AN-32 विमान हादसा: अरुणाचल प्रदेश में मिले 6 शव, 7 के पार्थिव अवशेष

भारतीय वायु सेना के AN-32 विमान का मलबा जिस जगह पर मिला था, वो अरूणाचल प्रदेश में विमान के उड़ान मार्ग से क़रीब 15-20 किलोमीटर उत्तर की ओर है।

असम में जोरहाट से उड़ान भरने के बाद अरुणाचल प्रदेश की पहाड़ियों में क्रैश हुए भारतीय वायु सेना के विमान AN-32 में सवार 13 वायु सैनिकों में से छ: के शव और सात के पार्थिव अवशेष बरामद हुए हैं। यदि मौसम ठीक रहा तो शव और पार्थिव अवशेष जोरहाट लाए जा सकेंगे। ख़बर के अनुसार, अधिकारी ने बताया कि ख़राब मौसम के चलते पिछले तीन दिनों में MI-17, चीता और ALH समेत कोई भी हेलीकॉप्टर घटनास्थल पर उतरने में क़ामयाब नहीं हो सका था। उन्होंने बताया कि एक टीम घटनास्थल पर पैदल चलकर पहुँची। इस टीम में गरुड़ कमांडो, भारतीय सेना के विशेष दल, पोर्टर और शिकारी शामिल थे। राहत एवं बचाव दल ने इस रूसी विमान का कॉकपिट वायस रिकॉर्डर (CVR) और उड़ान डेटा रिकॉर्डर (FDR) बरामद किए थे।

इस विमान के बारे में बता दें कि 3 जून को 12:25 मिनट पर AN-32 ने असम के जोरहाट से मेंचुका एडवांस लैंडिंग ग्राउंड के लिए उड़ान भरी थी, लेकिन 1 बजे के आसपास इसका सम्पर्क कंट्रोल रूम से टूट गया था। तभी से यह विमान लापता था, इसमें पायलट समेत 13 लोग सवार थे।

AN-32 विमान हादसे का शिकार हुए 13 यात्रियों में से 8 क्रू मेंबर थे

  • विंग कमांडर जीएम चार्ल्स
  • स्कवाड्रन लीडर एच विनोद
  • फ्लाइट लेफ्टिनेंट आर थापा
  • फ्लाइट लेफ्टिनेंट ए तंवर
  • फ्लाइट लेफ्टिनेंट एस मोहंती
  • फ्लाइट लेफ्टिनेंट एमके गर्ग
  • वारंट ऑफिसर के के मिश्रा
  • सार्जेंट अनूप कुमार
  • कॉरपोरल शेरिन
  • लीडिंग एयरक्राफ्ट मैन एसके सिंह
  • लीडिंग एयरक्राफ्ट मैन पंकज
  • नॉन कॉम्बैंटेट (ई) पुतली
  • नॉन कॉम्बैंटेट (सी) राजेश कुमार

ख़बर के अनुसार, भारतीय वायु सेना के AN-32 विमान का मलबा जिस जगह पर मिला था वो अरुणाचल प्रदेश में विमान के उड़ान मार्ग से क़रीब 15-20 किलोमीटर उत्तर की ओर है। वायु सेना के बयान के अनुसार, क़रीब 12,000 फ़ीट पर एक छोटे से गाँव लिपो के पास AN-32 विमान का मलबा मिला था।

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लिपो गाँव के घने जंगलों में AN-32 विमान का मलबा मिला था, इसके बाद वायु सेना द्वारा इसकी तस्वीरें जारी कर दी गई थी। जारी की गई तस्वीरों में स्पष्ट नज़र आ रहा है कि जिस जगह AN-32 का मलबा था वहाँ आसपास के पेड़ जले हुए थे जिससे यह संभावना जताई जा रही थी कि विमान के दुर्घटनाग्रस्त होने के बाद वहाँ आसपास के पेड़ों में आग लग गई होगी।

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