Monday, September 27, 2021
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माँ गंगा के ठन्डे जल में डुबकी लगाने से मिलता है मोक्ष: ऋषिकेश पहुँच कर अभिभूत हुए जॉन्टी रोड्स

"भारतीय योग का महत्व और उपयोगिता की चर्चा आज पूरे विश्व में हो रही है। सभी इससे प्रभावित हैं। मेरा भारत से गहरा जुड़ाव है। मेरे दोनों बेटे भारत में पैदा हुए हैं। मेरी बेटी का नाम 'इंडिया' है। मेरे पिता एक अध्यापक थे, जिन्होंने मुझे अनुशासन का महत्व सिखाया। यही मैं आज आपलोगों को बताने आया हूँ।"

दक्षिण अफ्रीका के पूर्व क्रिकेटर और क्रिकेट की दुनिया में अब तक के सर्वश्रेष्ठ फील्डर माने जाने वाले खिलाड़ी जॉन्टी रोड्स आजकल भारत दौरे पर हैं। हर बार की तरह उनका ये आम दौरा नहीं है और न ही वो यहाँ किसी क्रिकेट टीम को कोचिंग देने पहुँचे हैं। वो क्रिकेट से इतर अपना समय बीता रहे हैं और भारतीय संस्कृति में गोते लगा रहे हैं। जोंटी रोड्स भारत से इतने प्रभावित हैं कि उन्होंने अपनी बेटी का नाम भी ‘इंडिया’ रखा है। वो कई वर्षों तक दिग्गज आईपीएल टीम मुंबई इंडियंस के फील्डिंग कोच भी रहे हैं।

जॉन्टी रोड्स ने इस दौरान ऋषिकेश में गंगा में डुबकी लगाई। रोड्स ने ट्विटर पर इस पल को साझा किया और लिखा कि पवित्र माँ गंगा के ठन्डे पानी में डुबकी लगाने से न सिर्फ़ भौतिक बल्कि दैविक रूप से भी मोक्ष की प्राप्ति होती है। रोड्स ने इस दौरान ऋषिकेश की तारीफ़ भी की। उन्होंने ऋषिकेश शहर का दौरा किया और मंदिरों में मत्था टेका।

इस दौरान पूर्व दक्षिण अफ़्रीकी क्रिकेटर ने ऋषिकेश में युवाओं को फिटनेस के टिप्स भी दिए। उन्होंने ‘अंतरराष्ट्रीय योग महोत्सव’ में पहुँच कर युवाओं को जीवन में अनुशासन का पाठ पढ़ाया। मुनिकीरेती योगा घाट पर बने पंडाल में सैकड़ों युवाओं और योग साधकों को सम्बोधित करते हुए रोड्स ने कहा कि खेल जगत में फिटनेस का सबसे ज्यादा महत्व है और इसके लिए योगाभ्यास की ज़रूरत पड़ती है। रोड्स ने कहा:

“भारतीय योग का महत्व और उपयोगिता की चर्चा आज पूरे विश्व में हो रही है। सभी इससे प्रभावित हैं। मेरा भारत से गहरा जुड़ाव है। मेरे दोनों बेटे भारत में पैदा हुए हैं। मेरी बेटी का नाम ‘इंडिया’ है। मेरे पिता एक अध्यापक थे, जिन्होंने मुझे अनुशासन का महत्व सिखाया। यही मैं आज आपलोगों को बताने आया हूँ।”

इस दौरान रोड्स ने युवाओं को धूम्रपान से एकदम दूर रहने की सलाह दी। उन्होंने युवाओं को बताया कि क्रिकेट जगत में नाम बनाने के लिए आपकी बाजुओं में असीमित ताक़त की आवश्यकता है। जहाँ बल्लेबाज को गेंद के साथ सही टाइमिंग की ज़रूरत होती है, वहीं गेंदबाज को बॉल फेंकने के लिए बाजुओं पर जोर लगाना पड़ता है। जॉन्टी रोड्स ने ऋषिकेश और उत्तराखंड के लोगों की भी तारीफ की।

 

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ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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