अमरनाथ गुफा के पास फटा बादल, SDRF की 3 टीमें तैनात: होंजार गाँव में लोगों को बचाने पहुँची सेना, देखें वीडियो

अमरनाथ गुफा से पहले किश्तवाड़ में भी फटा था बादल (साभार: ANI)

जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में अमरनाथ गुफा के पास बादल फटने की खबर आ रही है। राहत की बात ये है कि आपदा प्रबंधन अधिकारियों ने अभी तक इस घटना में किसी के घायल होने या जान जाने की बात नहीं कही है। प्राकृतिक आपदा के समय गुफा में एक भी यात्री मौजूद नहीं था।

अधिकारियों ने बताया है कि गुफा के पास पहले से ही राज्य आपदा मोचन बल (SDRF) की दो टीमें वहाँ मौजूद थीं। इसके अलावा गांदरबल से एक अतिरिक्त टीम को तैनात किया गया है। मालूम हो कि अमरनाथ गुफा दक्षिण कश्मीर में 3,880 मीटर की ऊँचाई पर स्थित है।

कंगन के एसडीपीओ ने बताया कि पवित्र अमरनाथ गुफा में लगातार बारिश और बादल फटने की जानकारी के मद्देनजर गंड और कंगन के क्षेत्रों में आम जनता को सिंध नदी से दूर रहने के लिए कहा गया। आशंका है कि पानी के प्रवाह में अचानक वृद्धि हो सकती है। SDRF की एक और टीम को गांदरबल से घटनास्थल के लिए भेज दिया गया है।

इससे पहले बुधवार की सुबह ही जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ जिले के एक सुदूर गाँव में बादल फटने से 7 लोगों की मौत की खबर आई थी। वहीं 17 के घायल होने का मालूम चला था। अधिकारियों ने बताया कि दाचन तहसील के होंजार गाँव में सुबह करीब 4:30 बजे बादल फटने के कारण एक पुल के अलावा छोटी नदी के किनारे बने 6 मकान और 1 राशन की दुकान भी बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए। इलाके में पुलिस, सेना और SDRF का संयुक्त राहत अभियान चल रहा है, ये टीमें लापता 14 लोगों की तलाश में जुटी हैं।

जानकारी के लिए बता दूँ कि बादल फटने से होंजार गाँव अचानक बाढ़ की चपेट में आ गया था। बचाव की कमान संभालते ही भारतीय सेना ने भोजन और राशन का प्रबन्ध कर दिया है। इस बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस घटना पर कहा है कि केंद्र सरकार जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ जिले में बादल फटने की घटना के कारण पैदा हुई स्थिति पर करीब नजर रख रही है और प्रभावित क्षेत्रों में हर संभव मदद पहुँचाई जा रही है। इधर, गृह मंत्री अमित शाह ने भी जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा और पुलिस महानिदेशक दिलबाग सिंह से बात की और स्थिति के बारे में जानकारी हासिल की है।

ऑपइंडिया स्टाफ़: कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया