फ्लाईओवर के ऊपर ‘पैदा’ हो गया मज़ार, अवैध अतिक्रमण से घंटों लगता है ट्रैफिक जाम: देश की राजधानी की घटना

दिल्ली के आज़ादपुर फ्लाईओवर पर मजार से परेशान हैं लोग

दिल्ली के एक फ्लाईओवर पर मजार को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं। उस एक छोटे से अतिक्रमण से लोगों को जिस तरह से परेशानी हो रही है, उसे लेकर विरोध दर्ज कराया जा रहा है। ‘TV9 भारतवर्ष’ ने दिल्ली के इस अतिक्रमण की खबर के बारे में जानकारी देते हुए कहा कि इसे हिन्दू-मुस्लिम के नजरिए से देखने की बजाए विकास के चश्मे से देखने की सलाह दी। आज़ादपुर के इस मजार के कारण ट्रैफिक जाम भी लग रहा है।

दिल्ली हमेशा से ट्रैफिक जाम से पीड़ित रहा है और रोज यहाँ की सड़कों पर लाखों गाड़ियाँ दौड़ती हैं। इसमें लोगों का समय भी बर्बाद होता है। सड़क पर अतिक्रमण के कारण ये परेशानी और बढ़ जाती है। इन्हीं समस्याओं के कारण कई जगह फ्लाईओवर का निर्माण कराया जाता है, ताकि गाड़ियाँ आसानी से निकल सके और स्थानीय लोगों को परेशानी भी न हो। लेकिन, अब ऐसे फ्लाईओवर भी अवैध कब्जे के शिकार हो रहे हैं।

ताज़ा घटना दिल्ली के आज़ादपुर की है। बड़ी सब्जी मंडी होने की वजह से ये इलाका जाना जाता है। यहाँ के एक फ्लाईओवर पर अवैध मजार बना दिया गया है। जहाँ से फ्लाईओवर शुरू होता है, वहीं पर एक मजार जैसी संरचना बना दी गई है। वहाँ के प्रबंधक का कहना है कि ये एक ‘दरगाह’ है। उसने अतिक्रमण के आरोपों को झूठा करार देते हुए कहा कि ये बहुत पुराना है और उसके दादा भी यहाँ बैठते थे।

उसने दावा किया कि साल 2009 के बाद यहाँ कोई निर्माण कार्य नहीं किया गया और सारी संरचनाएँ पहले की ही है। स्थानीय मुस्लिम दावा करते हैं कि पहले फ्लाईओवर के नीचे मजार हुआ करती थी और अब भी फ्लाईओवर के नीच ‘पीर बाबा’ की कब्र है। मजार को 1950 के पहले का बताया जा रहा है। लेकिन, लोगों को इधर से गुजरने में परेशानी हो रही है और घंटों जाम भी लगते हैं। लेकिन, प्रशासन ने कोई कार्रवाई नहीं की है।

हाल ही में परेशान होकर एक महिला ने दिल्ली के एक मजार को खुद तहस-नहस कर दिया था। 24 जुलाई, 2021 को उक्त महिला ने प्रशासन पर कोई सुनवाई न करने का आरोप लगाते हुए मजार को तोड़ डाला था। इसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया था। 3 साल पुरानी इस मजार पर लोग चादर भी चढ़ाते हैं। पुलिस ने उक्त महिला को बुला कर पूछताछ भी की थी। कई हिन्दू संगठनों ने उसका समर्थन किया था।

ऑपइंडिया स्टाफ़: कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया