श्री लंका ब्लास्ट का बदला पूरा, चुन-चुन कर मारे गए या गिरफ़्तार हुए हमले से जुड़े सभी आतंकी

इस हमले की ज़िम्मेदारी इस्लामिक स्टेट ने ली है लेकिन सुरक्षा एजेंसियों ने कहा है कि आईएस के सपोर्ट से तोहिथ जमात ने इसे अंजाम दिया।

श्री लंका में ईस्टर ब्लास्ट्स से जुड़े सभी आतंकियों को या तो मार गिराया गया है, या फिर वो पकड़े गए हैं। द्वीपीय देश की सुरक्षा एजेंसियों के प्रमुखों ने इस बात की घोषणा की। उन्होंने कहा कि राष्ट्र अब सुरक्षित है और स्थितियाँ सामान्य हो रही है। तीनों सेनाओं के कमांडर्स और पुलिस प्रमुख ने कहा कि स्पेशल सिक्योरिटी प्लान को अमल में लाने के लिए सारे प्रयास किए गए हैं। बता दें कि श्री लंका में हुए बम ब्लास्ट्स में 257 के क़रीब लोग मारे गए थे। ईस्टर के दिन हुए इन हमलों में चर्चों और आलिशान होटलों को मुख्य रूप से निशाना बनाया गया था। बड़ी मात्रा में विस्फोटक भी ज़ब्त किए गए हैं, जो आतंकी हमलों को अंजाम देने वाले इस्लामी कट्टरपंथी संगठन नेशनल तोहिथ जमात के बताए जा रहे हैं।

कुल मिलाकर देखें तो श्री लंका सेना व सुरक्षा बलों की कार्रवाई को विपक्षी नेता महिंदा राजपक्षे का भी पूरा समर्थन मिला है। आतंकी संगठनों के पास जितने भी विस्फोटक थे, सारे ज़ब्त कर लिए गए हैं। इस आतंकी संगठन से जुड़े किसी भी व्यक्ति को नहीं बख्शा गया है, सभी गिरफ़्तार हो चुके हैं। उनके दो बम एक्सपर्ट मुठभेड़ में मारे जा चुके हैं। श्री लंका के इंस्पेक्टर जनरल ऑफ पुलिस (IGP) विक्रमारत्ने ने कहा कि उन्हें ये घोषणा करने में ख़ुशी हो रही है कि जिन भी लोगों के इस हमले से डायरेक्ट लिंक हैं, उन्हें या तो मार गिराया गया है या फिर गिरफ़्तार कर लिया गया है।

हालाँकि, विक्रमारत्ने ने कोई आँकड़ा नहीं दिया कि कुल कितने आरोपित गिरफ़्तार किए गए हैं लेकिन पुलिस प्रवक्ता गुनशेखरा ने बताया कि कुल 73 लोगों को गिरफ़्तार किया गया है, जिनमें 9 महिलाएँ भी शामिल हैं। इन सभी से ‘क्रिमिनल इन्वेस्टीगेशन डिपार्टमेंट’ और ‘टेररिज्म इन्वेस्टीगेशन डिपार्टमेंट’ द्वारा पूछताछ की जा रही है। यह भी बताया गया कि आतंकी संगठन से जुड़ी 700 करोड़ रुपए की सम्पत्तियाँ चिह्नित की गई हैं और 14 करोड़ रुपए नकद बरामद किए गए हैं। इस हमले की ज़िम्मेदारी इस्लामिक स्टेट ने ली है लेकिन सुरक्षा एजेंसियों ने कहा है कि आईएस के सपोर्ट से तोहिथ जमात ने इसे अंजाम दिया।

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सोमवार (मई 6, 2019) को स्कूलों को भी खोल दिया गया लेकिन छात्रों की उपस्थिति अधिकतर जगहों पर 10% के आसपास रही। अभिभावकों के भीतर अभी भी डर बैठा हुआ है और वो बच्चों को बाहर नहीं भेज रहे हैं। सेना प्रमुख ने विश्वास दिलाया कि स्थिति अब सामान्य हो गई है। उन्होंने लोगों को किसी भी प्रकार के अफवाहों से बचने की सलाह भी दी। बुर्क़े पर प्रतिबन्ध सहित कई अहम कदम भी उठाए गए हैं।

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