VISTARA एयरलाइंस और जीडी बख्शी मामला: वामपंथी ट्रोलों के मुँह पर जोरदार तमाचा, घर पहुँच माँगी माफी

"अमेरिकी अपने सैनिकों का खुले दिल से स्वागत करते हैं और देश की रक्षा करने के लिए उनका धन्यवाद भी करते हैं। अब यही धारणा भारत में भी पकड़ बना रही है, जिससे कुछ तथाकथित वामपंथी उदारवादियों को परेशानी हो रही है।"

लिबरलों की ट्रोलिंग से परेशान होकर विस्तारा एयरलाइंस द्वारा रिटायर्ड मेजर जनरल बख्शी के अभिनंदन वाले ट्वीट को डिलीट करने के बाद एयरलाइन्स ने अपने दो वरिष्ठ अधिकारियों को व्यक्तिगत तौर पर उनसे माफी माँगने के लिए उनके घर भेजा।

दरअसल, विस्तारा ने 19 अप्रैल को ‘कारगिल वॉर के हीरो’ सेवानिवृत्त मेजर जनरल जीडी बख्शी की एक फोटो ट्विटर पर पोस्ट की थी। इसमें उन्होंने भारत के युद्ध नायक मेजर जनरल जीडी बख्शी का अभिनन्दन किया था। मेजर जनरल बख्शी विस्तारा के हवाई जहाज से यात्रा कर रहे थे और एयरलाइन्स ने उनका स्वागत करते हुए एक ट्वीट किया था, “कारगिल युद्ध के नायक मेजर जनरल जीडी बख्शी (सेवानिवृत्त) का आज हमारे विमान से उड़ान भरना हमारे लिए सम्मान की बात है। देश की सेवा के लिए आपका धन्यवाद।”

विस्तारा द्वारा जीडी बख्शी के स्वागत में किया गया ट्वीट

एक युद्ध नायक का इतना सा सम्मान भी वाम-चरमपंथी ‘लिबरल’ धड़े के लिए असह्य हो गया, और उन्होंने बुरी तरह ट्रोल कर विस्तारा को अपमानित करना शुरू कर दिया। खुद को ‘समाज का पथ-प्रदर्शक’ कहने वाले पत्रकार भी आम ट्रोलों की आलोचना करने के बजाय एक सुर में गाते नजर आए। हर समय मॉब-लिंचिंग का खटराग छेड़ने वाले लोग देश के वीर सैनिक की ही सोशल-मॉब-लिंचिंग में शामिल होने कूद पड़े।

- विज्ञापन - - लेख आगे पढ़ें -

लगातार ट्रोलिंग और बहिष्कार की धमकी के बाद विस्तारा ने यह ट्वीट डिलीट कर दिया। इसके बाद कंपनी ने एक पोस्ट करते हुए लिखा कि विस्तारा नियमित तौर पर अपने कर्मचारियों के साथ यात्रियों की तस्वीरें शेयर करती रहती है। इसी सिलसिले में हाल में शेयर की गई एक तस्वीर पर काफी बहस हुई, जो सभी के लिए अपमानजनक थी। इसके आगे विस्तारा ने लिखा कि कंपनी नहीं चाहती कि इस प्लेटफॉर्म पर किसी का अपमान हो या फिर किसी को तकलीफ हो। इसलिए इस ट्वीट को हटाने का मकसद इस प्रकार की टिप्पणियों को डिलीट करना था।

विस्तारा द्वारा ट्वीट किए गए फोटो पर मेजर जनरल बख्शी के लिए जिस तरह की अपमानजनक टिप्पणियाँ की गईं थीं, उससे विस्तारा को भी बुरा लगा था, इसलिए कंपनी ने अपने दो सीनियर ऑफिसर्स को उनके घर भेजकर माफी माँगने का फैसला किया। मेजर जनरल बख्शी ने विस्तारा के इस कदम की सराहना की, और उन्होंने फेसबुक पर पोस्ट किया कि यह सैनिक की भावनाओं के लिए एक सम्मानजनक कदम था। उन्होंने एक तस्वीर पोस्ट की है, जिसमें वे एयरलाइन्स के मुख्य रणनीति और वाणिज्य अधिकारी संजीव कपूर और वरिष्ठ उपाध्यक्ष दीपा चड्ढा के साथ नजर आ रहे हैं। दीपा चड्ढा मानव संसाधन और कॉर्पोरेट मामलों को भी देखती हैं। इस तस्वीर को देखकर ये बात साफ हो जाती है कि कंपनी ने इस मामले को काफी गंभीरता से लिया है, तभी तो कंपनी ने सीनियर अधिकारियों को व्यक्तिगत तौर पर उनसे मिलने के लिए भेजा।

मेजर बख्शी ने अपने पोस्ट में लिखा कि वह यह देखकर बहुत खुश हैं कि भारत में एयरलाइंस ने अपने विमानों में सेवारत और सेवानिवृत्त सैनिकों को सम्मानित करके अपने अमेरिकी समकक्षों का अनुकरण करना शुरू कर दिया है। उन्होंने लिखा कि अमेरिकन देश की सेवा करने वाले सैनिकों का खुले दिल से स्वागत करते हैं और देश की रक्षा करने के लिए उनका धन्यवाद भी करते हैं। अब यही धारणा भारत में भी पकड़ बना रही है, जिससे कुछ तथाकथित वामपंथी उदारवादियों को परेशानी हो रही है। उन्होंने आगे लिखा कि वो लोग, संकुचित मानसिकता के लोग थे, जिन्होंने उनके खिलाफ तीखे और अपमानजनक ट्वीट किए और विस्तारा को बायकॉट करने की धमकी दी।

जनरल बख्शी लिखते हैं कि एयरलाइन्स को अपने बात पर अडिग रहना चाहिए था, मगर कंपनी ने वामपंथी ट्रोलों के दबाव में आकर, डर कर ट्वीट डिलीट कर दिया। लेकिन अब कंपनी के अधिकारियों के यहाँ पर आकर व्यक्तिगत तौर पर मिलकर माफी माँगने के साथ ही ये बात यहीं पर खत्म हो जाती है। हालाँकि उन्होंने आगे कहा कि वो भारतीय सशस्त्र बलों से नफरत करने वालों के बारे में आश्वस्त नहीं हैं, जो अपनी आवाज को राष्ट्र की आवाज का रूप देकर अपनी बात मनवाने की कोशिश करते हैं। उनका कहना है कि इस तरह के लिबरल्स देश की जनता के नब्ज को नहीं समझते हैं और ना ही उनका जनता के विचार से कोई सरोकार है। उन्हें देश की जनता के भीतर की आवाज को सुनने की ज़रूरत है और साथ ही उस पर चिंतन करने की भी।

शेयर करें, मदद करें:
Support OpIndia by paying for content

यू-ट्यूब से

बड़ी ख़बर

उद्धव ठाकरे ने कहा,"मुझे नेहरू को वीर कहने में गुरेज नहीं होता यदि वह 14 मिनट भी जेल के भीतर सावरकर की तरह रहे होते। सावरकर 14 वर्षों तक जेल में रहे थे।" साथ ही कॉन्ग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गॉंधी को भी उन्होंने निशाने पर लिया।

ज़्यादा पढ़ी गईं ख़बरें

इमरान ख़ान

मोदी के ख़िलाफ़ बयानबाजी बंद करें इमरान ख़ान: मुस्लिम मुल्कों की पाकिस्तान को 2 टूक

मुस्लिम देशों ने प्रधानमंत्री इमरान खान से कहा है कि कश्मीर मुद्दे को लेकर दोनों देशों के बीच जारी तनाव को कम करने के लिए वह अपने भारतीय समकक्ष के खिलाफ अपनी भाषा में तल्खी को कम करें।
तजिंदर बग्गा, एंड्रिया डिसूजा

‘₹500 में बिक गईं कॉन्ग्रेस नेता’: तजिंदर बग्गा ने खोली रिया (असली नाम एंड्रिया डिसूजा) की पोल

बग्गा ने रिया को व्हाट्सएप मैसेज किया और कहा कि वो उनसे एक प्रमोशनल ट्वीट करवाना चाहते हैं। रिया ने इसके लिए हामी भर दी और इसकी कीमत पूछी। बग्गा ने रिया को प्रत्येक ट्वीट के लिए 500 रुपए देने की बात कही। रिया इसके लिए भी तैयार हो गई और एक फेक ट्वीट को...
सीजेआई रंजन गोगोई

CJI रंजन गोगोई: कश्मीर, काटजू, कन्हैया…CM पिता जानते थे बेटा बनेगा मुख्य न्यायाधीश

विनम्र स्वभाव के गोगोई सख्त जज माने जाते हैं। एक बार उन्होंने अवमानना नोटिस जारी कर सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जज मार्कंडेय काटजू को अदालत में तलब कर लिया था। काटजू ने सौम्या मर्डर केस में ब्लॉग लिखकर उनके फैसले पर सवाल उठाए थे।
सिंध, पाकिस्तान

मियाँ मिट्ठू के नेतृत्व में भीड़ ने हिन्दू शिक्षक को पीटा, स्कूल और मंदिर में मचाई तोड़फोड़

इस हमले में कट्टरपंथी नेता मियाँ मिट्ठू का हाथ सामने आया है। उसने न सिर्फ़ मंदिर बल्कि स्कूल को भी नुक़सान पहुँचाया। मियाँ मिट्ठू के नेतृत्व में भीड़ ने पुलिस के सामने शिक्षक की पिटाई की, मंदिर में तोड़फोड़ किया और स्कूल को नुक़सान पहुँचाया।
हिना सिद्धू, मलाला युसुफ़ज़ई

J&K पाकिस्तान को देना चाहती हैं मलाला, पहले खुद घर लौटकर तो दिखाएँ: पूर्व No.1 शूटर हिना

2013 और 2017 विश्वकप में पहले स्थान पर रह कर गोल्ड मेडल जीत चुकीं पिस्टल शूटर हिना सिद्धू ने मलाला को याद दिलाया है कि ये वही पाकिस्तान है, जहाँ कभी उनकी जान जाते-जाते बची थी। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान में लड़कियों की शिक्षा के लिए कितने मौके हैं, इसे मलाला बेहतर जानती हैं।

शेख अब्दुल्ला ने लकड़ी तस्करों के लिए बनाया कानून, फॅंस गए बेटे फारूक अब्दुल्ला

फारूक अब्दुल्ला को जिस पीएसए एक्ट तहत हिरासत में लिया गया है उसमें किसी व्यक्ति को बिना मुक़दमा चलाए 2 वर्षों तक हिरासत में रखा जा सकता है। अप्रैल 8, 1978 को जम्मू-कश्मीर के राज्यपाल से इसे मंजूरी मिली थी। यह क़ानून लकड़ी की तस्करी रोकने के लिए लाया गया था।
एन राम

‘The Hindu’ के चेयरमैन बने जज: चिदंबरम को कॉन्ग्रेस के कार्यक्रम में दी क्लीन चिट, कहा- कोई सबूत नहीं

एन राम चिदंबरम को जेल भेजने के लिए देश की अदालतों की आलोचना करने से भी नहीं चूके। उन्होंने कहा कि इस गिरफ्तारी की साजिश करने वालों का मकसद सिर्फ और सिर्फ चिदंबरम की आजादी पर बंदिश लगाना था और दुर्भाग्यवश देश की सबसे बड़ी अदालतें भी इसकी चपेट में आ गईं।
हिन्दू लड़की की हत्या

…बस एक एग्जाम और डेंटल डॉक्टर बन जातीं नमृता लेकिन पाकिस्तान में रस्सी से बंधा मिला शव

बहन के मृत शरीर को देख नमृता के भाई डॉ विशाल सुंदर ने कहा, "उसके शरीर के अन्य हिस्सों पर भी निशान हैं, जैसे कोई व्यक्ति उन्हें पकड़ रखा था। हम अल्पसंख्यक हैं, कृपया हमारे लिए खड़े हों।"
सुप्रीम कोर्ट, राम मंदिर

अगर राम जन्मस्थान को लेकर आस्था है तो इस पर सवाल नहीं उठा सकते: सुप्रीम कोर्ट

मुस्लिम पक्षकार राजीव धवन ने अदालत में दावा किया कि पहले हिंदू बाहर के अहाते में पूजा करते थे, लेकिन दिसंबर 22-23, 1949 की रात रामलला की मूर्ति को अवैध तरीके से मस्जिद के अंदर शिफ्ट कर दिया गया।
नितिन गडकरी

भारी चालान से परेशान लोगों के लिए गडकरी ने दी राहत भरी खबर, अब जुर्माने की राशि 500-5000 के बीच

1 सितंबर 2019 से लागू हुए नए ट्रैफिक रूल के बाद से चालान के रोजाना नए रिकॉर्ड बन और टूट रहे हैं। दिल्ली से लेकर अन्य राज्यों में कई भारी-भरकम चालान काटे गए जो मीडिया में छाए रहे जिसे देखकर कुछ राज्य सरकारों ने पहले ही जुर्माने की राशि में बदलाव कर दिया था।

ताज़ा ख़बरें

हमसे जुड़ें

91,128फैंसलाइक करें
15,115फॉलोवर्सफॉलो करें
97,500सब्सक्राइबर्ससब्सक्राइब करें

ज़रूर पढ़ें

शेयर करें, मदद करें: