कश्मीर पर तुर्की के पाक समर्थन से रिश्तों में आई तल्खी के बीच भारत ने यात्रियों के लिए जारी की एडवाइजरी

"अभी तक तुर्की में भारतीय नागरिकों को लेकर हुई किसी अप्रिय घटना की कोई रिपोर्ट नहीं है, लेकिन यात्रियों को सलाह है कि तुर्की की यात्रा करते समय सावधानी बरतें। जिन्हें सलाह की ज़रूरत है वे दिए गए हेल्पलाइन नंबरों के ज़रिए भारतीय मिशन या पोस्ट के सम्पर्क में आ सकते हैं।"

भारत सरकार ने आज (बुधवार, 23 अक्टूबर, 2019 को) तुर्की की यात्रा करने के बारे में अपने नागरिकों को चेताया है। चेतावनी के लिए भारत सरकार ने एक एडवाइजरी जारी की है, जिसमें भारतीय नागरिकों को कहा गया है कि यदि वे यूरेशिया (यूरोप और एशिया महाद्वीपों के बीच का भाग) में स्थित इस देश की यात्रा करते हैं तो बहुत सावधानी बरतें। भारतीय दूतावास ने हेल्पलाइन नंबर भी साझा किए हैं जिनसे इस मध्य पूर्व (मिडिल ईस्ट) के देश में फँसे भारतीय लोग सहायता प्राप्त कर सकते हैं।

भारत की सरकार को तुर्की की यात्रा कर रहे भारतीय लोगों से लगातार सवाल मिल रहे हैं क्षेत्र के हालातों को देखते हुए। हालाँकि उस देश में भारतीय नागरिकों को लेकर हुई किसी अप्रिय घटना की कोई रिपोर्ट अब तक नहीं है, लेकिन यात्रियों को सलाह है कि तुर्की की यात्रा करते समय सावधानी बरतें। जिन्हें सलाह की ज़रूरत है वे दिए गए हेल्पलाइन नंबरों के ज़रिए भारतीय मिशन या पोस्ट के सम्पर्क में आ सकते हैं।” तुर्की की राजधानी अंकारा में स्थित भारतीय दूतावास ने ट्वीट करते हुए कहा।

भारत और तुर्की के बीच के रिश्ते ख़राब हो चुके हैं जब से उसके राष्ट्रपति रेसेप तय्यिप एर्डोगन ने नई दिल्ली के कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाने के निर्णय का विरोध पिछले महीने (सितंबर 2019) में अमेरिका के न्यू यॉर्क शहर में हुए 73वें संयुक्त राष्ट्र महासभा अधिवेशन में किया था। नई दिल्ली ने इसका कड़ा विरोध करते हुए अंकारा को आड़े हाथ लिया था और उसे नसीहत भी दी थी कि “ज़मीन पर जो हालात हैं”, वह ऐसे संवदनशील मुद्दे पर बयान देने के पहले उन्हें समझे। भारत यही नहीं रुका। इसके बाद भारत ने उत्तर-पूर्वी सीरिया के ख़िलाफ़ तुर्की के सैन्य हमले को लेकर भी गहरी चिंता व्यक्त की। भारत ने चेताया कि अंकारा के हरकतों से क्षेत्र की स्थिरता के लिए खतरा पैदा हो सकता है।

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“हम उत्तर-पूर्वी सीरिया में तुर्की की एकतरफ़ा सैन्य हमले को लेकर चिंता में हैं। तुर्की की हरकतों से क्षेत्र की स्थिरता और आतंक के खिलाफ़ लड़ाई को खतरा हो सकता है। उसके क्रियाकलापों से मानवीय और नागरिक संकट पैदा होने की भी संभावना है। हम तुर्की से संयम बरतने की अपील करते हैं।” विदेश मंत्रालय प्रवक्ता रवीश कुमार ने 10 अक्टूबर को कहा था।

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