राफ़ेल म्यूज़ियम में घुसा, अपने कपड़े फाड़ डाले और अरबी में लिखी धमकी…

गिरफ्तार व्यक्ति ने म्यूज़ियम की दीवारों पर अरबी भाषा में जो संदेश लिखे, उनमें से अब तक एक का ही अनुवाद होने की बात मीडिया में आ रही है। उस अनुवादित संदेश में लिखा था, "म्यूज़ियम ज़हन्नुम में जाएगा।"

फ़्रांस के दक्षिणी हिस्से के शहर नीस के पास संत राफ़ेल कस्बे में स्थित संत राफ़ेल म्यूज़ियम में एक खलबली वाली स्थिति आज पैदा हो गई। मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक एक व्यक्ति ने म्यूज़ियम में घुस कर दीवारों को गंदा करने के लिए अरबी भाषा में धमकी वाले संदेश लिखने शुरू कर दिए। चार घंटे तक चली जद्दोजहद के बाद ही उसे गिरफ़्तार किया जा सका है।

मेडिटेरेनियन समुद्र के पास स्थित कस्बे संत राफेल के इस म्यूज़ियम में यह घुसपैठिया बताया जा रहा है कि रात को घुस आया था। जब पुलिस ने भवन को घेर लिया, तब भी उसने पुलिस की बातों का जवाब देने से इंकार कर दिया था। स्थानीय पुलिस के एक अनाम अधिकारी के हवाले से टाइम्स ऑफ़ इज़राइल ने बताया कि पुलिस इस संभावना के लिए भी तैयार थी कि उसका कोई दूसरा साथी भी हो सकता है। पुलिस ने उसकी तलाश में साइट की पूरी तलाशी भी ली।

गिरफ्तार व्यक्ति ने म्यूज़ियम की दीवारों पर अरबी भाषा में जो संदेश लिखे, उनमें से अब तक एक का ही अनुवाद होने की बात मीडिया में आ रही है। रिपोर्टों के अनुसार उस अनुवादित संदेश में लिखा था, “म्यूज़ियम ज़हन्नुम में जाएगा।” लिखने वाला मानसिक रूप से बीमार बताया जा रहा है।

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हालाँकि, न ही आरोपित ने किसी को बंधक बनाया और न ही किसी तरह की गोलीबारी या हिंसा की नौबत आई, लेकिन पुलिस हर परिस्थिति के लिए तैयारी के साथ आई थी। बम निरोधी दस्ते (बॉम्ब डिस्पोज़ल स्क्वॉड) को भी मौके पर ही मौजूद रखा गया था। पुलिस ने ट्वीट कर लोगों से म्यूज़ियम के आस-पास के इलाकों से दूर रहने की अपील भी की थी।

संत राफेल म्यूज़ियम एक महत्वपूर्ण ऐतिहासिक स्मारक है। यहाँ एक मध्य युगीन पत्थर का बना चर्च है। इसके अलावा इलाके के रोमन साम्राज्य से जुड़े इतिहास की कहानी कहतीं विभिन्न प्रकार के ग्रीक और रोमन एम्फोरा (दोनों तरफ़ हैंडल वाले जार या जग) समेत कई कलाकृतियाँ म्यूज़ियम में हैं। यह फ़्रांस-इटली की सीमा के पास स्थित है। इसके एक तरफ सेंट टोपेज़ है और दूसरी तरफ़ अपने फिल्म फेस्टिवल के लिए जाना जाने वाला कांस।

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