Wednesday, July 28, 2021
Homeविविध विषयमनोरंजनArticle-15 फिल्म के प्रदर्शन पर कानपुर में बवाल, DM ने फिल्म पर लगाई रोक

Article-15 फिल्म के प्रदर्शन पर कानपुर में बवाल, DM ने फिल्म पर लगाई रोक

दरअसल, इस फिल्म दिखाया गया है कि उत्तर प्रदेश के बदायूँ जिले में दो चचेरी बहनों के साथ गैंग रेप के बाद उनके शव पेंड़ से लटके हुए हैं। फिल्म में लड़कियों और उनके परिवार पर जुल्म करने वालों को महंत के बेटों के रूप में दिखाया गया है, जबकि.....

अभिनेता आयुष्मान खुराना अभिनीत फिल्म Article-15 शुक्रवार (जून 28, 2019) को रिलीज हो गई है। उत्तर प्रदेश के कानपुर में इस फिल्म को लेकर बवाल भी शुरू हो चुका है। इस फिल्म के विरोध में अखिल भरतीय सर्व ब्राम्हण महासभा के सैकड़ों कार्यकर्ता सड़क पर उतर आए। इस दौरान उन्होंने कमिश्नर और डीएम को एक ज्ञापन देते हुए इस फिल्म के रिलीज होने पर रोक लगाए जाने की माँग की है। ऐसा नहीं होने पर वो लोग टॉकीजों के अंदर घुसकर जबरन फिल्म को नहीं चलने देने का ऐलान किया है।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, कानपुर में ब्राह्मण समाज के सैकड़ों लोगों ने इस फिल्म का जबरदस्त विरोध किया। इस दौरान लोगों ने फिल्म और आयुष्मान के खिलाफ नारेबाजी करते हुए सिनेमाघरों में लगे पोस्टरों को फाड़ दिया। इस बीच कानपुर शहर स्थित जेड स्क्वायर मॉल में पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच जमकर झड़प भी हुई। बवाल बढ़ता देख कई थानों की फोर्स को बुलाकर हालात काबू में किया गया। फिलहाल हंगामे को देखते हुए जिला प्रशासन ने Article-15 फिल्म के सभी शो अस्थाई तौर पर बंद करा दिए हैं।

दरअसल, इस फिल्म दिखाया गया है कि उत्तर प्रदेश के बदायूँ जिले में दो चचेरी बहनों के साथ गैंग रेप के बाद उनके शव पेंड़ से लटके हुए हैं। आरोप है कि फिल्म में लड़कियों और उनके परिवार पर जुल्म करने वालों को महंत के बेटों के रूप में दिखाया गया है, जबकि वहीं पीड़ितों को दलित दिखाया है। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि इस फिल्म के माध्यम से उनकी छवि को धूमिल किया जा रहा है और समाज को बाँटने का भी काम हो रहा है। इस दौरान राष्ट्रीय ब्राह्मण महासंघ के कार्यकर्ताओं ने फिल्म के प्रदर्शन पर रोक लगाने की माँग करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नाम डीएम को एक ज्ञापन दिया।

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

‘मोदी सिर्फ हिंदुओं की सुनते हैं, पाकिस्तान से लड़ते हैं’: दिल्ली HC में हर्ष मंदर के बाल गृह को लेकर NCPCR ने किए चौंकाने...

एनसीपीसीआर ने यह भी पाया कि बड़े लड़कों को भी विरोध स्थलों पर भेजा गया था। बच्चों को विरोध के लिए भेजना किशोर न्याय अधिनियम, 2015 की धारा 83(2) का उल्लंघन है।

उत्तर-पूर्वी राज्यों में संघर्ष पुराना, आंतरिक सीमा विवाद सुलझाने में यहाँ अड़ी हैं पेंच: हिंसा रोकने के हों ठोस उपाय  

असम के मुख्यमंत्री नॉर्थ ईस्ट डेमोक्रेटिक अलायंस के सबसे महत्वपूर्ण नेता हैं। उनके और साथ ही अन्य राज्यों के मुख्यमंत्रियों के लिए यह अवसर है कि दशकों से चल रहे आंतरिक सीमा विवाद का हल निकालने की दिशा में तेज़ी से कदम उठाएँ।

प्रचलित ख़बरें

- विज्ञापन -

 

हमसे जुड़ें

295,307FansLike
111,660FollowersFollow
394,000SubscribersSubscribe