जम्मू-कश्मीरः 14 अक्टूबर दोपहर 12 बजे से बहाल हो जाएँगी पोस्टपेड मोबाइल फोन सेवाएँ

पिछले महीने सरकार ने टेलीफोन के सभी एक्सचेंज चालू कर दिए थे और लैंडलाइन सेवाओं को बहाल कर दिया था। सितंबर महीने में कुपवाड़ा जिले में मोबाइल सेवा को भी बहाल कर दिया गया था।

जम्मू-कश्मीर में हालात सामान्य हो रहे हैं, इसी के मद्देनजर प्रशासन ने पोस्टपेड मोबाइल सेवाएँ बहाल करने का फैसला किया है। सोमवार (अक्टूबर 14, 2019) दोपहर 12 बजे के बाद से मोबाइल सेवाओं पर पाबंदी हटा ली जाएगी। इस बात की जानकारी जम्मू कश्मीर के मुख्य सचिव रोहित कंसल ने दी।

रोहित कंसल ने शनिवार (अक्टूबर 12, 2019) को प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए बताया कि स्थिति की समीक्षा करने के बाद जम्मू-कश्मीर के शेष क्षेत्रों में मोबाइल फोन सेवाओं को बहाल करने का निर्णय लिया गया है। उन्होंने कहा कि सभी इलाकों में सोमवार दोपहर 12 बजे से सभी पोस्टपेड मोबाइल कनेक्शन शुरू कर दिए जाएँगे। इसमें कश्मीर प्रांत के सभी 10 जिले शामिल होंगे।

बता दें कि पिछले महीने सरकार ने टेलीफोन के सभी एक्सचेंज चालू कर दिए थे और लैंडलाइन सेवाओं को बहाल कर दिया था। सितंबर महीने में कुपवाड़ा जिले में मोबाइल सेवा को भी बहाल कर दिया गया था। इसके अलावा आवश्यक सेवाओं और अन्य कार्यालयों से संबंधित अधिकारियों के मोबाइल नंबर भी बहाल किए गए। वहीं सभी स्वास्थ्य संस्थान भी पूरी तरह से काम कर रहे हैं।

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गौरतलब है कि जम्मू कश्मीर से अनुच्छेद 370 को निरस्त किए जाने के बाद क्षेत्र में सुरक्षा चिंताओं के मद्देनजर 5 अगस्त को जम्मू-कश्मीर में मोबाइल नेटवर्क और लैंडलाइन कनेक्शन निलंबित कर दिए गए थे। स्थिति सामान्य होने के बाद 29 अगस्त को जम्मू जिले के पाँच जिलों- डोडा, किश्तवाड़, रामबन, राजौरी और पुंछ में पोस्टपेड मोबाइल फोन सेवाएँ फिर से शुरू की गईं। 12 सितंबर को कंसल ने कहा था कि कुपवाड़ा और हंदवाड़ा में काफी संख्या में मोबाइल काम करते हैं। 

सरकार ने कई बार कहा है कि इन सेवाओं के दुरुपयोग को रोकने के लिए घाटी में मोबाइल सेवाओं पर प्रतिबंध लगाए गए थे। राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने कहा था कि मोबाइल और इंटरनेट का उपयोग अफवाह फैलाने और भारत विरोधी गतिविधियों के लिए किया जाता है। लोग मोबाइल और इंटरनेट के लिए इंतजार कर सकते हैं, लेकिन वो नहीं चाहते कि किसी एक की भी जान जाए। मोबाइल फोन सेवाओं को बहाल करने का फैसला राज्यपाल द्वारा 10 अक्टूबर से पर्यटकों पर लगी रोक को वापस लेने के 2 दिन बाद लिया गया है। साथ ही रोहित कंसल ने यह भी कहा कि जम्मू-कश्मीर का 99 प्रतिशत हिस्सा अब प्रतिबंध मुक्त है।

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बरखा दत्त
मीडिया गिरोह ऐसे आंदोलनों की तलाश में रहता है, जहाँ अपना कुछ दाँव पर न लगे और मलाई काटने को खूब मिले। बरखा दत्त का ट्वीट इसकी प्रतिध्वनि है। यूॅं ही नहीं कहते- तू चल मैं आता हूँ, चुपड़ी रोटी खाता हूँ, ठण्डा पानी पीता हूँ, हरी डाल पर बैठा हूँ।

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