कबूतरों के बाद पाक की नई करतूत: रेडियो से जैश, लश्कर और अल बद्र के आतंकियों से साध रहा संपर्क

अपनी घटिया हरकतों और पीठ के पीछे से वार करने की आदतों से मजबूर पाकिस्तान Fm ट्रांसमिशन के अलावा कबूतरों के जरिए भी आतंकियों के साथ संपर्क साधने की कोशिश कर रहा चुका हैं। जिसे बीएसएफ 32 बटालियन ने पकड़कर कैद कर लिया था।

हाल ही में भारतीय खुफिया एजेंसियों ने कुछ कोड वर्ड्स का खुलासा करते हुए बताया है कि पाकिस्तान और वहाँ के आतंकी संगठन, जम्मू और कश्मीर के आंतकवादियों से संपर्क साधने के लिए इनका इस्तेमाल कर रहे हैं, ताकि क्षेत्र में हिंसा फैलाई जा सके।

एजेंसी ने खुलासा करते हुए बताया था कि कोड वर्ड्स POK के नियंत्रण रेखा के पास लगाए गए FM ट्रांसमिशन के जरिए भेजे जाते हैं। इसमें जैश-ए-मोहम्मद के लिए (66/88) Mhz, लश्कर-ए-तैयबा के लिए (ए3) और अल बद्र के लिए (डी 9) बैंड्स रखे गए हैं।

इतना ही नहीं, ये भी मालूम चला है कि 5 अगस्त को अनुच्छेद-370 को निरस्त करने के लगभग एक हफ्ते बाद ये संवाद पाकिस्तान के राष्ट्रगान ‘कौमी तराना’ के माध्यम से स्थापित किया गया था। जिसके बाद ही इस क्षेत्र में लैंडलाइन, मोबाइल फोन और इंटरनेट नेटवर्क को बंद कर दिया गया था। 

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मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो ये कौमी तराने के कई संस्करणों का इस्तेमाल इस कार्य के लिए बहुत तेजी से किया जा रहा है, इसके जरिए पाक सेना और आतंकवादी समूह एफएम ट्रांसमिशन स्टेशनों के माध्यम से अपने संदेश जम्मू-कश्मीर में अपने छिपे आतंकियों को भेजते हैं।

इसके अलावा खूफिया जानकारी में ये भी बताया गया है कि कौमी तराना बजाने के लिए उच्च आवृति वाले रेडियो स्टेशनों का प्रयोग होता है। इसी के जरिए भारत में नियंत्रण रेखा के नजदीक से सिग्नल भेजे जाते थे और इसी का इस्तेमाल करके स्थानीय आतंकियों से संवाद स्थापित किया जाता था।

इसके बाद ये संदेश इस्तेमाल करके (सूत्रों के अनुसार) स्थानीय आतंकी हिंसा करने व आसपास के गाँव वालों को गुमराह करने के लिए उपयोग करते थे।

यहाँ जानकारी के लिए बता दें कि 28 अगस्त को मिली खुफिया रिपोर्ट के अनुसार कि पाकिस्तानी सेना एफएम रेडियो स्टेशन को नियंत्रण रेखा (LoC) के पास शिफ्ट कर रही है। क्योंकि, पाकिस्तान के 10 कोर कमांडर ने सिंगनल कोर को यह काम दिया है। माना जा रहा है इसका उद्देश्य भारत में आतंकियों को भेजना हैं।

गौरतलब है कि अपनी घटिया हरकतों और पीठ के पीछे से वार करने की आदतों से मजबूर पाकिस्तान Fm ट्रांसमिशन के अलावा कबूतरों के जरिए भी आतंकियों के साथ संपर्क साधने की कोशिश कर रहा चुका हैं। जिसे बीएसएफ 32 बटालियन ने पकड़कर कैद कर लिया था।

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