इंफाल के एक पत्रकार किशोरचंद्र वांगखेम और मणिपुर स्थित राजनीतिक दल पीपुल्स रिसर्जेंस एंड जस्टिस एलायंस के संयोजक एरेन्ड्रो लीचोम्बम के खिलाफ उनके फेसबुक पोस्ट को लेकर शिकायत दर्ज की। दोनों को गिरफ्तार भी कर लिया गया है। मणिपुर पुलिस ने गुरुवार (मई 13, 2021) शाम को पत्रकार किशोरचंद्र वांगखेम और एरेन्ड्रो लीचोम्बम को उनके घरों से गिरफ्तार कर लिया।
भाजपा महासचिव पी प्रेमानंद मीतेई और भाजपा उपाध्यक्ष उशम देबन ने दोनों लोगों की पुलिस से शिकायत की थी। शिकायत में आरोप लगाया गया कि पत्रकार वांगकेम और नेता लीचोम्बम के फेसबुक पोस्ट में मणिपुर भाजपा अध्यक्ष सैखोम टिकेंद्र सिंह की मौत के बाद उनका मजाक उड़ाते हुए अपमान किया गया। दोनों लोगों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 153-ए और 505 (बी) (2) के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है और दोनों को 17 मई तक पुलिस हिरासत में रखा जाएगा।
मालूम हो कि गुरुवार को कोविड-19 के कारण भाजपा नेता सैखोम टिकेंद्र सिंह की मौत हो गई। भाजपा अध्यक्ष के निधन के बाद पत्रकार किशोरचंद्र वांगखेम ने अपने फेसबुक पेज पर लिखा था, “संथी संयुंग ना यादाबो, ओह!!! RIP #Rashikang_Kangyet Hayeng nga Chaani।” (अनुवाद: गोबर गोमूत्र काम नहीं आया। निराधार तर्क। कल मैं मछली खाऊँगा।)
इसके बाद लीचोम्बम नाम के शख्स ने भी अपनी फेसबुक वॉल पर COVID के इलाज के लिए गोमूत्र और गोबर पर भाजपा के कुछ नेताओं की वकालत पर निशाना साधते हुए भाजपा नेता सैखोम टिकेंद्र सिंह की मृत्यु का उपहास उड़ाया। जिसमें लिखा था, “कोरोना का इलाज गोबर और गोमूत्र नहीं है। इलाज विज्ञान और सामान्य ज्ञान है। प्रोफेसर जी। RIP।” बता दें कि इंफाल के शिजा अस्पताल में कोविड -19 से संबंधित जटिलताओं के कारण भाजपा नेता टिकेंद्र की मृत्यु हो गई।
यह तीसरी बार है जब पत्रकार किशोरचंद्र वांगखेम को अपने विवादित बयानों के करण गिरफ्तार किया गया है। इससे पहले उन्होंने दो अलग-अलग मामलों में जेल में समय बिताया था। इससे पहले भी, मणिपुर में भाजपा के नेतृत्व वाली सरकार ने राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम (NSA) के तहत देशद्रोह और ‘सोशल मीडिया पोस्ट के माध्यम से विभिन्न समूहों के बीच दुश्मनी को बढ़ावा देने’ के आरोप इस पत्रकार पर लगाए थे।
मणिपुर स्थित राजनीतिक दल पीपुल्स रिसर्जेंस एंड जस्टिस एलायंस (PRJ) के संयोजक लीचोम्बम पर भी पिछले साल फेसबुक पर एक टिप्पणी को लेकर देशद्रोह के आरोप में मणिपुर पुलिस ने मामला दर्ज किया था। सरकार के खिलाफ आलोचनात्मक टिप्पणी और वीडियो पोस्ट करने के बाद उन्हें 2018 में भी गिरफ्तार भी किया गया था।