Thursday, July 29, 2021
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उन्नाव रेप पीड़िता एक्सीडेंट: MLA कुलदीप और उसके भाई मनोज समेत 25 पर हत्या का मुकदमा दर्ज

FIR में कुलदीप सिंह सेंगर, मनोज सिंह सेंगर, विनोद मिश्र, हरिपाल मिश्र, नवीन सिंह, कोमल सिंह, अरुण सिंह, ज्ञानेन्द्र सिंह, रिंकू सिंह और एडवोकेट अवधेश सिंह समेत 15-20 अन्य अज्ञात लोगों के खिलाफ हत्या और हत्या के प्रयास का मुकदमा दर्ज किया गया है।

उन्नाव रेप केस की पीड़िता के रायबरेली के गुरबख्शगंज में एक ट्रक के पीड़िता की कार को टक्कर मारने के मामले में उनके खिलाफ हत्या, हत्या के प्रयास और आपराधिक साजिश जैसी कई धाराओं में केस दर्ज किया गया है। रोड एक्सीडेंट के मामले में भाजपा विधायक कुलदीप सिंह सेंगर, उनके भाई मनोज सिंह सेंगर और 8 अन्य के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली गई है।

फिलहाल, सेंगर और उनका भाई मनोज पहले से ही जेल में हैं। रेप पीड़िता के चाचा की तहरीर पर कुलदीप सिंह सेंगर समेत 10 नामजद और 15-20 अज्ञात लोगों के खिलाफ आईपीसी की धारा 302, 307, 506, 120B के तहत यह मुकदमा दर्ज किया गया है। FIR में कुलदीप सिंह सेंगर, मनोज सिंह सेंगर, विनोद मिश्र, हरिपाल मिश्र, नवीन सिंह, कोमल सिंह, अरुण सिंह, ज्ञानेन्द्र सिंह, रिंकू सिंह और एडवोकेट अवधेश सिंह समेत 15-20 अन्य अज्ञात लोगों के खिलाफ हत्या और हत्या के प्रयास का मुकदमा दर्ज किया गया है।

इस घटना के बाद, उन्नाव गैंगरेप केस में आरोपित विधायक कुलदीप सिंह सेंगर की मुश्किलें अब और बढ़ गई हैं। बता दें कि रविवार को कार के ट्रक की चपेट में आने के चलते पीड़िता की चाची समेत दो लोगों की मौत हो गई थी, जबकि पीड़िता और वकील गंभीर रूप से घायल हैं और अस्पताल में उसका गहन इलाज चल रहा है। योगी सरकार ने घायलों के इलाज और हरसंभव मदद की घोषणा की है।

किंग जार्ज मेडिकल कॉलेज लखनऊ के ट्रॉमा सेण्टर इंचार्ज ने बताया कि पीड़िता और उनके वकील वेंटिलेटर पर हैं। उनकी हालत क्रिटिकल लेकिन स्टेबल है।

सड़क हादसे के बाद जहाँ एक ओर विपक्षी पार्टियाँ प्रदेश सरकार को कटघरे में खड़ा कर रही हैं, वहीं पीड़िता के परिजन भी इसे हादसा मानने को तैयार नहीं थे। उनका आरोप है कि विधायक कुलदीप सिंह सेंगर के इशारे पर ही इस घटना को अंजाम दिया गया है।

कॉन्ग्रेस, सपा, बसपा और फिर बीजेपी

जानकारी के लिए बता दें कि आरोपित विधायक ने उत्तर प्रदेश में 2017 के विधानसभा चुनावों से ठीक पहले समाजवादी पार्टी का साथ छोड़कर भारतीय जनता पार्टी में शामिल हुए थे और कुलदीप सिंह सेंगर ने बांगरमऊ से चुनाव लड़ा और जीत भी दर्ज की। इससे पहले 2012 के विधानसभा चुनाव में उन्होंने उन्नाव की ही भगवंतनगर सीट से समाजवादी पार्टी के टिकट पर चुनाव लड़ा था और जीत दर्ज की थी।

वैसे, कुलदीप सिंह सेंगर ने राजनीति की शुरुआत कॉन्ग्रेस पार्टी से की थी। लेकिन, जब वर्ष 2002 में विधानसभा चुनाव आए, तो कुलदीप सिंह कॉन्ग्रेस का हाथ छोड़कर हाथी के साथ चल दिए। कुलदीप ने चुनावी मैदान में कॉन्ग्रेस प्रत्याशी को बड़े अंतर से हराया था। बाहुबली की छवि होने की वजह से 2007 से पहले बहुजन समाज पार्टी की प्रमुख मायावती ने कुलदीप सिंह सेंगर को बाहर का रास्ता दिखा दिया। कुलदीप सिंह सेंगर ने सपा के टिकट पर बांगरमऊ से जीत दर्ज की थी। आरोपित का राजनीतिक इतिहास पहले से ही विवादित रहा है।

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, पीड़िता की बहन का कहना है, “उनके परिवार को लगातार धमकियाँ मिल रही थीं। उनके ऊपर केस वापस लेने का दबाव बनाया जा रहा था। विधायक की साजिश थी कि पीड़िता और गवाह की हत्या कर मामले को ही खत्म कर दिया जाए।”

CBI जाँच की माँग

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, पीड़िता की बहन ने सरकार से माँग की है कि दुर्घटना जाँच सीबीआई से हो। इस बीच रायबरेली जेल में बंद पीड़िता के चाचा ने लिखित तहरीर देते हुए इस मामले को भी मुख्य मामले के साथ जोड़कर सीबीआई को जाँच सौंप देने की अपील की है। अभी तक इस मामले में विधायक कुलदीप सिंह सेंगर और उनके परिवारवालों की तरफ से कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है।

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ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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