17 महीने तालिबान की कैद में रहने के बाद 3 भारतीय इंजीनियर रिहा, छोड़ना पड़ा 11 आतंकियों को

अदला-बदली की इस खबर के आने के बाद भारतीय विदेश मंत्रालय का कहना है कि उन्होंने इस मामले में रिपोर्ट देखी है और वह अफगानिस्तान के साथ संपर्क में हैं।

अफगानिस्तान में लगभग 17 महीनों से आतंकियों की चंगुल में फँसे 3 भारतीय इंजीनियरों को तालिबान ने अमेरिका के साथ वार्ता के बाद रिहा कर दिया। अपने 11 शीर्ष सदस्यों के बदले उसने भारत के इन तीन इंजीनियरों को आजाद किया। ये अदला-बदली रविवार को हुई, लेकिन मीडिया में ये जानकारी सोमवार को आई।

एक्सप्रेस ट्रिब्यून ने तालिबान के रिहा हुए 11 सदस्यों में से 2 की जानकारी देते हुए बताया कि इनमें 2 प्रमुख तालिबानी नेता शेख अब्दुल रहमान और मौलवी अब्दुल राशिद का भी नाम शामिल है। ये दोनों अफगानिस्तान में तालिबान के शासन के दौरान कुनार और निम्रोज प्रांत के गवर्नर थे। साल 2001 में अमेरिका के नेतृत्व में गठबंधन सेना ने तालिबान को सत्ता से बेदखल किया था। न्यूज 18 की खबर के अनुसार इन्हें अमेरिका सेना ने बरगम एयरबेस से रिहा किया गया।

वहीं, बता दें कि तालिबान द्वारा आजाद किए गए तीनों इंजीनियर, उन्हीं 7 भारतीयों में से हैं, जिनका पिछले वर्ष अफगानिस्तान में अपहरण हुआ था। जानकारी के मुताबिक इन्हें अफगानिस्तान के बघनाल प्रांत से अगवा किया गया था। सातों इंजीनियर केईसी कंपनी की ओर से वहाँ में एक पॉवर प्रोजेक्ट पर काम कर रहे थे। इनमें से एक को इसी साल मार्च में रिहा कर दिया गया था जबकि बाकियों की जानकारी नहीं मिल पाई थी। अपहरण के बाद किसी भी आतंकी संगठन ने इसकी जिम्मेदारी नहीं ली थी।

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लेकिन अब अमेरिका के अफगानिस्तान मामलों के विशेष प्रतिनिधि जलमय खलीलजाद और तालिबान प्रतिनिधि का नेतृत्व कर रहे मुल्ला अब्दुल गनी बरादर के बीच पाकिस्तान में हो रही वार्ता के दौरान यह फैसला सामने आया।

अदला-बदली की इस खबर के आने के बाद भारतीय विदेश मंत्रालय का कहना है कि उन्होंने इस मामले में रिपोर्ट देखी है और वह अफगानिस्तान के साथ संपर्क में हैं। उन्होंने इस संबंध में किसी भी प्रकार की पुष्टि होने पर जानकारी देने की बात की है।

बता दें कि बीते दिनों पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में अमेरिका के विशेष दूत जालमे खलीलजाद और तालिबान के प्रतिनिधियों के बीच मुलाकात हुई थी। जिसके बाद तीनों भारतीय इंजीनियरों की रिहाई की खबर आई।

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