काबुल में मानव बम ने खुद को उड़ाया: शादी का जश्न मातम में बदला, 63 मरे-182 जख्मी

काबुल में इस महीने यह दूसरा हमला है। 8 अगस्त को हुए धमाके में 14 लोग मारे गए थे जबकि 145 घायल हुए थे। पश्चिमी इलाके में अफगान सुरक्षाकर्मियों को तालिबान ने अपना निशाना बनाया था।

अफगानिस्तान की राजधानी काबुल में शनिवार (अगस्त 17, 2019) देर रात हुए बड़े आत्‍मघाती बम विस्फोट में लगभग 63 लोगों की मौत हो गई, जबकि 182 से अधिक लोग घायल हैं। अफगानिस्तान के गृह मंत्रालय के प्रवक्ता नुसरत रहीमी ने इसकी जानकारी दी। विस्फोट पश्चिम काबुल के एक वेडिंग हॉल में हुआ। शादी समारोह में एक हजार से ज्‍यादा मेहमान उपस्थित थे। मरने वालों की संख्या और बढ़ने की आशंका है।

नुसरत रहीमी ने बताया कि घटना शनिवार रात स्थानीय समय के अनुसार 10.40 (भारतीय समयानुसार रात 11.40) बजे की है। उनका कहना है कि हमलावर ने समारोह के दौरान उपस्थित लोगों के बीच विस्‍फोट कर दिया। यह विस्‍फोट शादी के स्‍टेज के पास हुआ, जहाँ म्‍यूजिशियन उपस्थित थे। एक प्रत्‍यक्षदर्शी का दावा है कि हमले में कई बच्‍चे भी मारे गए हैं। विस्‍फोट के बाद वेडिंग हॉल में अफरातफरी और चीख पुकार मच गई। फिलहाल इस हमले की किसी ने जिम्मेदारी नहीं ली है। धमाका दारुलमान इलाके में हुई, जहाँ अल्पसंख्यक शिया हजारा समुदाय के लोग काफी संख्या में रहते हैं।

गौरतलब है कि, है कि काबुल में इस महीने यह दूसरा हमला है। 8 अगस्त को हुए धमाके में 14 लोग मारे गए थे जबकि 145 घायल हुए थे। पश्चिमी इलाके में अफगान सुरक्षाकर्मियों को तालिबान ने अपना निशाना बनाया था। उस समय आतंकियों ने सबसे पहले सरकारी कार्यालय के बाहर एक विस्फोट किया था और उसके बाद दो बंदूकधारी इमारत के अंदर घुसे और वहाँ उपस्थित लोगों तथा सुरक्षाकर्मियों पर गोली बरसाने लगे। पश्चिमी काबुल का इलाका तालिबान के आतंकियों के निशाने पर हमेशा से ही रहा है।

शेयर करें, मदद करें:
Support OpIndia by paying for content

यू-ट्यूब से

बड़ी ख़बर

जाधवपुर यूनिवर्सिटी अक्सर वामपंथी छात्र संगठनों की करतूतों से चर्चा में रहता है। 2016 में जेएनयू की तरह यहॉं के भी छात्रों ने अफजल के समर्थन में नारे लगाए थे। 2014 में सरेआम एक-दूसरे को चुंबन लेकर अपनी अभिव्यक्ति का इजहार किया था। अब विरोध के नाम पर न केवल केंद्रीय मंत्री के साथ बदतमीजी की गई है, बल्कि राज्यपाल को भी परिसर में प्रवेश करने से रोकने की कोशिश की गई ।

ज़्यादा पढ़ी गईं ख़बरें

हिन्दू बाबा बनकर तमिल नाडु में क्या कर रहा था अब्दुल वहाब?

महाराष्ट्र निवासी अब्दुल वहाब तमिलनाडु में भगवा लिबास में पकड़ा गया, दरगाह पर सोने से हुआ शक

उस पर किसी को शक न होता अगर उसने एक गलती न की होती- उसने सोने की जगह गलत चुनी। वहाब सोने के लिए हिन्दू साधु के भेष में ही दरगाह पर जाता था।
नितिन गडकरी

भारी चालान से परेशान लोगों के लिए गडकरी ने दी राहत भरी खबर, अब जुर्माने की राशि 500-5000 के बीच

1 सितंबर 2019 से लागू हुए नए ट्रैफिक रूल के बाद से चालान के रोजाना नए रिकॉर्ड बन और टूट रहे हैं। दिल्ली से लेकर अन्य राज्यों में कई भारी-भरकम चालान काटे गए जो मीडिया में छाए रहे जिसे देखकर कुछ राज्य सरकारों ने पहले ही जुर्माने की राशि में बदलाव कर दिया था।
फवाद हुसैन

आपके पैदा होने पर कंडोम बनाने वालों ने आपके अम्मी-अब्बू से माँगी होगी माफी, Pak मंत्री को ऐसे पड़ी लताड़

इस ट्वीट पर भारतीयों द्वारा भी उन्हें जमकर खरी खोटी सुनाई गई। उन्हें कहा गया कि उनके पास दिमाग बच्चों वाला है और पाकिस्तान ने उन्हें विज्ञान और तकनीक मंत्री बनाया हुआ है।
जशोदाबेन, ममता बनर्जी

PM मोदी से पहले जशोदाबेन से मिलने को दौड़ीं ममता बनर्जी, भेंट की साड़ी

जशोदाबेन को देखते ही ममता बनर्जी उनकी ओर दौड़ पड़ीं और बातचीत के बाद साड़ी भेंट की। लोकसभा चुनावों के दौरान अक्षय कुमार को दिए इंटरव्यू में नरेंद्र मोदी ने जिक्र किया था ममता बनर्जी उन्हें हर साल कुर्ते और मिठाइयॉं भेजा करती हैं।
तजिंदर बग्गा, एंड्रिया डिसूजा

‘₹500 में बिक गईं कॉन्ग्रेस नेता’: तजिंदर बग्गा ने खोली रिया (असली नाम एंड्रिया डिसूजा) की पोल

बग्गा ने रिया को व्हाट्सएप मैसेज किया और कहा कि वो उनसे एक प्रमोशनल ट्वीट करवाना चाहते हैं। रिया ने इसके लिए हामी भर दी और इसकी कीमत पूछी। बग्गा ने रिया को प्रत्येक ट्वीट के लिए 500 रुपए देने की बात कही। रिया इसके लिए भी तैयार हो गई और एक फेक ट्वीट को...
बलवंत मेहता (बाएँ) और कैस हुसैन (दाहिने)

गुजरात का वो मुख्यमंत्री जिसे Pak एयर फोर्स ने हवा में ही मार डाला था, आज ही के दिन, ठीक 54 साल पहले

पाकिस्तानी एयरफोर्स ने हिंदुस्तानी वायुसीमा के भीतर घुसकर मुख्यमंत्री बलवंत राय मेहता के विमान पर हमला कर दिया। CM के पायलट ने डैने ज़ोर-ज़ोर से हिलाकर नागरिक विमान होने का संकेत भी दिया लेकिन Pak के फाइटर पायलट ने पहले बायाँ और फिर दायाँ डैना पर...
राम-जानकी विवाह मंडप

तुलसी बाबा ने यूॅं ही नहीं लिखा- झूठइ लेना झूठइ देना, झूठइ भोजन झूठ चबेना

सुन्नी वक्फ बोर्ड के वकील राजीव धवन को केवल इस बात का सबूत चाहिए कि अयोध्या के किस खास जगह पर राम का जन्म हुआ था। वरना इकबाल के इमाम-ए-हिंद को वे भी याद करते हैं। कृपानिधान तो वाजिद अली शाह के भी राम ही थे। लेकिन, किसी ने न लिखा, न गाया। राम किस प्लॉट में पैदा हुए थे?
दिग्विजय के भाई लक्ष्मण सिंह

क़र्ज़माफ़ी संभव नहीं, राहुल गाँधी को नहीं करना चाहिए था वादा: दिग्विजय के भाई लक्ष्मण सिंह

राहुल गाँधी ने चुनाव के दौरान सरकार गठन के 10 दिनों के भीतर किसानों की क़र्ज़माफ़ी करने का ऐलान किया था। लेकिन लक्ष्मण सिंह के कहना है कि क़र्ज़माफ़ी किसी भी क़ीमत पर संभव नहीं है। राहुल गाँधी को ऐसा वादा नहीं करना चाहिए था।
अयोध्या विवाद

मंदिर के मलबे पर ही बनी थी बाबरी मस्जिद, 53 मुसलमानों ने पाताल से निकाले मंदिर के सबूत

पुरातात्विक अध्ययन के लिए 1976-77 प्रो. बीबी लाल की अगुवाई में अयोध्या में हुई खुदाई के दौरान ही इस बात के सबूत मिल गए थे कि मस्जिद कभी मंदिर था। हाई कोर्ट के आदेश पर 2003 में हुई खुदाई से सबूतों की झड़ी लगी। वे सबूत जिनसे बाबरी मस्जिद का दावा कमजोर हुआ और जो हाई कोर्ट के फैसले का आधार बने।
नितिन गडकरी

जानिए क्या हुआ जब बिना जाँचे ही नितिन गडकरी की कार का बना दिया पॉल्यूशन सर्टिफिकेट

डेक्कन पुलिस स्टेशन में PUC सेंटर के खिलाफ मामला दर्ज करवा दिया गया है। बताया जा रहा है कि यह काम किसी एक व्यक्ति ने किया है। हालाँकि उसके नाम का अभी खुलासा नहीं किया गया है।

ताज़ा ख़बरें

हमसे जुड़ें

91,456फैंसलाइक करें
15,324फॉलोवर्सफॉलो करें
97,800सब्सक्राइबर्ससब्सक्राइब करें

ज़रूर पढ़ें

शेयर करें, मदद करें: