F16 को लेकर मैगज़ीन के दावे पर अमेरिका का इनकार, शेखर गुप्ता समेत मीडिया गिरोह के आनंद में खलल

शेखर गुप्ता ने, जिनके नाम पर कल ट्विटर पर #ShekharGuptaDalalHai जैसा निंदनीय ट्रेंड चल रहा था, अपने घरेलू रक्षा सलाहकारों की सहायता से अमेरिकी पत्रिका के इस दावे को मान लिया था और रिपोर्ट्स प्रकाशित करते हुए कहा था कि कोई भी पाकिस्तानी F-16 गायब नहीं हुआ।

अमेरिका ने फॉरेन पॉलिसी मैगजीन के पाकिस्तानी F-16 को लेकर किए दावे से इनकार किया है। अमेरिका ने कहा कि उसे पाकिस्तानी F-16 विमानों की संख्या से जुड़ी किसी भी जाँच की जानकारी नहीं है।

भारतीय मीडिया ने एक ऐसी अमेरिकी मैगजीन के दावे को कल तत्परता से प्रकाशित किया था, जिसमें भारत का F-16 विमान गिराने के दावे को गलत बताया गया था और कहा गया था कि अमेरिका द्वारा की गई जाँच से पता चला है कि पाकिस्तान का एक भी F-16 लड़ाकू विमान कम नहीं हुआ है।

भारतीय वायुसेना ने अमेरिका की पत्रिका में छपी उस रिपोर्ट को कल शाम (अप्रैल 06, 2019) खारिज कर दिया था, जिसमें कहा गया था कि पाकिस्तान का कोई भी एफ-16 विमान लापता नहीं है। वायुसेना ने कहा कि उसने पाकिस्तानी एफ-16 विमान को मार गिराया था जिसके सबूत उसके पास हैं।

- विज्ञापन - - लेख आगे पढ़ें -

IAF ने कहा कि 27 फरवरी को हुई हवाई झड़प के दौरान भारतीय वायुसेना ने पाकिस्तान के F-16 लड़ाकू विमान गिराया था और सबूत के तौर पर इस विमान के इलेक्ट्रॉनिक सिग्नेचर उसके पास मौजूद हैं। एयर वाइस मार्शल आरजीके कपूर ने इलेक्ट्रॉनिक सिग्नेचर की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि 10 सेकेंड के अंदर विंग कमांडर अभिनंदन ने F-16 को लॉक किया और आर-73 मिसाइल दागी थी।

इस फ़र्ज़ी खबर के बाद शुक्रवार (अप्रैल 05, 2019) को अमेरिका ने पाकिस्तान ने F-16 लड़ाकू विमान को लेकर डिफेंस मैगजीन के दावे से इनकार किया है। अमेरिकी रक्षा विभाग ने कहा कि उसे ऐसी किसी जाँच की जानकारी नहीं है, जिसमें यह निर्धारित किया गया हो कि 27 फरवरी को भारतीय को फाइटर विमानों के साथ संघर्ष के दौरान F-16 विमान को खोया है।

अमेरिका का रुख उस डिफेंस मैगजीन के दावे के बिल्कुल विपरीत है, जिसमें कहा गया था कि स्थिति की जानकारी रखने वाले अमेरिका के दो वरिष्ठ अधिकारियों ने बताया कि अमेरिका के अधिकारियों ने हाल ही में पाकिस्तान के F-16 विमानों की गिनती की। इसमें कोई विमान गायब नहीं पाया गया।

अमेरिकी रक्षा विभाग के प्रवक्ता ने एक न्यूज़ चैनल को बताया कि विभाग को ऐसी किसी जाँच के बारे में जानकारी नहीं है। इससे पहले फॉरेन पॉलिसी मैगजीन ने 2 अज्ञात अधिकारियों के हवाले से अपनी रिपोर्ट दी थी।

वहीं, कल प्रकाशित किए गए अमेरिकी मैगजीन के दावे के बाद पाकिस्तान ने F-16 को मार गिराने के दावे पर भारत को ‘सच’ बोलने को कह रहा था। पाकिस्तानी सेना के प्रवक्ता मेजर जनरल आसिफ गफूर ने कहा था कि यह वक्त है कि भारत अब पाकिस्तान द्वारा मार गिराए गए दूसरे विमान समेत अपने झूठे दावों पर सफाई दे। गफूर ने डिफेन्स मैगजीन की इस अमेरिकी झूठी रिपोर्ट पर बयान देते हुए ‘सच की हमेशा जीत’ जैसी बड़ी बात भी कही थी।

जिस मैगजीन की फर्जी रिपोर्ट को अमेरिका ने नकारा है, पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने उसी के आधार पर ट्वीट करते हुए कहा है कि भाजपा का चुनाव जीतने के लिए F-16 को गिराने का झूठ कामयाब नहीं हुआ है।

फेक रिपोर्ट्स के आधार पर प्रधानमंत्री मोदी और भाजपा पर ऐसा आरोप लगाने वाले इमरान खान अकेले व्यक्ति नहीं हैं। दि प्रिंट के फाउंडर और वरिष्ठ पत्रकार शेखर गुप्ता, जिनके नाम पर कल ट्विटर पर “शेखर गुप्ता दलाल है” जैसा शर्मनाक ट्रेंड चल रहा था, ने भी अपने घरेलू रक्षा सलाहकारों की सहायता से अमेरिकी पत्रिका के इस दावे को मान लिया था और रिपोर्ट्स प्रकाशित करते हुए कहा था कि कोई भी पाकिस्तानी F-16 गायब नहीं हुआ।

इसी मीडिया गिरोह पर टिप्पणी करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कल एक टीवी चैनल को दिए इंटरव्यू में कहा था कि सरकार पर झूठा इल्जाम लगाने के लिए अगर कोई गया-गुजरा आदमी भी कोशिश करता है तो उनका चैनल उसे पकड़कर छाप देता है, जबकि कॉन्ग्रेस परिवार के घोटालों वाली न्यूज़ वेबसाइट्स की रिपोर्ट्स को उनका चैनल कभी भी प्रकाशित नहीं करते हैं।

शेयर करें, मदद करें:
Support OpIndia by paying for content

यू-ट्यूब से

देखना न भूलें! एग्जिट पोल के सभी नतीजे

2019 लोक सभा चुनाव की सभी Exit Polls का लेखा जोखा पढ़िए हिंदी में

ज़्यादा पढ़ी गईं ख़बरें

ट्रोल प्रोपेगंडाबाज़ ध्रुव राठी

ध्रुव राठी के धैर्य का बाँध टूटा, बोले राहुल गाँधी ने 1 ही झूठ किया रिपीट, हमारा प्रोपेगैंडा पड़ा हल्का

जिस प्रकार से राहुल गाँधी लगातार मोदी सरकार को घोटालों में घिरा हुआ साबित करने के लिए झूठे डाक्यूमेंट्स और बयानों का सहारा लेते रहे, शायद ध्रुव राठी उन्हीं से अपनी निराशा व्यक्त कर रहे थे। ऐसे समय में उन्हें अपने झुंड के साथ रहना चाहिए।
इनका दुःख... सच में दुःखद...

एग्जिट पोल देख लिबरल गिरोह छोड़ रहा विष-फुंकार, गर्मी में निकल रहा झाग

जैसे-जैसे Exit Polls के नतीजे जारी हो रहे हैं, पत्रकारिता के समुदाय विशेष और फ़ेक-लिबरलों-अर्बन-नक्सलियों के सर पर ‘गर्मी चढ़नी’ शुरू हो गई है।
साध्वी प्रज्ञा ठाकुर, कन्हैया, राहुल गाँधी, स्मृति ईरानी

भोपाल से प्रज्ञा की जीत, बेगूसराय से कन्हैया की हार और अमेठी में स्थिति संदिग्ध: एग्जिट पोल्स

'हिन्दू टेरर' के कलंक से कलंकित और कॉन्ग्रेस की तुष्टीकरण एवम् साम्प्रदायिक नीतियों का शिकार बनी साध्वी प्रज्ञा के भोपाल से प्रत्याशी बनने, कन्हैया का बेगूसराय से लड़ने और राहुल-स्मृति ईरानी की कड़ी टक्कर इस चुनाव की हेडलाइन बने।
रवीश कुमार

साला ये दुःख काहे खतम नहीं होता है बे!

जो लोग रवीश की पिछले पाँच साल की पत्रकारिता टीवी और सोशल मीडिया पर देख रहे हैं, वो भी यह बात आसानी से मान लेंगे कि रवीश जी को पत्रकारिता के कॉलेजों को सिलेबस में केस स्टडी के तौर पर पढ़ाया जाना चाहिए।
तपस्या करते हुए कुलपति

Exit Poll के रुझान देखकर मीडिया गिरोह ने जताई 5 साल के लिए गुफा में तपस्या करने की प्रबल इच्छा

अगले 5 साल गुफा में बिताने की चॉइस रखने वालों की अर्जी में एक नाम बेहद चौंकाने वाला था। यह नाम एक मशहूर व्हाट्सएप्प यूनिवर्सिटी के कुलपति का था। अपने विवरण में इस कुलपति ने स्पष्ट किया है कि पिछले 5 साल वो दर्शकों से TV ना देखने की अपील करते करते थक चुके हैं और अब अगले 5 साल भी वही काम दोबारा नहीं कर पाएँगे।
स्वरा भास्कर

प्रचार के लिए ब्लाउज़ सिलवाई, 20 साड़ियाँ खरीदी, ताकि बड़े मुद्दों पर बात कर सकूँ: स्वरा भास्कर

स्वरा भास्कर ने स्वीकार करते हुए बताया कि उन्हें प्रचार के लिए बुलाया गया क्योंकि वो हीरोइन हैं और इस वजह से ही उन्हें एक इमेज बनाना आवश्यक था। इसी छवि को बनाने के लिए उन्होंने 20 साड़ियाँ खरीदीं और और कुछ जूलरी खरीदी ताकि ‘बड़े मुद्दों पर’ बात की जा सके।

वहाँ मोदी नहीं, सनातन आस्था अपनी रीढ़ सीधी कर रही है, इसीलिए कुछ को दिक्कत हो रही है

इंटेलेक्चु‌ल लेजिटिमेसी और फेसबुक पर प्रासंगिक बने रहने, ज्ञानी कहलाने और एक खास गिरोह के लोगो में स्वीकार्यता पाने के लिए आप भले ही मोदी की हर बात पर लेख लिखिए, लेकिन ध्यान रहे कुतर्कों, ठिठोलियों और मीम्स की उम्र छोटी होती है।
योगी आदित्यनाथ और ओमप्रकाश राजभर

‘गालीबाज’ ओमप्रकाश राजभर सहित 8 नेता तत्काल प्रभाव से बर्खास्त: एक्शन में CM योगी

ये वही राजभर हैं, जिन्होंने रैली में मंच से दी थी BJP नेताओं-कार्यकर्ताओं को माँ की गाली। ये वही हैं जो पहले अफसरों की सिफारिश न सुनने पर हंगामा करते हैं और बाद में अपने बेटों को पद दिलाने पर अड़ जाते हैं।
राहुल गाँधी

सरकार तो मोदी की ही बनेगी… कॉन्ग्रेस ने ऑफिशली मान ली अपनी हार

कॉन्ग्रेस ने 23 तारीख को चुनाव नतीजे आने तक का भी इंतजार करना जरूरी नहीं समझा। समझे भी कैसे! देश की सबसे पुरानी राजनीतिक पार्टी कॉन्ग्रेस भी उमर अबदुल्ला के ट्वीट से सहमत होकर...
नरेंद्र मोदी आध्यात्मिक दौरा

लंगोट पहन पेड़ से उलटा लटक पत्तियाँ क्यों नहीं चबा रहे PM मोदी? मीडिया गिरोह के ‘मन की बात’

पद की भी कुछ मर्यादाएँ होती हैं और कुछ चीजें व्यक्तिगत सोच पर निर्भर करती है, यही तो हिन्दू धर्म की विशेषता है। वरना, कल होकर यह भी पूछा जा सकता है कि जब तक मोदी ख़ुद को बेल्ट से पीटते हुए नहीं घूमेंगे, उनका आध्यात्मिक दौरा अधूरा रहेगा।

ताज़ा ख़बरें

हमसे जुड़ें

40,759फैंसलाइक करें
7,817फॉलोवर्सफॉलो करें
63,313सब्सक्राइबर्ससब्सक्राइब करें

ज़रूर पढ़ें

शेयर करें, मदद करें: