Thursday, September 16, 2021
Homeदेश-समाजSC ने NEET और JEE की प्रवेश परीक्षा टालने से किया मना: याचिका खारिज,...

SC ने NEET और JEE की प्रवेश परीक्षा टालने से किया मना: याचिका खारिज, कहा- अब और देरी छात्रों के समय की बर्बादी होगी

“क्या देश में सब कुछ रोक दिया जाए? (बच्चों का) एक कीमती साल को यूँ ही बर्बाद हो जाने दिया जाए?” पीठ ने अदालत की कार्रवाई का हवाला देते हुए कहा कि इस महामारी में कोर्ट लगातार चल रहा है। ऐसे में उचित सुरक्षा उपकरणों के साथ परीक्षा भी हो सकती हैं।

सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार (अगस्त 17, 2020) को IIT-JEE और NEET की परीक्षा को टालने वाली याचिका को खारिज कर दिया। कोर्ट ने कहा कि अब और देरी छात्रों के कीमती समय की बर्बादी होगी। इस फैसले के बाद सितंबर में परीक्षाओं का होना भी लगभग तय हो गया।

याचिका खारिज करते हुए जस्टिस अरुण कुमार मिश्रा, जस्टिस बी आर गवई और जस्टिस कृष्ण मुरारी की खंडपीठ ने कहा कि कोरोना के कारण देश में सब कुछ रोका नहीं जा सकता।

जस्टिस मिश्रा ने कहा, “क्या देश में सब कुछ रोक दिया जाए? (बच्चों का) एक कीमती साल को यूँ ही बर्बाद हो जाने दिया जाए?” पीठ ने अदालत की कार्रवाई का हवाला देते हुए कहा कि इस महामारी में कोर्ट लगातार चल रहा है। ऐसे में उचित सुरक्षा उपकरणों के साथ परीक्षा भी हो सकती हैं।

पीठ ने सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता की दलीलों को रिकॉर्ड में लिया है जिसमें उन्होंने आश्वासन दिया था कि एग्जाम के दौरान नेशनल टेस्टिंग एजेंसी द्वारा हर सावधानी बरती जाएगी।

बता दें अब जेईई परीक्षा 1 सितंबर से 6 सितंबर तक आयोजित की जाएगी, वहीं नीट परीक्षा 13 सितंबर को आयोजित की जाएगी। ये भी कहा जा रहा है कि सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले के बाद आज या एक दो दिन में कभी भी जेईई मेन के एडमिट कार्ड जारी हो सकते हैं।

गौरतलब है कि 11 राज्यों के 11 छात्रों ने देश में तेजी से बढ़ रहे कोविड-19 महामारी के मामलों की संख्या के मद्देनजर जेईई मेन और नीट यूजी परीक्षाएँ स्थगित करने के अनुरोध के साथ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की थी।

याचिका में कोरोना वायरस महामारी का जिक्र करते हुए राष्ट्रीय परीक्षा एजेन्सी (एनटीए) की 3 जुलाई की नोटिस रद्द करने का अनुरोध किया गया था। साथ ही प्रशासन से परीक्षा केंद्र की संख्या बढ़ाने की भी माँग थी।

याचिकाकर्ता ने कहा था कि प्रशासन बिहार, असम, नॉर्थ ईस्ट राज्यों के तमाम छात्रों को नहीं नकार सकते जो बाढ़ से प्रभावित हैं और जिनके लिए ऐसी स्थिति में ऑफलाइन या ऑनलाइन किसी भी रूप में परीक्षा देना आसान नहीं है।

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

कोहाट दंगे: खिलाफ़त आंदोलन के लिए हुई ‘डील’ ने कैसे करवाया था हिंदुओं का सफाया? 3000 का हुआ था पलायन

10 सितंबर 1924 को करीबन 4000 की मुस्लिम भीड़ ने 3000 हिंदुओं को इतना मजबूर कर दिया कि उन्हें भाग कर मंदिर में शरण लेनी पड़ी। जो पीछे छूटे उन्हें मार डाला गया।

‘प्रेमिका गाँधी, मायावती या मुख्यमंत्री’: यूपी में प्रियंका का इंतजार कर रहे कॉन्ग्रेस समर्थकों को नहीं पता वह कौन हैं? वीडियो वायरल

कॉन्ग्रेस महासचिव प्रियंका गाँधी का स्वागत करने के लिए एकत्र हुए कॉन्ग्रेसी प्रशंसकों को पता नहीं है कि वह कौन हैं या उनका नाम क्या है।

प्रचलित ख़बरें

- विज्ञापन -

 

हमसे जुड़ें

295,307FansLike
122,706FollowersFollow
409,000SubscribersSubscribe