर्ज करने को छटपटाता रहे, लोगों को इन सारे पत्रकारों और मीडिया की नग्नता का अहसास हो रहा है। ये सारे लोग खुद को सार्वजिनक तौर पर ज़लील कर रहे हैं। कुत्ते की पूँछ भले ही सीधी न हो, लेकिन एक दिन हर कुत्ता मरता तो है ही।

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

अजीत भारतीhttp://www.ajeetbharti.com
सम्पादक (ऑपइंडिया) | लेखक (बकर पुराण, घर वापसी, There Will Be No Love)

ख़ास ख़बरें

गहलोत ने की राहुल गाँधी के खिलाफ गैंगबाजी, 26 सीटों पर समेटा पार्टी को: सचिन पायलट ने कहा – ‘मैं अभी भी कॉन्ग्रेसी’

"200 सदस्यीय विधानसभा में जब कॉन्ग्रेस 21 सीटों पर सिमट गई, तब मैंने पार्टी की कमान संभाली। मैं जमीन पर मेहनत करता रहा और गहलोत तब चुप थे।"

कामराज प्लान: कॉन्ग्रेस के लिए दवा या फिर पायलट-सिंधिया जैसों को ठिकाने लगाने का फॉर्मूला?

कामराज प्लान। क्या यह राजनीतिक दल को मजबूत करने वाली संजीवनी बूटी है? या फिर कॉन्ग्रेस को परिवार की बपौती बनाने वाली खुराक?

₹9 लाख अस्पताल में रहने की कीमत : बेंगलुरु में बिल सुनते भागा कोरोना संदिग्ध, नहीं हुआ एडमिट

एक मरीज को कोलंबिया एशिया हॉस्पिटल ने 9.09 लाख रुपए का संभावित बिल थमा दिया। जबकि उन्हें कोरोना नहीं था, वो सिर्फ कोरोना संदिग्ध थे।

विदेश में पढ़ाई के दौरान मोहब्बत, पहले मजहब फिर सारा के CM पिता फारूक अब्दुल्ला बने रोड़ा: सचिन पायलट की लव स्टोरी

सारा और सचिन पेंसिल्वेनिया विश्वविद्यालय के व्हार्टन स्कूल में उच्च शिक्षा प्राप्त करने के दौरान एक दूसरे से मिले थे। एक दूसरे को डेट करने के बाद, दोनों ने सारा के परिवार की तरफ से लगातार आपत्तियों के बावजूद 2004 में एक बंधन में बँधने का फैसला किया।

केजरीवाल शिक्षा मॉडल: ‘योग्यतम की उत्तरजीविता’ के सिद्धांत की भेंट चढ़ते छात्रों का भविष्य चर्चा में क्यों नहीं आता

आँकड़े बताते है कि वर्ष 2008-2015 तक दिल्ली के सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों का परीक्षा परिणाम कभी भी 85% से कम नही हुआ। लेकिन राजनीतिक लाभ और मीडिया मैनेजमेंट के लिए बच्चों को आक्रामक रूप से 9वीं और 11वीं में रोक दिया जाना कितना उचित है?

दूध बेचने से लेकर हॉलैंड में F-16 उड़ाने तक: किस्सा राजेश पायलट का, जिसने सत्ता के सबसे बड़े दलाल को जेल भेजा

सत्ता के सबसे बड़े दलाल पर हाथ डालने के 2 दिन बाद ही पायलट को गृह मंत्रालय से निकाल बाहर किया गया था। जानिए राजेश्वर प्रसाद कैसे बने राजेश पायलट।

प्रचलित ख़बरें

‘लॉकडाउन के बाद इंशाअल्लाह आपको पीतल का हिजाब पहनाया जाएगा’: AMU की छात्रा का उत्पीड़न

AMU की एक छात्रा ने पुलिस को दी शिकायत में कहा है कि रहबर दानिश और उसके साथी उसका उत्पीड़न कर रहे। उसे धमकी दे रहे।

टीवी और मिक्सर ग्राइंडर के कचरे से ‘ड्रोन बॉय’ प्रताप एनएम ने बनाए 600 ड्रोन: फैक्ट चेक में खुली पोल

इन्टरनेट यूजर्स ऐसी कहानियाँ साझा कर रहे हैं कि कैसे प्रताप ने दुनिया भर के विभिन्न ड्रोन एक्सपो में कई स्वर्ण पदक जीते हैं, 87 देशों द्वारा उसे आमंत्रित किया गया है, और अब पीएम मोदी के साथ ही डीआरडीपी से उन्हें काम पर रखने के लिए कहा गया है।

‘मुझे बचा लो… बॉयफ्रेंड हबीब मुझे मार डालेगा’: रिदा चौधरी का आखिरी कॉल, फर्श पर पड़ी मिली लाश

आरोप है कि हत्या के बाद हबीब ने रिदा के शव को पंखे से लटका कर इसे आत्महत्या का रूप देने का प्रयास किया। गुरुग्राम पुलिस जाँच कर रही है।

कट्टर मुस्लिम किसी के बाप से नहीं डरता: अजान की आवाज कम करने की बात पर फरदीन ने रेप की धमकी दी

ये तस्वीर रीमा (बदला हुआ नाम) ने ट्विटर पर 28 जून को शेयर की थी। इसके बाद सुहेल खान ने भी रीमा के साथ अभद्रता से बात की थी।

मैं हिंदुओं को सबक सिखाना चाहता था, दंगों से पहले तुड़वा दिए थे सारे कैमरे: ताहिर हुसैन का कबूलनामा

8वीं तक पढ़ा ताहिर हुसैन 1993 में अपने पिता के साथ दिल्ली आया था और दोनों पिता-पुत्र बढ़ई का काम करते थे। पढ़ें दिल्ली दंगों पर उसका कबूलनामा।

विदेश में पढ़ाई के दौरान मोहब्बत, पहले मजहब फिर सारा के CM पिता फारूक अब्दुल्ला बने रोड़ा: सचिन पायलट की लव स्टोरी

सारा और सचिन पेंसिल्वेनिया विश्वविद्यालय के व्हार्टन स्कूल में उच्च शिक्षा प्राप्त करने के दौरान एक दूसरे से मिले थे। एक दूसरे को डेट करने के बाद, दोनों ने सारा के परिवार की तरफ से लगातार आपत्तियों के बावजूद 2004 में एक बंधन में बँधने का फैसला किया।

गहलोत ने की राहुल गाँधी के खिलाफ गैंगबाजी, 26 सीटों पर समेटा पार्टी को: सचिन पायलट ने कहा – ‘मैं अभी भी कॉन्ग्रेसी’

"200 सदस्यीय विधानसभा में जब कॉन्ग्रेस 21 सीटों पर सिमट गई, तब मैंने पार्टी की कमान संभाली। मैं जमीन पर मेहनत करता रहा और गहलोत तब चुप थे।"

कामराज प्लान: कॉन्ग्रेस के लिए दवा या फिर पायलट-सिंधिया जैसों को ठिकाने लगाने का फॉर्मूला?

कामराज प्लान। क्या यह राजनीतिक दल को मजबूत करने वाली संजीवनी बूटी है? या फिर कॉन्ग्रेस को परिवार की बपौती बनाने वाली खुराक?

₹9 लाख अस्पताल में रहने की कीमत : बेंगलुरु में बिल सुनते भागा कोरोना संदिग्ध, नहीं हुआ एडमिट

एक मरीज को कोलंबिया एशिया हॉस्पिटल ने 9.09 लाख रुपए का संभावित बिल थमा दिया। जबकि उन्हें कोरोना नहीं था, वो सिर्फ कोरोना संदिग्ध थे।

Covid-19: भारत में अब तक 23727 की मौत, 311565 सक्रिय मामले, आधे से अधिक संक्रमित महाराष्ट्र, तमिलनाडु और दिल्ली में

केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के आधिकारिक आँकड़ों के अनुसार, पिछले 24 घंटे में देशभर में 28,498 नए मामले सामने आए हैं और 553 लोगों की कोरोना वायरस के कारण मौत हुई है।

विदेश में पढ़ाई के दौरान मोहब्बत, पहले मजहब फिर सारा के CM पिता फारूक अब्दुल्ला बने रोड़ा: सचिन पायलट की लव स्टोरी

सारा और सचिन पेंसिल्वेनिया विश्वविद्यालय के व्हार्टन स्कूल में उच्च शिक्षा प्राप्त करने के दौरान एक दूसरे से मिले थे। एक दूसरे को डेट करने के बाद, दोनों ने सारा के परिवार की तरफ से लगातार आपत्तियों के बावजूद 2004 में एक बंधन में बँधने का फैसला किया।

फ्रांस के पिघलते ग्लेशियर से मिले 1966 के भारतीय अखबार, इंदिरा गाँधी की जीत का है जिक्र

पश्चिमी यूरोप में मोंट ब्लैंक पर्वत श्रृंखला पर पिघलते फ्रांसीसी बोसन्स ग्लेशियरों से 1966 में इंदिरा गाँधी की चुनावी विजय की सुर्खियों वाले भारतीय अखबार बरामद हुए हैं।

नेपाल में हिंदुओं ने जलाया इमरान खान का पुतला: पाक में मंदिर निर्माण रोके जाने और हिंदू समुदाय के उत्पीड़न का किया विरोध

"पाकिस्तान में हिंदू अल्पसंख्यक अभी भी सरकार द्वारा प्रताड़ित किए जा रहे हैं। सरकार हिंदू मंदिरों और मठों के निर्माण की अनुमति नहीं देकर एक और बड़ा अपराध कर रही है।"

केजरीवाल शिक्षा मॉडल: ‘योग्यतम की उत्तरजीविता’ के सिद्धांत की भेंट चढ़ते छात्रों का भविष्य चर्चा में क्यों नहीं आता

आँकड़े बताते है कि वर्ष 2008-2015 तक दिल्ली के सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों का परीक्षा परिणाम कभी भी 85% से कम नही हुआ। लेकिन राजनीतिक लाभ और मीडिया मैनेजमेंट के लिए बच्चों को आक्रामक रूप से 9वीं और 11वीं में रोक दिया जाना कितना उचित है?

‘अगर यहाँ एक भी मंदिर बना तो मैं सबसे पहले सुसाइड जैकेट पहन कर उस पर हमला करूँगा’: पाकिस्तानी शख्स का वीडियो वायरल

सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें एक युवक पाकिस्तान में मंदिर बनाने या बुतपरस्ती करने पर उसे खुद बम से उड़ाने की बात कहते हुए देखा जा सकता है।

विकास दुबे के गुर्गे शशिकांत की पत्नी का ऑडियो: सुनिए फोन पर रिश्तेदार को बता रही पूरी घटना, छीने गए हथियार बरामद

कानपुर कांड में पकड़े गए शशिकांत की पत्नी का ऑडियो वायरल हो रहा हैं। ऑडियो में शशिकांत की पत्नी रिश्तेदार को फोन करके पूरी घटना के बारे में बता रही है।

हमसे जुड़ें

239,591FansLike
63,527FollowersFollow
274,000SubscribersSubscribe