Saturday, September 18, 2021
Homeदेश-समाजहाथरस के पीड़ित परिवार का कोरोना टेस्ट कराने से भी इनकार, इलाहाबाद हाई कोर्ट...

हाथरस के पीड़ित परिवार का कोरोना टेस्ट कराने से भी इनकार, इलाहाबाद हाई कोर्ट ने खारिज की याचिका

हाल ही में आम आदमी पार्टी के विधायक कुलदीप कुमार कोरोना पॉजिटिव होने के बावजूद पीड़ितों से मिलने पहुँचे थे। जिस कारण संक्रमण का खतरा बढ़ चुका है। यही वजह है कि प्रशासन इनकी कोरोना जाँच कराना चाहता है। साथ ही मृतका की बहन को कुछ दिनों से खाँसी की शिकायत भी है।

इलाहाबाद हाई कोर्ट ने हाथरस घटना को लेकर पीड़िता के परिजनों की तरफ से दाखिल बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका को खारिज कर दिया है। पीड़िता के परिजनों ने दाखिल याचिका में प्रशासन पर जबरन घर में कैद करने का आरोप लगाया था। वहीं अब मृतका के परिजनों ने कोरोना टेस्ट कराने से भी मना कर दिया है। बता दें इससे पहले नार्को टेस्ट और सीबीआई जाँच के लिए भी इनकार कर चुके हैं।

हाई कोर्ट ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर सुरक्षा दी गई है। ऐसे में हस्तक्षेप नहीं किया जा सकता। यह आदेश न्यायमूर्ति प्रीतिंकर दिवाकर तथा न्यायमूर्ति प्रकाश पाडिया की खंडपीठ ने मृतका के पिता ओम प्रकाश और 6 अन्य की याचिका पर दिया। खंडपीठ ने स्पष्ट किया है कि यदि परिवार को कोई शिकायत है तो वे सर्वोच्च न्यायालय के समक्ष याचिका दायर कर ने के लिए स्वतंत्र होंगे।

कोरोना टेस्ट के लिए सैंपल लेने पहुँची टीम को भी पीड़ित परिवार ने इनकार कर दिया। दरअसल परिवार के पास बिटिया की मृत्यु के बाद से ही नेताओं और मीडिया का आना-जाना लगा हुआ है, जिससे परिवार को कोरोना का खतरा है।

हाल ही में आम आदमी पार्टी के विधायक कुलदीप कुमार कोरोना पॉजिटिव होने के बावजूद पीड़ितों से मिलने पहुँचे थे। जिस कारण संक्रमण का खतरा बढ़ चुका है। यही वजह है कि प्रशासन इनकी कोरोना जाँच कराना चाहता है। साथ ही मृतका की बहन को कुछ दिनों से खाँसी की शिकायत भी है।

हाथरस कांड

गौरतलब है कि 19 वर्षीय पीड़िता का उसके गाँव में 14 सितंबर को चार लोगों द्वारा कथित तौर पर सामूहिक बलात्कार और हमला किया गया था। हालाँकि, आरोपितो ने इससे इनकार किया था और फोरेंसिक रिपोर्ट में भी यही बात सामने आई है।

मंगलवार (सितम्बर 29, 2020) की सुबह दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में पीड़िता की मौत के बाद से हाथरस मामले को लेकर काफी बहस और राजनीतिक उथल-पुथल देखी जा सकती हैं। हाथरस पुलिस ने बृहस्पतिवार को कहा कि ‘जबरन यौन क्रिया’ की अभी तक भी पोस्टमार्टम रिपोर्ट में पुष्टि नहीं हो पाई है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में गला घोंटने से मौत को मौत का कारण बताया गया था।

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

सिख नरसंहार के बाद छोड़ दी थी कॉन्ग्रेस, ‘अकाली दल’ में भी रहे: भारत-पाक युद्ध की खबर सुन दोबारा सेना में गए थे ‘कैप्टेन’

11 मार्च, 2017 को जन्मदिन के दिन ही कैप्टेन अमरिंदर सिंह को पंजाब में बहुमत प्राप्त हुआ और राज्य में कॉन्ग्रेस के लिए सत्ता का सूखा ख़त्म हुआ।

अडानी समूह के हुए ‘The Quint’ के प्रेजिडेंट और एडिटोरियल डायरेक्टर, गौतम अडानी के भतीजे के अंतर्गत करेंगे काम

वामपंथी मीडिया पोर्टल 'The Quint' में बतौर प्रेजिडेंट और एडिटोरियल डायरेक्टर कार्यरत रहे संजय पुगलिया अब अडानी समूह का हिस्सा बन गए हैं।

प्रचलित ख़बरें

- विज्ञापन -

 

हमसे जुड़ें

295,307FansLike
123,037FollowersFollow
409,000SubscribersSubscribe