ये रिश्ता क्या कहलाता है: वो 7 मौके जब पाकिस्तानी प्रोपगेंडा के काम आया NDTV

पुलवामा हमले के बाद एनडीटीवी की डिप्टी एडिटर निधि सेठी ने फेसबुक पोस्ट से जैश को महिमामंडित किया था। हैशटैग #HowstheJaish के साथ वीरगति को प्राप्त हुए जवानों का मजाक उड़ाते हुए टिप्पणी की।

राष्ट्रीय हितों को लेकर लंबे अरसे से एनडीटीवी का नजरिया पेचीदगी भरा रहा है। इस न्यूज चैनल से जुड़े पत्रकारों की सरहद पार के हुक्मरान और आतंकी आका हौसलाअफजाई करते रहते हैं। पाकिस्तान उनके बयानों को भारत विरोधी प्रोपगेंडा को हवा देने के लिए हथियार के तौर पर इस्तेमाल करता रहा है। ऐसे 7 घटनाओं पर एक नजर,

जब रवीश कुमार बने मोहरा

एनडीटीवी के मैनेजिंग एडिटर रवीश कुमार ने पुलवामा आतंकी हमले के बाद जर्मन मीडिया हाउस डॉयचे वेले (डीडब्ल्यू) को दिए एक इंटरव्यू में कहा था कि भारतीय मीडिया बेरोजगारी जैसे मसलों की बजाए पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवाद को तूल दे रही है ताकि सत्ताधारी दल को चुनावी फायदा हो सके। पाकिस्तानी मीडिया ने इस बयान का हवाला देकर भारत पर युद्धोन्माद पैदा करने का आरोप लगाया।

बरखा दत्त की कारगिल कवरेज

बरखा दत पर कारगिल की लड़ाई के दौरान भारतीय हितों की अनदेखी कर रिपोर्टिंग का आरोप है। कथित तौर पर उनकी रिपोर्टों से भारतीय सेना की पोजीशन उजागर हुई। लेफ्टिनेंट जनरल मोहिंदर पुरी ने अपनी किताब ‘कारगिल: टर्निंग द टाइड’ में में इसका ब्यौरा दिया है।

पठानकोट पर मॉंगनी पड़ी माफी

- विज्ञापन - - लेख आगे पढ़ें -

पठानकोट एयरबेस पर हमले के दौरान एनडीटीवी ने संवेदनशील जानकारियॉं सार्वजनिक कर दी। इनमें एयरबेस पर मौजूद आयुध की जानकारी भी शामिल थी। इसका इस्तेमाल आतंकी नुकसान पहुॅंचाने के लिए कर सकते थे। केन्द्र सरकार ने इस रिपोर्टिंग के कारण एनडीटीवी के प्रसारण पर एक दिन का प्रतिबंध लगा दिया था। हालॉंकि बाद में सरकार ने फैसला वापस ले लिया लेकिन इसके लिए न्यूज चैनल को अदालत में माफी मॉंगनी पड़ी थी।

पुलवामा हमले का महिमामंडन

पुलवामा हमले के बाद एनडीटीवी की डिप्टी एडिटर निधि सेठी ने फेसबुक पोस्ट से जैश को महिमामंडित किया था। हैशटैग #HowstheJaish के साथ वीरगति को प्राप्त हुए जवानों का मजाक उड़ाते हुए टिप्पणी की। मामले के तूल पकड़ने पर चैनल ने निधि को सस्पेंड कर दिया था।

35A पर ‘पुलिस विद्रोह’ का झूठा दावा

सुप्रीम कोर्ट जब 35-ए से जुड़ी एक याचिका पर सुनवाई कर रही थी, उसी समय एनडीटीवी की एक रिपोर्ट में दावा किया गया कि जाँच एजेंसियों ने चेटावनी दी है कि अगर शीर्ष अदालत ने 35-ए को रद्द किया, तो कश्मीर में पुलिस बगावत करेगी। हालाँकि, इसकी पुष्टि में कोई तथ्य पेश नहीं किया गया था।

दरअसल, एनडीटीवी के एक पत्रकार ने एक इंटरव्यू के दौरान जम्मू कश्मीर के डीजीपी एसपी वैद्य से पुलिस बगावत को लेकर सवाल किया था। जवाब में वैद्य ने कहा कि पुलिस बल के लिए कर्तव्य पहले है। पत्रकार ने दोबारा दूसरे तरीके से यही सवाल किया। इसके जवाब में डीजीपी ने कहा कि हर इंसान का अपना एक नजरिया होता है, लेकिन एक पुलिस वाले के लिए कर्तव्य पहले है और सुप्रीम कोर्ट के आदेश का सभी सम्मान करते हैं। डीजीपी के इनकार के बावजूद एनडीटीवी ने बिना किसी पुख्ता सबूत के सनसनीखेज हेडलाइन चलाया।

कश्मीर पर एनडीटीवी के एजेंडे को पाकिस्तान का समर्थन

एनडीटीवी ने पिछले दिनों अनुच्छेद 370 और 35-ए के लेकर एक रिपोर्टिंग की थी। पाकिस्तान की सत्तारूढ़ पार्टी ने उसी रिकॉर्डिंग को शेयर करते हुए चैनल की बातों का समर्थन किया। इस वीडियो क्लिप में एक पत्रकार श्रीनगर से रिपोर्ट करते हुए दावा करता है कि वो और उसकी टीम एक बूढ़े और अंधे व्यक्ति से मिले थे। उस व्यक्ति ने उनसे कहा कि नई दिल्ली में कहा जा रहा है कि कश्मीर में हर कोई जम्मू-कश्मीर के केंद्र शासित प्रदेश बनने से खुश है। मगर कर्फ्यू हटने के बाद वहाँ के लोग बता देंगे कि वो कितने खुश हैं। पत्रकार का इशारा हिंसा की तरफ था, मगर माइक और कैमरा होते हुए भी उन्होंने उस बूढ़े शख्स को नहीं दिखाया। उन्होंने सिर्फ दावा किया कि एक व्यक्ति ने ऐसा कहा।

अंतर्राष्ट्रीय मंच पर भारत को बदनाम किया

एनडीटीवी की एडिटोरियल डायरेक्टर ने संस्थान की वेबसाइट पर एक कॉलम पोस्ट किया जो वर्ल्ड प्रेस फ्रीडम डे पर यूनेस्को में उनके संबोधन पर आधारित था। ‘लेट जर्नलिज्म थ्राइव- टेलीविज़न एंड मीडिया फ़्रीडम’ शीर्षक से लिखे गए इस आर्टिकल में वो भारत में प्रेस से जुड़े स्वतंत्रता, चुनौतियों, विकल्पों, खतरों और हिंसा के बारे में बात करती हैं। कॉरपोरेट्स और सरकार के अप्रत्यक्ष सेंसरशिप के बारे में बात करते हुए, गजेंद्र सिंह की आत्महत्या को महिमामंडित करते इसे भारत में किसानों की दुर्दशा का प्रतीक बताया।

शेयर करें, मदद करें:
Support OpIndia by paying for content

यू-ट्यूब से

बड़ी ख़बर

सांप्रदायिकता की लकीर खींचने के लिए अंग्रेज मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड एप्लिकेशन एक्ट लेकर आए। आजादी के बाद कॉन्ग्रेस की तुष्टिकरण नीति की वजह से बाल विवाह के कानून बदले, लेकिन मुस्लिम पर्सनल लॉ को छुआ भी नहीं गया।

ज़्यादा पढ़ी गईं ख़बरें

कॉन्ग्रेस नेता भ्रष्टाचार

हमाम में अकेले नंगे नहीं हैं चिदंबरम, सोनिया और राहुल गॉंधी सहित कई नेताओं पर लटक रही तलवार

कॉन्ग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गाँधी और उनके बेटे राहुल गाँधी नेशनल हेराल्ड केस में आरोपित हैं और फिलहाल जमानत पर बाहर हैं। दिसंबर 2015 में दिल्ली की एक अदालत ने दोनों को 50-50 हज़ार रुपए के पर्सनल बॉन्ड पर ज़मानत दी थी।
1984 सिख विरोधी दंगा जाँच

फिर से खुलेंगी 1984 सिख नरसंहार से जुड़ी फाइल्स, कई नेताओं की परेशानी बढ़ी: गृह मंत्रालय का अहम फैसला

दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधन कमिटी के प्रतिनिधियों की बातें सुनने के बाद केंद्रीय गृह मंत्रालय ने जाँच का दायरा बढ़ा दिया। गृह मंत्रालय ने कहा कि 1984 सिख विरोधी दंगे के वीभत्स रूप को देखते हुए इससे जुड़े सभी ऐसे गंभीर मामलों में जाँच फिर से शुरू की जाएगी, जिसे बंद कर दिया गया था या फिर जाँच पूरी कर ली गई थी।
रेप

जहाँगीर ने 45 लड़कियों से किया रेप, पत्नी किरण वीडियो बनाकर बेचती थी एडल्ट वेबसाइट्स को

जब कासिम जहाँगीर बन्दूक दिखाकर बलात्कार करता था, उसी वक़्त जहाँगीर की पत्नी किरण वीडियो बनाती रहती थी। इसके बाद पीड़िता को वीडियो और तस्वीरों के नाम पर ब्लैकमेल किया जाता था।
पी चिदंबरम, अमित शाह

चिदंबरम और अमित शाह का फर्क: एक 9 साल पहले डटा था, दूसरा आज भागा-भागा फिर रहा

सोहराबुद्दीन एनकाउंटर मामले में जुलाई 22, 2010 को अमित शाह को सीबीआई ने 1 बजे पेश होने को कहा। समन सिर्फ़ 2 घंटे पहले यानी 11 बजे दिया गया था। फिर 23 जुलाई को पेश होने को कहा गया और उसी दिन शाम 4 बजे चार्जशीट दाखिल कर दी गई।
शेहला रशीद शोरा

डियर शेहला सबूत तो जरूरी है, वरना चर्चे तो आपके बैग में कंडोम मिलने के भी थे

हम आपकी आजादी का सम्मान करते हैं। लेकिन, नहीं चाहते कि य​ह आजादी उन टुच्चों को भी मिले जो आपके कंडोम प्रेम की अफवाहें फैलाते रहते हैं। बस यही हमारे और आपके बीच का फर्क है। और यही भक्त और लिबरल होने का भी फर्क है।
वीर सावरकर

वीर सावरकर की प्रतिमा पर पोती कालिख, पहनाया जूतों का हार: DU में कॉन्ग्रेसी छात्र संगठन की करतूत

सावरकर की प्रतिमा को एनएसयूआई दिल्ली के प्रदेश अध्यक्ष अक्षय ने जूते की माला पहनाई। उसने समर्थकों संग मिल कर प्रतिमा के चेहरे पर कालिख पोत दिया। इस दौरान एनएसयूआई के छात्रों की सुरक्षाकर्मियों से झड़प भी हुई।
2018 से अभी तक 20 लोगों को गौ तस्करों ने मार डाला है

गौतस्करों ने 19 हिन्दुओं की हत्या की, लेकिन गोपाल की हत्या उसे तबरेज़ या अखलाक नहीं बना पाती

सौ करोड़ की आबादी, NDA के 45% वोट शेयर में आखिर किसके वोटर कार्ड हैं? फिर सवाल कौन पूछेगा इन हुक्मरानों से? आलम यह है कि तीन चौथाई बहुमत वाले योगी जी के राज्य में, हिन्दुओं को अपने घरों पर लिखना पड़ रहा है कि यह मकान बिकाऊ है!
चापेकर बंधु

जिसके पिता ने लिखी सत्यनारायण कथा, उसके 3 बेटों ने ‘इज्जत लूटने वाले’ अंग्रेज को मारा और चढ़ गए फाँसी पर

अंग्रेज सिपाही प्लेग नियंत्रण के नाम पर औरतों-मर्दों को नंगा करके जाँचते थे। चापेकर बंधुओं ने इसका आदेश देने वाले अफसर वॉल्टर चार्ल्स रैंड का वध करने की ठानी। प्लान के मुताबिक जैसे ही वो आया, दामोदर ने चिल्लाकर अपने भाइयों से कहा "गुंडया आला रे" और...

मिस्टर चिदंबरम को, पूर्व गृह मंत्री, वित्त मंत्री को ऐसे उठाया CBI ने… तो? चावल के लोटे में पैर लगवाते?

अगर एनडीटीवी को सीबीआई के दीवार फाँदने पर मर्यादा और 'तेलगी को भी सम्मान से लाया गया था' याद आ रहा है तो उसे यह बात भी तो याद रखनी चाहिए पूर्व गृह मंत्री को कानून का सम्मान करते हुए, संविधान पर, कोर्ट पर, सरकारी संस्थाओं पर विश्वास दिखाते हुए, एक उदाहरण पेश करना चाहिए था।
शेहला रशीद

‘शेहला बिन बुलाए चली आई, अब उसे खदेड़ तो नहीं सकते… लेकिन हमने उसे बोलने नहीं दिया’

दिल्ली के जंतर-मंतर पर विपक्षी नेताओं का जमावड़ा लगा। मौक़ा था डीएमके द्वारा आयोजित विरोध प्रदर्शन का। शेहला रशीद के बारे में बात करते हुए डीएमके नेता ने कहा कि कुछ लोग बिना बुलाए आ गए हैं तो अब भगाया तो नहीं जा सकता न।

ताज़ा ख़बरें

हमसे जुड़ें

84,333फैंसलाइक करें
11,888फॉलोवर्सफॉलो करें
90,819सब्सक्राइबर्ससब्सक्राइब करें

ज़रूर पढ़ें

शेयर करें, मदद करें: