डेढ़ महीने में बेड 10 गुणा: हालात में सुधार, कोरोना की तीसरी लहर पर काबू पाने की तैयारियों में जुटी योगी सरकार

गाजियाबाद में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान सीएम योगी आदित्यनाथ (साभार: CMOfficeUP द्वारा अपलोड किए गए वीडियो से स्क्रीनशॉट)

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार (मई 16, 2021) को कहा कि राज्य कोविड-19 महामारी की तीसरी लहर से निपटने के लिए तैयार है। यूपी, देश का सबसे अधिक आबादी वाला राज्य कोविड-19 की दूसरी लहर से सबसे अधिक प्रभावित राज्यों में से एक है।

राज्य में अप्रैल में कई दिनों तक 30,000 से अधिक मामले हर दिन सामने आए, हालाँकि अब प्रतिदिन 15,000 से कम हो गई है और 16 मई को, राज्य में कोविड-19 के 10,505 नए मामले दर्ज किए गए। राज्य में कोविड के सक्रिय मामलों की संख्या में लगातार गिरावट दर्ज की जा रही है। राज्य फिलहाल कोरोना की दूसरी लहर से लड़ रहा है, मगर उसने पहले ही विशेषज्ञों द्वारा भविष्यवाणी के अनुसार वायरस की संभावित तीसरी लहर से निपटने के लिए एक कठोर कार्य योजना तैयार की है।

सीएम योगी आदित्यनाथ ने नोएडा फिल्म सिटी में एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि राज्य कोविड -19 की प्रत्याशित तीसरी लहर से लड़ने के लिए खुद को पूरी तरह से तैयार कर रहा है। भविष्यवाणियों के अनुसार, तीसरी लहर बच्चों, महिलाओं और अन्य कमजोर समूहों को प्रभावित कर सकती है।

कार्य योजना के तहत सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में स्वास्थ्य सुविधाओं में सुधार के लिए तत्काल निर्देश जारी किए गए हैं। बच्चों की उचित और विशेष देखभाल के लिए सभी जिलों में 100 बिस्तरों की न्यूनतम क्षमता वाले बाल चिकित्सा आईसीयू स्थापित किए जा रहे हैं। मेडिकल कॉलेजों में अतिरिक्त वार्ड बनाए जा रहे हैं।

ग्रामीण क्षेत्रों में प्रसार की रोकथाम

उत्तर प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्र में लगातार वायरस फैलने का खतरा बना हुआ है। प्रसार को रोकने के लिए, यूपी सरकार स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं और निगरानी समिति के सदस्यों के साथ काम कर रही है, जो लक्षणों वाले व्यक्तियों की जाँच और पता लगाने के लिए प्रत्येक घर का दौरा कर रहे हैं। उन्हें चिकित्सा किट प्रदान की जा रही हैं जिनमें कोविड -19 की दवाएँ हैं। निगरानी समिति के चार लाख से अधिक सदस्य डोर-टू-डोर टेस्ट कर रहे हैं जो मरीजों की शीघ्र पहचान, आइसोलेशन और उपचार में मदद कर रहे हैं।

सीएम योगी ने कहा, “संबंधित अधिकारियों के निर्देशानुसार हल्के लक्षणों वाले मरीजों को दवा किट के साथ मुफ्त और उचित उपचार प्रदान किया जा रहा है। रोगी को गंभीर न होने देने के लिए टेस्ट के परिणाम की प्रतीक्षा किए बिना प्रारंभिक उपचार प्रदान किया जा रहा है।”

युद्धस्तर पर जारी रहेगा टीकाकरण अभियान

राज्य संगठित और चरणबद्ध तरीके से योजना के अनुसार टीकाकरण अभियान जारी रखेगा। हर व्यक्ति को टीका नि:शुल्क मिलेगा। राज्य अब तक वैक्सीन की 1.5 करोड़ खुराक दे चुका है। टीकाकरण कार्रवाई कार्यक्रम के तीसरे चरण के तहत, 18 वर्ष से अधिक आयु के लोगों को 23 से अधिक उच्च भार वाले जिलों में मुफ्त टीके मिल रहे हैं। उसके बाद, राज्य ग्रामीण आबादी को टीका उपलब्ध कराएगा। सीएम योगी ने कहा, “मैं खुद निगरानी कर रहा हूँ और पूरी तैयारी सुनिश्चित करने के लिए जमीनी स्तर पर व्यवस्थाओं का जायजा ले रहा हूँ। मैंने अब तक वाराणसी, गोरखपुर, आगरा, मथुरा, अलीगढ़ और अन्य ग्रामीण क्षेत्रों का दौरा किया है और आगे भी करता रहूँगा।”

इन्सेफलाइटिस से निपटने का अनुभव बच्चों की मदद के काम आता है

राज्य कोविड-19 की संभावित तीसरी लहर के खिलाफ प्रतिस्पर्धा करने के लिए व्यापक तैयारी कर रहा है। इन्सेफलाइटिस से निपटने के लिए सीएम योगी का अनुभव इससे निपटने में काम आएगा। बता दें कि इन्सेफलाइटिस ने कई दशकों तक राज्य में, विशेष रूप से पश्चिमी यूपी में तबाही मचा रखी थी। जब से सीएम योगी ने राज्य की कमान सँभाली है, उस पर 98% का नियंत्रण हो चुका है।

उन्होंने कहा, “हमने खतरे से लड़ते हुए एक व्यापक कार्य योजना बनाई थी और परिणाम के साथ, हताहतों की संख्या जो हर साल 1200 से 1500 के बीच हुआ करती थी, पिछले साल घटकर 63 हो गई। अनुभव के आधार पर बच्चों और महिलाओं के लिए विशेष व्यवस्था की जा रही है।”

राज्य के स्वास्थ्य विभाग ने ब्लैक फंगस से निपटने के लिए भी एडवाइजरी जारी की है। ब्लैक फंगस के मामलों से निपटने के लिए स्वास्थ्य प्रोफेशनल को प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है।

दैनिक जागरण की खबर के अनुसार प्रदेश की योगी सरकार कोरोना से निपटने के लिए स्वास्थ्य व्यवस्था पर काफी ध्यान दिया है। एक अप्रैल तक प्रदेश में जहाँ तकरीबन 700 बेड थे वहाँ 15 मई तक 7,000 बेड बना दिए गए हैं। कोविड अस्पतालों की बात करें तो करीब 73 अस्पताल पूरी तरह से संचालित किए जा रहे हैं। वहीं ऑक्सीजन के लिए लगभग सभी अस्पतालों में एक से दो महीने में ऑक्सीजन प्लांटोंं की क्षमता को बढ़ाया जा रहा है। पीजीआइ, लोहिया, केजीएमयू सहित तमाम बड़े अस्पतालों में ऑक्सीजन प्लांटों की क्षमता को बढ़ाया जा रहा है। करीब एक दर्जन प्लांट के लिए तो कंपनियों को ऑर्डर भी दिए जा चुके हैं।

साभार: दैनिक जागरण

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक राज्य में एक अप्रैल तक 12 कोविड अस्पताल, 358 एल-वन बेड, 225 एचडीयू बेड, 214 आइसीयू बेड यानी कुल मिलाकर 797 बेड थे। वहीं 15 मई तक यह बढ़ कर 6680 हो गया। जिसमें कोविड अस्पतालों की संख्या 75, एल-वन बेड की संख्या 2797, एचडीयू बेड की संख्या 2461 और आइसीयू बेड की संख्या 1422 शामिल है। 

डीआरडीओ और एचएएल के कोविड अस्पताल आज पूरे जोर-शोर से संचालित हो रहे हैं। उम्मीद है कि कोरोना के खिलाफ जंग में जो मोर्चा प्रशासन ने खड़ा किया है वह इसी तरह मुस्तैद रहेगा, जब तक कोरोना संक्रमित एक भी रोगी मौजूद रहेगा। सीएम योगी ने कहा, “हमें निश्चिंत होकर नहीं बैठना है। सेनाएँ खेमे में नहीं लौटनी चाहिए जब तक शत्रु समर्फण न कर दे।”

वहीं ऑक्सीजन की बात करें तो कोरोना की दूसरी लहर में एक समय में इसकी माँग सौ मीट्रिक टन तक पहुँच चुकी थी। उस समय शहर में सिर्फ बीस-पच्चीस मीट्रिक टन ऑक्सीजन उत्पादित हो रही थी, लेकिन प्रशासन ने ऑक्सीजन ट्रेन और एयरफोर्स की मदद से माँग को पूरा किया। अब लगभग सभी अस्पतालों में प्लांट स्थापित करने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। बताया जा रहा है कि दो महीनों के भीतर ही सभी प्रमुख अस्पतालों में भरपूर ऑक्सीजन होगी।

उत्तर प्रदेश में कोविड-19

कोविड-19 के खिलाफ लड़ाई में राज्य 1 मई से लगातार बेहतर हो रहा है। स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय के अनुसार, 16 मई को राज्य में कोविड-19 के 10,505 नए मामले सामने आए। 9 अप्रैल के बाद यह पहली बार है जब राज्य में करीब 10,000 मामले सामने आए हैं। नए मामले 9 अप्रैल से बढ़ रहे थे और 24 अप्रैल को चरम पर थे, उस समय राज्य में एक ही दिन में 38,055 मामले दर्ज किए गए थे।

राज्य में फिलहाल 1,63,003 एक्टिव मामले हैं। 16 मई को 24,837 मरीज ठीक हुए और 308 लोग कोविड-19 से जंग हार गए। टेस्ट पॉजिटिव अनुापत लगातार गिर रहा है। रविवार (मई 16, 2021) को यह घटकर 3.9% हो गया।

ऑपइंडिया स्टाफ़: कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया