ख़बर का असर: Exit Poll दिखाने वाले 3 मीडिया संस्थानों को EC से नोटिस, माँगा स्पष्टीकरण

ऑपइंडिया ने एक लेख के माध्यम से दिशा-निर्देशों का उल्लंघन कर एग्जिट पोल दिखाने वाले सभी मीडिया हाउसेज को बेनकाब करते हुए चुनाव आयोग से उन पर कड़ी कार्रवाई की माँग की थी। खबर का असर हुआ और EC ने डंडा घुमाते हुए...

चुनाव आयोग द्वारा तीन मीडिया हाउसेज को नोटिस भेजा गया है। इन तीनों मीडिया हाउस ने एग्जिट पोल प्रकाशित किया था। स्वराज एक्सप्रेस, न्यूज़क्लिक और आईएएनएस ने लोकसभा चुनाव परिणाम का अनुमान लगाते हुए एग्जिट पोल प्रसारित किया था। चुनाव आयोग ने अपने बयान में कहा, “चुनाव आयोग को तीन मीडिया हाउसेज के ख़िलाफ़ शिकायतें मिली थीं कि उन्होंने लोकसभा चुनावों के परिणाम का अनुमान लगाते हुए एग्जिट पोल्स जारी किए थे। आयोग ने तीनों मीडिया हाउस से स्पष्टीकरण माँगा है। उनसे पूछा गया है कि क्यों न उनके ख़िलाफ़ ‘Representation Of The People Act’ के सेक्शन 126A के तहत कार्रवाई की जाए।

सेक्शन 126A में लिखा हुआ है कि लोकसभा चुनाव के प्रथम चरण का चुनाव शुरू होने से लेकर अंतिम चरण का चुनाव ख़त्म होने के आधे घंटे बाद तक, कोई भी व्यक्ति सार्वजनिक रूप से इलेक्ट्रॉनिक या प्रिंट मीडिया के माध्यम से एग्जिट पोल नहीं दिखा सकता। इन तीनों मीडिया हाउसेज ने इसका खुला उल्लंघन किया था। स्वराज एक्सप्रेस के लिए यौन शोषण आरोपित विनोद दुआ ने एग्जिट पोल दिखाए थे, जिसे उन्होंने न्यूज़क्लिक नामक प्रोपेगेंडा वेबसाइट से उठाया था। वीडियो तो हटा दिया गया लेकिन रिपोर्ट अभी भी ऑनलाइन उपलब्ध है। समाचार एजेंसी आईएएनएस ने भी एग्जिट पोल खुलेआम ट्विटर पर जारी किया था।

इंडो-एशियन न्यूज सर्विस (आईएएनएस) ने आचार संहिता का उल्लंघन करते हुए रविवार (मई 12, 2019) को एक एग्जिट पोल प्रकाशित किया था। आईएएनएस का कहना है कि ये सर्वेक्षण विभिन्न संस्थानों और निष्पक्ष चुनाव विश्लेषकों द्वारा किया गया है। न्यूज सर्विस ने ये सर्वेक्षण ट्विटर पर शेयर किया है। ऑपइंडिया ने मंगलवार (मई 14, 2019) को एक लेख के माध्यम से दिशा-निर्देशों का उल्लंघन कर एग्जिट पोल दिखाने वाले सभी मीडिया हाउसेज को बेनकाब करते हुए चुनाव आयोग से उन पर कड़ी कार्रवाई की माँग की थी। हमने अपने लेख में पूछा था कि सारे के सारे एग्जिट पोल में पार्टी विशेष को भारी बढ़त और एक ख़ास पार्टी को भारी घाटा दिखाया जा रहा है, ऐसा क्यों?

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ऑपइंडिया ने अपने लेख के माध्यम से पूछा था कि क्या ऐसे एग्जिट पोल से माहौल बिगाड़ने की कोशिश हो रही है और लाखों लोगों को यूट्यब पर एग्जिट पोल दिखा कर मतदाताओं को प्रभावित किया जा रहा है? हमने सवाल उठाए थे कि वीडियो हटाए जाने तक भी उसे पाँच लाख लोग देख चुके हैं, उसका क्या? फिलहाल सभी को आयोग की नोटिस के बाद अगले क़दम का इन्तजार है। आईएएनएस ने भी अब अपनी ट्वीट डिलीट कर दी है लेकिन उसे उससे पहले कई लोग शेयर कर चुके थे।

चुनाव आयोग ने साफ़-साफ़ कहा था कि पहले चरण का चुनाव शुरू होने से लेकर अंतिम चरण का चुनाव संपन्न होने तक किसी भी प्रकार का एग्जिट पोल प्रतिबंधित रहेगा। अर्थात, 11 अप्रैल से लेकर 19 मई को चुनाव ख़त्म होने तक किसी तरह के कोई भी एग्जिट पोल प्रिंट या डिजिटल माध्यम से प्रकाशित या प्रसारित नहीं किए जा सकेंगे। अगर कोई ऐसा करता है तो उसे चुनाव आयोग के निर्देशों का उल्लंघन माना जाएगा। इसके अलावा चुनाव आयोग द्वारा चुनाव से 48 घंटे पूर्व किसी भी प्रकार के ओपिनियन पोल पर भी प्रतिबन्ध चालू हो जाएगा, ऐसा नियम बनाया गया था। ये प्रतिबन्ध प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक मीडिया, सिनेमा, टीवी- इन सभी माध्यमों पर लागू करने की बात कही गई थी।

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