Wednesday, July 28, 2021
Homeदेश-समाजबीवी और अब्बू के अवैध संबंधों से परेशान युवक ने दिया तीन तलाक, कहा-...

बीवी और अब्बू के अवैध संबंधों से परेशान युवक ने दिया तीन तलाक, कहा- नए कानून के तहत सजा भी मंजूर

इस मामले में युवक की पत्नी और पिता के ख़िलाफ़ शिकायत दर्ज होने के बाद भी उनपर कोई कार्रवाई नहीं हुई, जिससे परेशान होकर अब इस शख्स ने पुलिस कप्तान से मदद माँगी हैं।

उत्तरप्रदेश के जौनपुर से ट्रिपल तलाक का एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। अभी तक ट्रिपल तलाक से जुड़ी हर शिकायत में जहाँ हमें महिला के पीड़ित और दुखी होने की खबर मिलती थी, वहीं इस बार मुस्लिम युवक ने अपने इस कदम के पीछे अपनी आप बीती सुनाई है। साथ ही युवक ने कहा है कि वो अपनी बीवी को तीन तलाक देने के लिए सजा भुगतने को भी तैयार है।

31 अगस्त को दीवानी न्यायालय पहुँचकर शिकायत दर्ज कराने वाले इस शख्स ने पुलिस को बताया कि पिता और पत्नी को आपत्तिजनक अवस्था में देखने के बाद उसके पास ट्रिपल तलाक के अलावा कोई और चारा नहीं बचा था। और अब वह इसके लिए नए कानून के तहत सजा भुगतने को भी तैयार है। युवक की मानें तो उसे सबसे बड़ी सजा उसकी पत्नी ने दे दी है।

जनसत्ता में प्रकाशित रिपोर्ट के मुताबिक मुस्लिम युवक की शादी 12 साल पहले हुई थी। लेकिन पिछले कई सालों से वह सऊदी अरब में रहकर पैसे कमाता था। कुछ समय पहले बीमार पड़ने की वजह से वह वापस जौनपुर लौट आया। घरवापसी पर उसे कई लोगों ने बताया कि उसकी पत्नी का उसके पिता से अवैध संबंध हैं।

हालाँकि, उस समय उसने अपने पड़ोसियों की नहीं मानीं। लेकिन बीते 25 अगस्त को वो किसी काम से वाराणसी गया और काम जल्दी खत्म होने के कारण रात में ही घर वापस आ गया। घर आकर उसने देखा कि उसकी पत्नी उसके अब्बू के साथ आपत्तिजनक अवस्था में हैं। जिसके बाद उसने अपनी पत्नी को तीन तलाक दे दिया।

इस घटना के बाद इस शख्स ने एसपी को प्रार्थना पत्र लिखकर अपनी पत्नी और पिता के ख़िलाफ़ केज दर्ज करने का आग्रह भी किया और कहा कि ट्रिपल तलाक पर बने नए कानून के तहत वह सजा भुगतने को भी तैयार है।

उल्लेखनीय है कि इस मामले में युवक की पत्नी और पिता के ख़िलाफ़ शिकायत दर्ज होने के बाद भी उनपर कोई कार्रवाई नहीं हुई, जिससे परेशान होकर अब इस शख्स ने पुलिस कप्तान से मदद माँगी हैं।

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

‘मोदी सिर्फ हिंदुओं की सुनते हैं, पाकिस्तान से लड़ते हैं’: दिल्ली HC में हर्ष मंदर के बाल गृह को लेकर NCPCR ने किए चौंकाने...

एनसीपीसीआर ने यह भी पाया कि बड़े लड़कों को भी विरोध स्थलों पर भेजा गया था। बच्चों को विरोध के लिए भेजना किशोर न्याय अधिनियम, 2015 की धारा 83(2) का उल्लंघन है।

उत्तर-पूर्वी राज्यों में संघर्ष पुराना, आंतरिक सीमा विवाद सुलझाने में यहाँ अड़ी हैं पेंच: हिंसा रोकने के हों ठोस उपाय  

असम के मुख्यमंत्री नॉर्थ ईस्ट डेमोक्रेटिक अलायंस के सबसे महत्वपूर्ण नेता हैं। उनके और साथ ही अन्य राज्यों के मुख्यमंत्रियों के लिए यह अवसर है कि दशकों से चल रहे आंतरिक सीमा विवाद का हल निकालने की दिशा में तेज़ी से कदम उठाएँ।

प्रचलित ख़बरें

- विज्ञापन -

 

हमसे जुड़ें

295,307FansLike
111,660FollowersFollow
394,000SubscribersSubscribe