इस्लामिक शासन स्थापित करने के लिए भारत को दहलाने की योजना नाकाम, 16 एनआईए की ​हिरासत में

तमिलनाडु के वाहदत-ए-इस्लामी हिंद से जुड़े हैं सदिग्ध। आतंकी हमलों को अंजाम देने के लिए लोगों की कर रहे थे भर्ती। हमले के लिए विस्फोटक, जहर, चाकू और गाड़ियों के इस्तेमाल का दिया जा रहा था प्रशिक्षण।

राष्ट्रीय जाँच एजेंसी (एनआईए) ने तमिलनाडु समेत भारत के कई हिस्सों में आंतकी हमले की साजिश को नाकाम करते हुए 16 लोगों को हिरासत में लिया। इनमें से 14 की पहचान कर ली गई है। ये सभी लोग तमिलनाडु से हैं।

एनआईए के मुताबिक भारत में आतंकी हमले के लिए ये लोगों की भर्ती कर रहे थे। अपने समर्थकों को वीडियो और अन्य प्रोपेंगेंडा मटेरियल मुहैया करवाते थे। साथ ही हमले के लिए विस्फोटक, जहर, चाकू और गाड़ियों के इस्तेमाल की ट्रेनिंग दे रहे थे।

जानकारी के मुताबिक ये संदिग्ध वाहदत-ए-इस्लामी हिंद (तमिलनाडु का कट्टरपंथी संगठन) के सदस्य हैं। आतंकवादी संगठनों ISIS/दाएश, अल-कायदा और सिमी (स्टूडेंट्स इस्लामिक मूवमेंट ऑफ इंडिया) के प्रति झुकाव के कारण भारत के भीतर और बाहर हमले की साजिश रच रहे थे और आतंकवादी गिरोह ‘अंसारुल्ला’ का गठन करके भारत सरकार के खिलाफ युद्ध छेड़ने की तैयार कर रहे थे।

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एनआईए द्वारा दी गई जानकारी के मुताबिक इस मामले में आईपीसी की धारा 12बी, 121ए और 122 के साथ गैरकानूनी गतिविधियों की धारा 17, 18, 18बी और 39 के तहत 9 जुलाई को मामला दर्ज किया गया है। एनआईए की मानें तो खुफिया जानकारी के आधार पर इस मामले में छापेमारी की गई थी। जिसमें उन्हें 15 सिमकार्ड, 7 मेमोरी कार्ड, 3 लैपटॉप, 5 हार्डडिस्क, 6 पेन ड्राइवर, 2 टैबलेट, 3 सीडी/डीवीडी, दस्तावेज, मैगजीन, बैनर, नोटिस, पोस्टर और पुस्तकें बरामद हुए थे। इस दौरान उन्होंने हसन अली और हरीश मोहम्मद नाम के दो लोगों को गिरफ्तार किया था।

दोनों ने पूरे नेटवर्क का खुलासा करते हुए बताया था कि इस्लामिक शासन स्थापित करने के मकसद से वे आतंकी हमले को अंजाम देने की फ़िराक में थे। इसके लिए उन्होंने पैसे की व्यवस्था और अन्य तैयारियाँ भी की थी। 

गौरतलब है इस मामले में अन्य संदिग्धों को कुछ दिन पहले दुबई से भारत को सौंपा गया था। जिसके बाद इन्हें विशेष फ्लाइट से चेन्नई लाया गया और बाद में एनआईए की अदालत में पेश किया गया। कोर्ट ने इन्हें 25 जुलाई तक एजेंसी की हिरासत में भेजने का आदेश दिया।

दुबई से निकाले गए 14 लोगों की पहचान 58 वर्षीय मोहम्मद इब्राहिम,रफी अहमद (55), मोहिदीन सेनी शाहुल हमीद (59), उमर बरोक (48), मीरान गनी (33), गुलाम नबी असथ(37), मुंतशिर (39), फ़ारूक (26), मोहम्मद शेख मैथीन (40) , अहमद अजरुद्दीन (27), तौफीक अहमद (27), मोहम्मद इब्राहिम (36), मोहम्मद अफज़र (29), और फैज़ल शरीफ(44) के तौर पर की गई है।

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