Saturday, July 31, 2021
Homeदेश-समाजहिंदू लड़की को बहला-फुसला ले भागा शाबिर: ग्रामीणों ने रुकवाई मस्जिद की नमाज, बढ़ा...

हिंदू लड़की को बहला-फुसला ले भागा शाबिर: ग्रामीणों ने रुकवाई मस्जिद की नमाज, बढ़ा साम्प्रदायिक तनाव

ऑपइंडिया मस्जिद में नमाज रुकवाने या आरोपित व उसके परिवार (फिर चाहे वो किसी भी धर्म/जाति/लिंग का क्यों न हो) पर हमले की निंदा करता है। ऐसा करने से माहौल बिगड़ता है, साम्प्रदायिक तनाव पैदा होता है।

साम्प्रदायिक तनाव की बढ़ती खबरों के बीच ताजा मामला हरियाणा से पानीपत का है। पानीपत के हथवाला गाँव में 18 जुलाई को शाबिर नामक युवक और एक हिंदू लड़की रात को गायब हो गई। लड़की के पिता ने इसकी शिकायत पुलिस से की। पुलिस ने आरोपित शाबिर के खिलाफ शिकायत तो दर्ज कर ली, लेकिन 5 दिन बीत जाने के बाद भी जब आरोपित को पुलिस पकड़ नहीं पाई तो मंगलवार (जुलाई 23, 2019) को गाँव का माहौल बिगड़ गया। लड़की के परिजन और ग्रामीण आक्रोशित हो गए, जिससे गाँव में साम्प्रदायिक तनाव उत्पन्न हो गया।

लड़की के परिजनों ने पुलिस पर कार्रवाई न करने का आरोप लगाया और ग्रामीणों ने भी पुलिस पर आरोपित के साथ मिलीभगत का आरोप लगाते हुए नारेबाजी शुरू कर दी। देखते ही देखते सैकड़ों लोग सड़क पर उतर आए और स्थिति बेकाबू हो गई। कुछ आक्रोशित लोगों ने गाँव की मस्जिद में नमाज रुकवा दिया, कुछ ने आरोपित शाबिर के घर पर हमला भी बोला।

तनावग्रस्त मौके पर पहुँची पुलिस को लोगों की बेकाबू भीड़ को शांत कराने में काफी जद्दोजहद करनी पड़ी। गाँव की स्थिति काफी बिगड़ रही थी, लोग लगातार लापता लड़की की बरामदगी और शाबिर की गिरफ्तारी की माँग कर रहे थे। स्थानीय लोगों के दबाव के बाद पुलिस ने आरोपित युवक शाबिर के परिजनों एवं उनके कुनबे के कुछ अन्य सदस्यों को पूछताछ के लिए अपने साथ ले गई। साथ ही पुलिस ने ग्रामीणों को इस मामले में ठोस कार्रवाई करने का आश्वासन भी दिया।

जानकारी के मुताबिक, लापता लड़की बीएड द्वितीय वर्ष की छात्रा है। 18 जुलाई की रात वो अपनी दादी के साथ सो रही थी और रात में ही वो लापता हो गई। बताया जा रहा है कि शाबिर उसे बहला-फुसला कर अपने साथ ले गया है। इसके बाद परिजन और ग्रामीण लगातार पुलिस पर कार्रवाई करने का दबाव बना रहे थे और दो दिन पहले से ही गाँव के अड्डे पर इकट्ठा होने का मैसेज सोशल साइट्स पर फैलाया जा रहा था।

जब पुलिस 5 दिनों में शाबिर को नहीं पकड़ पाई तो लोगों ने वहाँ पर इकट्ठा होकर विरोध प्रदर्शन किया। खबर के अनुसार तकरीबन 20 साल पहले भी इसी गाँव में इसी तरह की घटना हुई थी। जिसमें एक समुदाय का युवक दूसरे समुदाय की युवती को लेकर फरार हो गया था और उस युवती का आज तक पता नहीं चल पाया है। मगर ग्रामीणों का कहना है कि इस मामले में वो चुप नहीं बैठेंगे।

गौरतलब है कि पानीपत में 2 जनवरी को भी ऐसी ही एक घटना घटित हुई थी, जब बिलाल नामक युवक नौवीं कक्षा में पढ़ने वाली एक छात्रा को बहल-फुसला कर भगाकर ले गया था। हालाँकि, इस मामले में पुलिस ने आरोपित बिलाल को गिरफ्तार कर लिया था और छात्रा को परिजनों के हवाले कर दिया था।

संपादकीय नोट: ऑपइंडिया मस्जिद में नमाज रुकवाने या आरोपित व उसके परिवार (फिर चाहे वो किसी भी धर्म/जाति/लिंग का क्यों न हो) पर हमले की निंदा करता है। ऐसा करने से माहौल बिगड़ता है, साम्प्रदायिक तनाव पैदा होता है। देश में कानून-व्यवस्था है और किसी भी घटना की जाँच कानूनी दायरे में रहकर ही होनी चाहिए।

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

‘द प्रिंट’ ने डाला वामपंथी सरकार की नाकामी पर पर्दा: यूपी-बिहार की तुलना में केरल-महाराष्ट्र को साबित किया कोविड प्रबंधन का ‘सुपर हीरो’

जॉन का दावा है कि केरल और महाराष्ट्र पर इसलिए सवाल उठाए जाते हैं, क्योंकि वे कोविड-19 मामलों का बेहतर तरीके से पता लगा रहे हैं।

शिवाजी से सीखा, 60 साल तक मुगलों को हराते रहे: यमुना से नर्मदा, चंबल से टोंस तक औरंगज़ेब से आज़ादी दिलाने वाले बुंदेले की...

उनके बारे में कहते हैं, "यमुना से नर्मदा तक और चम्बल नदी से टोंस तक महाराजा छत्रसाल का राज्य है। उनसे लड़ने का हौसला अब किसी में नहीं बचा।"

प्रचलित ख़बरें

- विज्ञापन -

 

हमसे जुड़ें

295,307FansLike
112,242FollowersFollow
394,000SubscribersSubscribe