राफ़ेल होता तो एयर स्ट्राइक के लिए पाकिस्तान न जाना पड़ता, भारत से ही तबाह कर देते आतंकी कैंप’

शस्त्र पूजा को लेकर कॉन्ग्रेस की प्रतिक्रिया पर रक्षा मंत्री ने कहा, "मैंने राफ़ेल पर ओम लिखकर रक्षाबंधन बाँधा तो कॉन्ग्रेस ने इसका स्वागत करने की बजाय विवाद खड़ा कर दिया। कॉन्ग्रेस नेताओं के ऐसे बयान पाकिस्तान को मज़बूत करते हैं।" वे हरियाणा के करनाल में रैली को संबोधित कर रहे थे।

हरियाणा में विधानसभा चुनाव के लिए प्रचार जोरों पर है। चुनाव प्रचार के दौरान रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने बालाकोट एयर स्ट्राइक का ज़िक्र करते हुए कहा, “अगर हमारे पास राफ़ेल लड़ाकू विमान होते, तो हमें पाकिस्तान जाने की ज़रूरत नहीं होती। हम भारत में बैठकर भी वहाँ के आतंकी शिविरों को तबाह कर सकते थे।”

शस्त्र पूजा को लेकर कॉन्ग्रेस की प्रतिक्रिया पर रक्षा मंत्री ने कहा, “मैंने राफ़ेल पर ओम लिखकर रक्षाबंधन बाँधा तो कॉन्ग्रेस ने इसका स्वागत करने की बजाय विवाद खड़ा कर दिया। कॉन्ग्रेस नेताओं के ऐसे बयान पाकिस्तान को मज़बूत करते हैं।” वे हरियाणा के करनाल में रैली को संबोधित कर रहे थे।

रैली को संबोधित करते हुए राजनाथ ने जनता से पूछा कि क्या उनके घरों में ‘ओम’ नहीं लिखा जाता? क्या सिख एक ओंकार नहीं कहते? क्या मुस्लिम आमीन नहीं कहते? इसमें ग़लत क्या है? लेकिन कॉन्ग्रेस के लोग इसे साम्प्रदायिक बता रहे हैं। उन्होंने कहा कि जब उन्होंने शस्त्र पूजा की तो उस समय वहाँ सभी धर्मों के लोग उपस्थित थे। कॉन्ग्रेस को स्वागत इसका स्वागत करना चाहिए, लेकिन यह पार्टी बिना कुछ सोचे-समझे आलोचना कर रही है। इसके लिए जनता को कॉन्ग्रेस को मुँहतोड़ जवाब देना चाहिए।

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खट्टर सरकार की तारीफ करते हुए उन्होंने हरियाणा की पूर्ववर्ती सरकारों की कार्यशैली पर भी निशाना साधा। राजनाथ ने कहा कि मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने जमीनी स्तर पर काम किया है। यहॉं के हिसाब से सरकार चलाई है। कॉन्ग्रेस और इनेलोद के मुख्यमंत्री तो दिल्ली के इशारों पर हरियाणा में सरकार चलाते थे।

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शरजील इमाम
“अब वक्त आ गया है कि हम गैर मुस्लिमों से बोलें कि अगर हमारे हमदर्द हो तो हमारी शर्तों पर आकर खड़े हो। अगर वो हमारी शर्तों पर खड़े नहीं होते तो वो हमारे हमदर्द नहीं हैं। असम को काटना हमारी जिम्मेदारी है। असम और इंडिया कटकर अलग हो जाए, तभी ये हमारी बात सुनेंगे।"

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