‘मोदी कर रहे भय और प्रतिशोध की राजनीति’ – पाकिस्तानी पापा की जानकारी छुपाने वाले पत्रकार ने उगला जहर

"मेरे पास एक ऐसा शख़्स है जो सरकार में काम करता है और उसने बताया कि मेरी नागरिकता स्टेटस को एक ऐसे व्यक्ति ने ख़त्म किया है जो PM मोदी को ख़ुश करना चाहता था।"

पत्रकार और लेखक आतिश तासीर, जिनकी भारतीय विदेशी नागरिकता (OCI) का दर्जा पिछले सप्ताह निरस्त कर दिया गया था, उन्होंने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एक ऐसे रास्ते पर भारत का नेतृत्व कर रहे हैं जो भय, राजनीतिक प्रतिशोध और अल्पसंख्यक विरोधी वातावरण की ओर ले जा रहा है।

आतिश तासीर ने न्यूयॉर्क से इंडिया टुडे को दिए साक्षात्कार में कहा, “वो (PM मोदी) इसके वास्तुकार हैं और वो इसके जवाबदेह हैं।”

इंडिया टुडे के टीवी कंसल्टिंग एडिटर राजदीप सरदेसाई से बात करते हुए, आतिश तासीर ने भारत के लोकतंत्र पर भी सवाल खड़े किए। बता दें कि टाइम्स मैगजीन की कवर स्टोरी लिखने वाले तासीर ने PM मोदी को डिवाइडर-इन-चीफ़ कहा था।

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दरअसल, भारतीय गृह मंत्रालय ने ज़रूरी सूचनाएँ छिपाने के कारण आतिश का OCI स्टेटस समाप्त कर दिया था, क्योंकि उसने आवेदन दाखिल करते समय अपने पिता की पाकिस्तानी राष्ट्रीयता की जानकारी छिपाई थी। आतीश ने इस क़दम को एक राजनीतिक प्रतिशोध करार दिया।

आतिश तासीर ने कहा कि इस बात को प्रमाणित करने के लिए उनके पास एक ऐसा शख़्स है जो सरकार में काम करता है और उसने बताया कि उसकी नागरिकता स्टेटस को एक ऐसे व्यक्ति ने ख़त्म किया है जो PM मोदी को ख़ुश करना चाहता था।

आतिश तासीर ने कहा कि हालाँकि लेख का शीर्षक [डिवाइड-इन-चीफ़] पत्रिका द्वारा नहीं बल्कि ख़ुद उसके द्वारा चुना गया था, लेकिन यह सच था कि सरकार प्रतिशोध की राजनीति कर रही है और यह बात व्यवस्थित रूप से लेखकों और पत्रकारों के माध्यम से बाद सामने आ रही है।

इस सन्दर्भ में विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने इस बात से इनकार किया था कि सरकार टाइम पत्रिका में आलेख लिखने के बाद से आतीश तासीर के OCI कार्ड को रद्द करने पर विचार कर रही थी। इस आलेख में प्रधानमंत्री मोदी की आलोचना की गई थी। 

न्यूयॉर्क स्थित लेखक ने मोदी सरकार के इस दावे को ख़ारिज कर दिया कि उसके OCI दर्जे को निरस्त करने के पीछे कोई राजनीतिक कारण नहीं था और यह पूरी तरह से वैधानिक रूप से किया गया था, क्योंकि उसने अपने पिता के बारे में यह तथ्य छिपाया था कि वो पाकिस्तानी थे।

उसने कहा,

“मेरे दस्तावेज़ो को 2000 में मेरी माँ द्वारा दायर किया गया था। उन्होंने भारत में कई वर्षों तक मेरी परवरिश एकल माँ के रूप में की। मेरे माता-पिता की शादी नहीं हुई थी। कोई भी सभ्य सरकार जो प्रतिशोध नहीं लेना चाहती थी, वो आगे आ सकती थी और लापता दस्तावेज़ों या किसी विसंगति के बारे में स्पष्टीकरण माँग सकती थी।”

आतिश तासीर की माँ, तवलीन सिंह, एक प्रसिद्ध भारतीय लेखक और पत्रकार हैं। तासीर के पिता सलमान तासीर एक पाकिस्तानी लेखक और राजनीतिज्ञ थे।

आतीश तासीर ने कहा,

“मैं मोदी जी से अपील करूँगा कि वे प्रतिशोध की इस राजनीति को प्रोत्साहित न करें और यह देखने के लिए कहूँगा कि मैंने कुछ नहीं छिपाया है बल्कि मैं भारतीय मुद्दों में डूबा हुआ लेखक हूँ। और उनसे (PM मोदी) से यह विचार करने के लिए कहूँगा कि मेरी जैसी स्थिति के हर शख़्स को नागरिकता दी जानी चाहिए।” 

ग़ौरतलब है कि नागरिकता अधिनियम के तहत, अगर किसी व्यक्ति ने धोखे से, फ़र्ज़ीवाड़ा कर या तथ्य छुपा कर OCI कार्ड प्राप्त किया है तो OCI कार्ड धारक के रूप में उसका पंजीकरण रद्द कर दिया जाएगा और उसे ब्लैक लिस्ट में डाल दिया जाएगा। साथ ही, भविष्य में उसके भारत में प्रवेश करने पर भी रोक लग जाएगी।

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