सेना ने मार गिराए 10 आतंकी और इतने ही पाक फौजी, जनरल रावत ने कहा- ‘हमें सरकार की खुली छूट’

पाकिस्तान के मीडिया पोर्टलों पर भी भारत की इस कार्रवाई का जिक्र है, हालाँकि वहाँ की खबरों में मारे गए आतंकियों को 'सामान्य नागरिक' बता कर पेश किया जा रहा है।

भारतीय सेना ने पाकिस्तान के कई लॉन्च पैड को तबाह करते हुए कई पाकिस्तानी फौजियों को भी मार गिराया है। भारतीय सेना की इस बड़ी कार्रवाई में 6 से 10 पाकिस्तानी फौजी मारे गए हैं। ख़ुद सेना प्रमुख जनरल विपिन रावत ने ये जानकारी दी है। जनरल रावत ने बताया कि सेब का व्यापार चल रहा है और स्कूल वगैरह भी खुल गए हैं लेकिन आतंकी लगातार लोगों को धमकियाँ दे रहे हैं कि स्कूलों में बच्चों को न भेजें। जनरल रावत ने बताया कि सेब के व्यापारियों को भी धमकी दी जा रही है। सेना प्रमुख ने आतंकियों के मसूबों की बात करते हुए कहा कि वे यहाँ अमन-चैन की बहाली नहीं होने देना चाहते हैं, ताकि अंतरराष्ट्रीय समुदाय को यह दिखाया जा सके कि ‘अनुच्छेद 370 के निरस्त होने से कश्मीरी ख़ुश नहीं हैं।’

हालाँकि, सेना प्रमुख ने साफ़ कर दिया कि अनुच्छेद 370 के प्रावधानों को निरस्त किए जाने से जम्मू कश्मीर की जनता बिलकुल ख़ुश है लेकिन आतंकी इसके उलट माहौल पैदा करने में प्रयासरत हैं। उन्होंने कहा कि सरहद के पार से कुछ और आतंकियों को भेजने की कोशिश हो रही है, ताकि माहौल बिगाड़ा जा सके। सेना को पक्की सूचना मिली थी कि फॉरवर्ड एरिया के कुछ आतंकी कैम्पों को फिर से सक्रिय किया गया है। इसके बाद भारतीय सेना ने उन आतंकी कैम्पों को निशाना बनाने का फ़ैसला किया। जनरल रावत ने बताया कि भारतीय सेना की इस कार्रवाई से न सिर्फ़ आतंकियों बल्कि पाकिस्तानी फ़ौज को भी भारी नुकसान हुआ है।

लगभग 6 से 10 पाकिस्तानी आतंकियों के मारे जाने की सूचना है और इतनी ही संख्या में पाकिस्तानी फौजी भी मारे गए हैं। जनरल रावत ने बताया कि मारे गए आतंकियों की संख्या और अधिक भी हो सकती है, जिस सम्बन्ध में सूचना मिलते ही जानकारी साझा की जाएगी। जनरल रावत ने बताया कि 3 आतंकी कैम्पों को पूरी तरह तबाह कर दिया गया है, वहीं 1 अन्य आतंकी कैम्प को ख़ासा नुकसान पहुँचा है। उन्होंने पाकिस्तान को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि अगर उसका रवैया यही रहा तो भारतीय सेना आगे भी इस तरह की कार्रवाई करने से नहीं हिचकेगी। जनरल रावत ने बताया कि जब भी ऐसी कुछ कार्रवाई होती है तो राजनीतिक नेतृत्व को इससे अवगत कराया जाता है।

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जनरल रावत ने बताया कि आतंकवाद के ख़िलाफ़ ऑपरेशन में देश का राजनीतिक नेतृत्व पूरी तरह सेना को समर्थन दे रहा है। उन्होंने कहा कि सेना को बिना पाबन्दी कार्रवाई करने की छूट तो दी ही गई है, साथ ही राजनीतिक नेतृत्व ने इस बात की भी पूरी स्वतंत्रता दे रखी है कि आतंकवाद के ख़िलाफ़ किस तरह से कार्रवाई की जानी है और इसके लिए क्या प्रक्रिया अपनाई जाने वाली है। जनरल रावत ने पाकिस्तान के बैट कमांडो, ड्रोन और नावों के इस्तेमाल को लेकर कहा कि आतंकी लगातार नए-नए तौर-तरीके अपनाते रहते हैं और उसके लिए पाक सेना तैयारी करवाती है। उन्होंने बताया कि रावी और व्यास नदियों में बरसात के दौरान पानी बढ़ता है तो आतंकी उसके जरिये हथियार पहुँचाने का प्रयास करते हैं।

उन्होंने पंजाब पुलिस और जम्मू कश्मीर पुलिस को लेकर कहा कि वो लगातार सतर्क हैं और सेना आतंकियों के हथियारों का स्रोत पता करने में जुटी है। वहीं पाकिस्तान के मीडिया पोर्टलों पर भी भारत की इस कार्रवाई का जिक्र है, हालाँकि वहाँ की खबरों में मारे गए आतंकियों को ‘सामान्य नागरिक’ बता कर पेश किया जा रहा है। पाकिस्तानी फ़ौज के अधिकारियों ने भी भारतीय सेना की कार्रवाई को दबी जुबान से स्वीकार किया है।

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