सऊदी एयर फोर्स के मो. सईद ने अमेरिका के नौसेना अड्डे पर की गोलीबारी: हमलावर समेत 4 की मौत, 8 घायल

"शूटर सऊदी अरब का था। लंबे समय से अमेरिका के सैन्य अधिकारियों को प्रशिक्षित कर रहा था। इस व्यक्ति के विदेशी नागरिक होने, सऊदी वायु सेना का हिस्सा होने और फिर हमारी धरती पर प्रशिक्षण देने के बारे में कई सवाल उठ रहे होंगे।"

अमेरिका के फ्लोरिडा में शुक्रवार (6 दिसंबर) को नौसेना के अड्डे में सऊदी वायु सेना का एक शूटर घुस आया और उसने अमेरिकी नौसेना स्टेशन में आग लगा दी। फ्लोरिडा के अधिकारियों ने बताया कि इस दौरान तीन लोगों की मौत हो गई, जबकि आठ लोग घायल हो गए। अधिकारियों ने इस घटना को आतंकवादी हमले की संभावना करार दिया है।

एसकैम्बिया काउंटी के शैरिफ कार्यालय ने ट्विटर पर एक संदेश जारी किया। इस संदेश में कहा गया है कि पेनसाकोला में स्थित नौसेना अड्डे में अब कोई सक्रिय शूटर नहीं है। अमेरिकी नौसेना ने पुष्टि की कि हमलावर के अलावा एक व्यक्ति को गोलीबारी में मार दिया गया है साथ ही घायलों को इलाज के लिए ले जाया गया है। गोलीबारी के बाद घायलों को पास के अस्पतालों में भेज दिया गया।

राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने इस घटना पर शोक व्यक्त करते हुए कहा वो नौसेना एयर स्टेशन पेनासाकोला में व्यक्तिगत रूप से स्थिति पर नज़़र रखते हैं, जहाँ 16,000 से अधिक सैन्यकर्मी और 7,400 नागरिक कार्यरत थे।

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ख़बर के अनुसार, शूटर का नाम मो. सईज अलशमरानी है। वह सऊदी अरब का नागरिक है। इस घटना के बाद ट्रम्प ने अपने ट्वीट में लिखा कि उन्हें फ्लोरिडा में एनएएस पेनासाकोला में दु:खद शूटिंग पर पूरी ब्रीफिंग से अवगत कराया गया और इस घटना के बारे में फ्लोरिडा के गवर्नर रॉन डेसेंटिस से बात हुई। उन्होंने कहा, “इस कठिन समय में मेरी प्रार्थनाएँ पीड़ितों और उनके परिवारों के साथ हैं। हम स्थिति पर नज़र बनाए हुए हैं, जाँच प्रक्रिया अभी जारी है।”

ट्रम्प ने शुक्रवार दोपहर एक ट्वीट में कहा कि सऊदी अरब के राजा सलमान ने भी इस घटना पर शोक व्यक्त किया है और हमले में मारे गए लोगों और घायलों के परिजनों व दोस्तों के के प्रति सहानुभूति व्यक्त की है।

NBC समाचार ने बताया कि संदिग्ध शूटर की पहचान सऊदी के मोहम्मद सईद अलशमरानी के रूप में की गई है। एस्कामिया काउंटी शेरिफ डेविड मॉर्गन के अनुसार, वह कथित तौर पर अमेरिका में प्रशिक्षण पर था और उसने हमला करने के लिए एक हैंडगन का इस्तेमाल किया था।

इस मामले की जाँच FBI के नेतृत्व में की जा रही है क्योंकि फ्लोरिडा के अधिकारियों ने इसे आतंकवादी हमला होने की संभावना से इनकार नहीं किया। स्थानीय क़ानून प्रवर्तन अधिकारियों के अनुसार, यह सब सुबह 6.50 बजे शुरू हुआ जब नौसैनिक अड्डे पर गोलाबारी की ख़बरें आईं और दो काउंटी शेरिफ डिपो घटनास्थल पर पहुँच गए।

दो लोग आग लगने से घायल हो गए और एक के हाथ में गोली लग गई, वहीं एक अन्य के पैर में चोट लग गई। दो घायलों की सर्जरी करनी पड़ी। इनके अलावा छ: अन्य लोग भी घायल हो गए।

Dailymail ने NBC के हवाले से लिखा कि सऊदी नागरिक मोहम्मद सईद अलशरामनी के रूप में पहचाने जाने वाले इस शख्स ने शुक्रवार तड़के पेनसाकोला के नेवल एयर स्टेशन में एक क्लासरुम के अंदर आग लगा दी। पुलिस ने तुरंत घटना का जवाब दिया और उसे गोली मार दी। इस बीच छ: अन्य सऊदी नागरिकों को हमले के तुरंत बाद बेस के पास से गिरफ़्तार कर लिया गया। शूटर ने शुक्रवार सुबह 7 बजे से कुछ देर पहले एक क्लासरुम की इमारत में आग लगा दी। हमले में हमलावर समेत चार लोगों की मौत हो गई और आठ अन्य घायल हो गए।

एक प्रेस कॉन्फ्रेन्स के दौरान, फ्लोरिडा के गवर्नर रॉन डेसेंटिस (Ron DeSantis) ने इस बात की पुष्टि की कि शूटर सऊदी अरब का था, जो लंबे समय से अमेरिका के सैन्य अधिकारियों को प्रशिक्षित कर रहा था। उन्होंने संवाददाताओं से कहा, “ज़ाहिर तौर पर इस व्यक्ति के विदेशी नागरिक होने, सऊदी वायु सेना का हिस्सा होने और फिर हमारी धरती पर प्रशिक्षण देने के बारे में कई सवाल उठ रहे होंगे।” डेसेंटिस ने कहा कि सऊदी अरब सरकार को इस हमले में घायल हुए पीड़ितों की बेहतरी के लिए ठोस क़दम उठाने चाहिए।  

ग़ौरतलब है कि एक दिन पहले ही अमेरिका के एक सैन्य अड्डे पर्ल हार्बर नेवल शिपयार्ड में गोलीबारी हुई थी। स्थानीय समयानुसार शाम 2.30 बजे इस जॉइंट बेस पर्ल हार्बर-हिकम में गोलीबारी शुरू हुई थी। पर्ल हार्बर या ‘पर्ल बंदरगाह’ हवाई द्वीप में हॉनलूलू से दस किमी उत्तर-पश्चिम, संयुक्त राज्य, अमेरिका का प्रसिद्ध बंदरगाह एवं नौसैनिक अड्डा है। इस बंदरगाह के 20 वर्ग किलोमीटर की परिधि में सैकड़ों जहाजों के ठहरने का स्थान है। हाल के दिनों में अमेरिका के वाशिंगटन डीसी, टेक्सास, ओहियो और फ्लोरिडा समेत कई जगहों पर गोलीबारी की घटनाएँ सामने आ चुकी हैं।

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