श्री लंका: ‘हिंसा में मुसलमान अपने घरों से निकलकर खेतों में छुप गए, पुलिस तमाशा देखती रही’

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक भीड़ ने मुख्य मस्जिद, 17 मुस्लिम स्वामित्व वाले कारोबार और 50 घरों पर हमला किया। 48 साल के अब्दुल बारी ने बताया कि दुकान को पेट्रोल बम से जला दिया गया, उन्होंने कहा कि हमलावर मोटरबाइकों पर थे, जो छड़ और तलवारों से लैस थे।

अप्रैल के महीने श्री लंका में हुए आत्मघाती हमलों में 250 से अधिक लोगों की मौत हो गई थी। श्रीलंकाई लोगों को यह जानकर बहुत बड़ा झटका लगा था कि उन हमलों के पीछे स्थानीय मुसलमानों का हाथ हो सकता है। श्रीलंका में ईस्टर संडे के आत्मघाती हमले के कारण देश में सांप्रदायिक हिंसा काफी ज्यादा भड़क चुकी है। इसको लेकर प्रशासन भी लगातार कदम उठा रहा है।

इस्लामिक आतंकियों द्वारा चर्च और होटलों में की गई खतरनाक बमबारी के बाद से श्री लंका में मुस्लिम समुदाय के लोगों को निशाना बनाया जा रहा है। मस्जिदों और मुस्लिम समुदाय के व्यापार पर हमले के बाद श्रीलंका के कई इलाकों में भारी संख्या में सुरक्षाकर्मियों को तैनात किया गया है। श्री लंका के सैनिकों ने बख्तरबंद वाहनों में इस हफ्ते हिंसा की चपेट में आए क्षेत्रों का दौरा किया। इस दौरान निवासियों का कहना है कि हिंसा के वक्त मुसलमान अपने घरों और दुकानों से निकलकर धान के खेतों में छुप रहे थे और वहीं पुलिस खड़ी हिंसा देखती रही।

पुलिस और निवासियों के अनुसार, फेसबुक पर शुरू हुए विवाद के बाद कई दर्जन लोगों ने रविवार (मई 12, 2019) को क्रिश्चियन-बहुल वाले शहर चिलवा में मस्जिदों और मुस्लिमों के दुकानों पर पत्थर फेंके और एक व्यक्ति को खूब पीटा। वहाँ के अधिकारियों का कहना है कि उन्होंने एक विवादित फेसबुक पोस्ट को लिखने वाले व्यक्ति को गिरफ्तार किया है, जिसकी पहचान 38 वर्षीय अब्दुल हमीद मोहम्मद हसमार के रूप में हुई है।

- विज्ञापन - - लेख आगे पढ़ें -

उसने ऑनलाइन कमेंट में लिखा था, “एक दिन तुम लोगों को रोना है।” लोगों ने इस कमेंट को धमकी के रूप में ले लिया और शहर में हिंसा शुरू हो गया। इस पोस्ट पर मचे बवाल के बाद शहर में कई मस्जिदों और मुस्लिम समुदाय की दुकानों पर पथराव किया गया। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने इलाके में कर्फ्यू लगा दिया था। 

14 मई को श्री लंका के पास के कोट्टमपतिया में एक मस्जिद में भीड़ के हमले के बाद श्री लंका के सैनिकों ने बख्तरबंद वाहन के जरिए हेटिपोला की सड़कों पर गश्त लगाई। अधिकारियों ने कहा कि सबसे अधिक प्रभावित उत्तर-पश्चिमी हिस्सों में स्थिति नियंत्रण में थी, जबकि मुस्लिम विरोधी भीड़ रविवार से शहर से शहर जा रही थी। श्री लंका में तनाव का माहौल है और सांप्रदायिक हिंसा भड़की हुई है। इस हिंसा में मुस्लिम विरोधी भीड़ ने मस्जिदों पर हमला किया। इसके अलावा हिंसा के दौरान मुस्लिमों के धार्मिक ग्रंथ कुरान को भी जला दिया गया।

कोट्टमपिटिया शहर में एक मस्जिद के बाहर इकट्ठा हुए लोगों के समूह में से एक ने बताया, “मुस्लिम समुदाय के लोग पास के धान के खेतों में छुप गए। जिसके कारण किसी की जान नहीं गई।” उन्होंने बताया कि सोमवार की दोपहर के बाद लगभग एक दर्जन लोगों का एक समूह टैक्सियों में आया था और मुस्लिमों के स्वामित्व वाले स्टोर पर पत्थरों से हमला किया। देखते ही देखते भीड़ ने काफी नुकसान किया। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक भीड़ ने मुख्य मस्जिद, 17 मुस्लिम स्वामित्व वाले कारोबार और 50 घरों पर हमला किया। 48 साल के अब्दुल बारी ने बताया कि दुकान को पेट्रोल बम से जला दिया गया, उन्होंने कहा कि हमलावर मोटरबाइकों पर थे, जो छड़ और तलवारों से लैस थे।

साथ ही वहाँ के लोगों ने भीड़ को तितर-बितर करने में विफल रहने के लिए पुलिस को दोषी ठहराया। 47 साल के मोहम्मद फलील के अनुसार, “पुलिस देखती रही, वे गली में थे। उन्होंने किसीको भी नहीं रोका। उन्होंने हमें अंदर जाने के लिए कहा। हमने पुलिस को कहा कि इसे रोको, लेकिन पुलिस ने गोली नहीं चलाई। पुलिस को ये रोकना था, लेकिन पुलिस ने ऐसा नहीं किया।”

वहीं, पुलिस के प्रवक्ता रूवान गुणसेकेरा ने उन आरोपों को खारिज कर दिया, जिसमें कहा गया है कि हिंसा के दौरान पुलिस खड़ी थी। उन्होंने कहा कि सुरक्षा की स्थिति नियंत्रण में थी और अपराधियों को दंडित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि सभी पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि हिंसा करने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाए। साथ ही ज्यादा से ज्यादा पुलिस बल का इस्तेमाल किए जाने की बात भी कही गई है। अपराधियों को 10 साल की जेल की सजा हो सकती है। वहीं इस मामले में श्रीलंका के प्रधानमंत्री रानिल विक्रमसिंघे ने कहा कि सोमवार देर रात उन्होंने सुरक्षा बलों को मुस्लिम विरोधी हिंसा के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की जिम्मेदारी दी थीं।

शेयर करें, मदद करें:
Support OpIndia by paying for content

यू-ट्यूब से

बड़ी ख़बर

हम 'हिन्दू होमलैंड' इज़राइल की तर्ज पर बना सकते हैं, जहाँ हर नागरिक के अधिकार समान होंगे, लेकिन प्रताड़ित हिन्दुओं के लिए हिंदुस्तान 'होमलैंड' दे सकता है।

ज़्यादा पढ़ी गईं ख़बरें

हरीश जाटव

दलित युवक की बाइक से मुस्लिम महिला को लगी टक्कर, उमर ने इतना मारा कि हो गई मौत

हरीश जाटव मंगलवार को अलवर जिले के चौपांकी थाना इलाके में फसला गाँव से गुजर रहा था। इसी दौरान उसकी बाइक से हकीमन नाम की महिला को टक्कर लग गई। जिसके बाद वहाँ मौजूद भीड़ ने उसे पकड़कर बुरी तरह पीटा।
मोहम्मद अंसारी

गाय से दुष्कर्म के आरोपित को पकड़वाने वाले कार्यकर्त्ता गिरफ्तार, ‘धार्मिक भावना आहत करने’ का आरोप

अभि, सुशांत और प्रज्वल के खिलाफ 'धार्मिक भावनाओं को आहत' करने के साथ ही अन्य मामलों में केस दर्ज किया गया है। इन तीनों ने ही गाँव के लोगों के साथ मिलकर अंसारी को गाय से दुष्कर्म करते हुए रंगे हाथ पकड़ा था।
गाय, दुष्कर्म, मोहम्मद अंसारी, गिरफ्तार

गाय के पैर बाँध मो. अंसारी ने किया दुष्कर्म, नारियल तेल के साथ गाँव वालों ने रंगे हाथ पकड़ा: देखें Video

गुस्साए गाँव वालों ने अंसारी से गाय के पाँव छूकर माफी माँगने को कहा, लेकिन जैसे ही अंसारी वहाँ पहुँचा, गाय उसे देखकर डर गई और वहाँ से भाग गई। गाय की व्यथा देखकर गाँव वाले उससे बोले, "ये भाग रही है क्योंकि ये तुमसे डर गई। उसे लग रहा है कि तुम वही सब करने दोबारा आए हो।"
मोहसिन अब्बास हैदर

कई बार लात मारी, चेहरे पर मुक्के मारे: एक्टर मोहसिन अब्बास हैदर की पत्नी ने लगाए गंभीर आरोप

“जब मैं अस्पताल में कराह रही थी तब मेरा मशहूर पति अपनी गर्लफ्रेंड के साथ सो रहा था। 2 दिन बाद केवल दिखावे और प्रचार के लिए वो अस्पताल आया, बच्चे के साथ फोटो ली और फिर उसे पोस्ट कर दिया। उसे बच्चे की फिक्र नहीं थी। वह केवल प्रचार करना चाहता था।”
ये कैसा दमा?

प्रियंका चोपड़ा का अस्थमा सिगरेट से नहीं, केवल दिवाली से उभरता है?

पिछले साल दिवाली के पहले प्रियंका चोपड़ा का वीडियो आया था- जिसमें वह जानवरों, प्रदूषण, और अपने दमे का हवाला देकर लोगों से दिवाली नहीं मनाने की अपील की थी। लेकिन इस 'मार्मिक' अपील के एक महीने के भीतर उनकी शादी में पटाखों का इस्तेमाल जमकर हुआ।
प्रेम विवाह

मुस्लिम युवती से शादी करने वाले हिन्दू लड़के पर धर्म परिवर्तन का दबाव, जिंदा जलाने की धमकी

आरजू अपने पति अमित के साथ एसपी से मिलने पहुँची थी। उसने बताया कि उन दोनों ने पिछले दिनों भागकर शादी की थी। कुछ दिन बाद जब इसकी भनक ग्रामीणों को लगी तो उन्होंने लड़के और उसके परिवार को मारपीट करके गाँव से निकाल दिया।
राजनीतिक अवसरवादिता

जिस हत्याकाण्ड का आज शोक मना रहीं ममता, उसी के ज़िम्मेदार को भेजा राज्य सभा!

हत्यकाण्ड के वक्त प्रदेश के गृह सचिव रहे गुप्ता ने तत्कालीन प्रधानमंत्री नरसिम्हा राव के पीएमओ को जवाब देते हुए ममता बनर्जी के आरोपों को तथ्यहीन बताया था।
अरुप हलधर

राष्ट्रगान के दौरान ‘अल्लाहु अकबर’ का विरोध करने पर रफीकुल और अशफुल ने 9वीं के छात्र अरुप को पीटा

इससे पहले 11 जुलाई 2019 को पश्चिम बंगाल के हावड़ा स्थित श्री रामकृष्ण शिक्षालय नामक स्कूल में पहली कक्षा में पढ़ने वाले छात्र आर्यन सिंह की शिक्षक ने क्लास में 'जय श्री राम' बोलने पर बेरहमी से पिटाई कर दी थी।
भाजपा नेता

गाजियाबाद में भाजपा नेता की हत्या, शाहरुख़ और तसनीम गिरफ्तार

तोमर जहाँ गोलियाँ मारी गई वहां से पुलिस स्टेशन से मात्र 50 मीटर की दूरी पर है। एसएचओ प्रवीण शर्मा को निलंबित कर दिया गया है।
मुजफ्फरनगर दंगा

मुजफ्फरनगर दंगा: अखिलेश ने किए थे हिंदुओं पर 40 केस, मुस्लिमों पर 1, सारे हिंदू बरी

हत्या से जुड़े 10, सामूहिक बलात्कार के 4 और दंगों के 26 मामलों के आरोपितों को अदालत ने बेगुनाह माना। सरकारी वकील के हवाले से बताया गया है कि अदालत में गवाहों के मुकरने के बाद अब राज्य सरकार रिहा आरोपितों के संबंध में कोई अपील नहीं करेगी।

ताज़ा ख़बरें

हमसे जुड़ें

57,810फैंसलाइक करें
9,859फॉलोवर्सफॉलो करें
74,909सब्सक्राइबर्ससब्सक्राइब करें

ज़रूर पढ़ें

शेयर करें, मदद करें: