सिब्बल की अधिकारियों को धमकी: मोदी से नज़दीकी न रखें, जेटली का मजे़दार जवाब

जेटली ने ट्विटर पर आश्चर्य व्यक्त करते हुए लिखा कि सरकार में 10 साल रहने के बाद यूपीए के पूर्व मंत्रियों को अभी भी पता नहीं है कि वित्त सचिव केवल वित्त मंत्रालय में वरिष्ठतम सचिव को दिया गया ओहदा है।

पूर्व केंद्रीय मंत्री और वरिष्ठ कॉन्ग्रेस नेता कपिल सिब्बल ने सरकारी अधिकारियों को धमकी भरे लहज़े में चेतावनी देते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से ज़्यादा नज़दीकी न रखने की सलाह दी है। इतना ही नहीं, सिब्बल ने नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (CAG) राजीव महर्षि की भी जम कर आलोचना की। उन्होंने भविष्यवाणी करते हुए कहा कि महर्षि राजग सरकार को बचाने की पूरी कोशिश करेंगे। सिब्बल ने कहा कि पीएम मोदी से नज़दीकी रखने वाले सभी अधिकारियों पर उनकी पैनी नज़र है।

सिब्बल ने राजीव महर्षि पर राफ़ेल सौदे के मामले में ‘हितों के टकराव’ का आरोप मढ़ा। रविवार को कॉन्ग्रेस ने महर्षि को राफ़ेल लड़ाकू विमानों की ख़रीद के करार की ऑडिट प्रक्रिया से अलग रखने की माँग भी की। सिब्बल का कहना था कि महर्षि को इस मामले से इसीलिए अलग किया जाना चाहिए क्योंकि वह राफ़ेल सौदे के वक़्त केंद्रीय वित्त सचिव थे। सिब्बल ने अधिकारियों को धमकाया कि पीएम मोदी के प्रति ज़्यादा वफ़ादारी न दिखाएँ।

कॉन्ग्रेस नेता और वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल ने कहा:

- विज्ञापन - - लेख आगे पढ़ें -

“CAG राजीव महर्षि अपनी रिपोर्ट में राजग सरकार को बचाने वाले हैं। पूरी राफ़ेल डील राजीव महर्षि की निग़रानी में ही हुई थी, क्योंकि उस समय वही वित्त सचिव थे। जब डील के लिए बातचीत शुरू हुई थी तो वित्त मंत्रालय भी उसका हिस्सा था। राजीव महर्षि ख़ुद अपने ख़िलाफ़ कार्रवाई कैसे कर सकते हैं, यह हितों का टकराव होगा। चूँकि तत्कालीन वित्त सचिव के तौर पर वह इस वार्ता का हिस्सा थे इसलिए उन्हें ऑडिट प्रक्रिया से ख़ुद को अलग कर लेना चाहिए। महर्षि द्वारा संसद में राफ़ेल पर रिपोर्ट पेश करना अनुचित होगा।”

केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली ने कपिल सिब्बल के बयान को लेकर कॉन्ग्रेस पार्टी पर निशाना साधा। जेटली ने ट्विटर पर आश्चर्य व्यक्त करते हुए लिखा कि सरकार में दस साल रहने के बाद यूपीए के पूर्व मंत्रियों को अभी भी पता नहीं है कि वित्त सचिव केवल वित्त मंत्रालय में वरिष्ठतम सचिव को दिया गया ओहदा है।

सिलसिलेवार ट्वीट्स करते हुए जेटली ने लिखा:

“झूठ के आधार पर कॉन्ग्रेस द्वारा एक और संविधान संस्था CAG पर हमला किया जा रहा है। रक्षा मंत्रालय की फ़ाइलों को सचिव (व्यय) द्वारा निपटाया जाता है। रक्षा मंत्रालय की व्यय फ़ाइलों में सचिव (आर्थिक मामलों) की कोई भूमिका नहीं है।”

शेयर करें, मदद करें:
Support OpIndia by paying for content

यू-ट्यूब से

बड़ी ख़बर

इनकी सावरकर से दुश्मनी केवल इसलिए है क्योंकि वह हिंदूवादी थे, और कॉन्ग्रेस की राजनीति मुस्लिम तुष्टिकरण की है। हिन्दूफ़ोबिया इनकी वैचारिक नसों में है, तो इसलिए हिन्दू हितों की बात करने वाले को खलनायक या कमज़ोर दिखाना तो हिन्दूफ़ोबिया की तार्किक परिणति होगा ही।

ज़्यादा पढ़ी गईं ख़बरें

पति ने TIK-TOK चलाने से किया मना, पत्नी ने की आत्महत्या, रिकॉर्ड किया मौत का वीडियो

24 वर्षीय अनीता की शादी 29 साल के पलानीवेल के साथ हुई थी। उनके चार साल की एक बेटी और दो साल का एक बेटा भी है।
दीदी, सुरक्षा दो या इस्तीफा

सईद की मौत पर 200 दंगाईयों को बुलाकर डॉक्टरों पर हमला करने वालों को ममता क्यों बचा रही है?

पथराव शुरू हुआ, डॉक्टरों पर जानलेवा हमले हुए तो पुलिस ने क्यों नहीं रोका? क्यों डॉक्टरों की जान बचाने के लिए दंगाईयों पर नियंत्रण के लिए कड़ी कार्रवाई नहीं की गई? जवाब हम सब को पता है। क्योंकि हमलावर मुसलमान थे- अगर उन्हें कुछ हो जाता तो ममता के वोट बैंक को खतरा था।
कमांडो निराला (फाइल फोटो)

देश के लिए बलिदान हुए थे कॉर्पोरल निराला, गरुड़ कमांडो ने पैसे जुटाकर कराई बहन की शादी

कमांडो निराला की बहन की शादी के लिए गरुड़ कमांडो यूनिट ने आपस में चंदा कर ₹5 लाख इकठ्ठा किए थे। यही नहीं, शादी की रस्म पूरी करने के लिए कमांडोज़ ने शादी में शिरकत भी की।
दि प्रिंट और दीपक कल्लाल

सेक्स ही सेक्स… भाई साहब आप देखते किधर हैं, दि प्रिंट का सेक्सी आर्टिकल इधर है

बढ़ते कम्पटीशन के दौर में सर्वाइवल और नाम का भार ढोते इन पोर्टलों के पास नग्नता और वैचारिक नकारात्मकता के अलावा फर्जीवाड़ा और सेक्स ही बचता है जिसे हर तरह की जनता पढ़ती है। लल्लनपॉट यूनिवर्सिटी से समाज शास्त्र में पीएचडी करने वाले ही ऐसा लिख सकते हैं।

NDTV के प्रणय रॉय और राधिका रॉय को झटका, SEBI ने 2 साल के लिए किया बैन

NDTV पिछले कई सालों से वित्तीय अनियमितताओं और टैक्स फ्रॉड के कारण जाँच एजेंसियों के रडार पर थी। सेबी ने सिक्योरिटी एक्सचेंज मार्केट में लेन-देन और NDTV मैनेजमेंट में किसी भी पोस्ट से 2 साल के लिए बाहर कर दिया है।
सावरकर (साभार: इंडियन एक्सप्रेस)

सावरकर ‘वीर’ तब तक नहीं होंगे जब तक हिन्दू अपनी कहानियाँ खुद सुनाना नहीं सीखते

इनकी सावरकर से दुश्मनी केवल इसलिए है क्योंकि वह हिंदूवादी थे, और कॉन्ग्रेस की राजनीति मुस्लिम तुष्टिकरण की है। हिन्दूफ़ोबिया इनकी वैचारिक नसों में है, तो इसलिए हिन्दू हितों की बात करने वाले को खलनायक या कमज़ोर दिखाना तो हिन्दूफ़ोबिया की तार्किक परिणति होगा ही।

सरकारी डॉक्टर की जान बनाम मुस्लिम वोटबैंक को निहारती निर्मम ममता जो दंगे पीती, खाती और सोती है

ये भीड़ इतनी जल्दी कैसे आती है, कहाँ हमला करती है और किधर गायब हो जाती है? क्या पुलिस ने नहीं देखा इन्हें? क्या हॉस्पिटल में सुरक्षा के लिए पुलिस आदि नहीं होती या फिर इस पहचानहीन भीड़ का सामूहिक चेहरा ममता की पुलिस ने पहचान लिया और उन्हें वो करने दिया जो वो कर गए?
ममता बनर्जी

घमंडी, फासीवादी, सांप्रदायिक, स्वेच्छाचारी, हिंसक, असंवैधानिक, तानाशाह, भ्रष्ट, अलगाववादी: यही हैं ममता

यह इकोसिस्टम कुतर्क में उस्ताद है। बंगाल की हर हिंसा में तृणमूल के साथ बराबर का भागीदार भाजपा को बना देता है। सांप्रदायिकता में भी यही रवैया अपनाता है।
अमित शाह, जदयू प्रवक्ता

अमित शाह और BSF को कोसने के बाद JDU प्रवक्ता ने खुद दिया इस्तीफ़ा

11 तारीख़ को आलोक ने ट्विटर पर एक पोस्ट किया था। इस पोस्ट में उन्होंने बांग्लादेशी शरणार्थियों के मुद्दे पर गृह मंत्री अमित शाह पर तंज कसा था। साथ ही एक ट्वीट में उन्होंने बीएसएफ अधिकारियों पर भी निशाना साधा था।
अक्षय पात्र, पुरस्कार

Akshay-Patra को मिला ग्लोबल अवॉर्ड, द हिंदू खोजता रह गया लहसुन-प्याज

इस पुरस्कार को देने के दौरान निर्णायक पैनल के प्रमुख शेफ़ सामीन नोसरात ने कहा कि स्कूलों में भोजन उपलब्ध कराना अद्भुत और शानदार कार्य है। बच्चों को भोजन करवाना सबसे महत्तवपूर्ण हैं। इस प्रकार के प्रयासों की सराहना की जानी चाहिए।

ताज़ा ख़बरें

हमसे जुड़ें

50,115फैंसलाइक करें
8,751फॉलोवर्सफॉलो करें
69,712सब्सक्राइबर्ससब्सक्राइब करें

ज़रूर पढ़ें

शेयर करें, मदद करें: