कंपनी में छँटनी आत्महत्या का कारण नहीं: मृत कंप्यूटर ऑपरेटर के पिता ने किया BBC के प्रोपेगंडा का खंडन

अपने पत्र में विश्वजीत ने उन सारी ख़बरों का खंडन किया है, जिनमें आशीष की आत्महत्या की वजह 'कम्पनी द्वारा की जाने वाली छँटनी' को बताया गया है। उन्होंने अपने बेटे की मौत की वजह 'पारिवारिक जिम्मेदारियों का तनाव' और 'घरेलू समस्या' को बताया।

मीडिया किस तरह से घटनाओं को घूमा-फिरा कर पेश करता है, इसका नमूना आप पहले भी देख चुके हैं। लेकिन, किसी व्यक्ति की दुःखद मौत के बाद उसकी लाश पर अपना प्रोपेगंडा चलाना कहाँ तक उचित है? वह भी एक अंतरराष्ट्रीय और काफ़ी पुरानी मीडिया संस्थान द्वारा ऐसी हरकत तो और भी शर्म की बात है। बीबीसी ने एक इंजीनियर की आत्महत्या पर गन्दा खेल खेला है और बीबीसी हिंदी के डिजिटल एडिटर मिलिंद खांडेकर जैसे पत्रकारों ने इसे आगे बढ़ाया। खांडेकर का ट्वीट देखिए:

सबसे पहले ख़बर के बारे में जानते हैं, फिर बीबीसी के प्रोपेगंडा पर वापस आएँगे और उसके बाद आपके सामने सच्चाई रखेंगे। दरअसल, भाजपा के बारीडीह मंडल के आईटी सह-संयोजक कुमार विश्वजीत के बेटे ने शुक्रवार (अगस्त 16, 2019) को आत्महत्या कर ली। 26 वर्षीय कुमार आशीष ‘टाटा मोटर्स’ के लिए जॉबवर्क करने वाली कंपनी ‘आटोमैटिक एक्सेल’ में कार्यरत थे। बीबीसी के अनुसार, वे अपनी आत्महत्या से पहले काफ़ी सहज थे और दोस्तों एवं परिवार के साथ समय बीता रहे थे।

इसके बाद बीबीसी ने इसमें और भी एंगल घुसेड़ा। पुलिस के हवाले से दावा किया गया कि उनके मन में नौकरी को लेकर असुरक्षा की भावना थी। अर्थात, बीबीसी ने पुलिस के हवाले से जॉब इन्सिक्युरिटी को आशीष की ख़ुदकुशी की वजह बताया। आशीष के पिता विश्वजीत ‘टाटा स्टील’ में कार्यरत हैं। बीबीसी ने विश्वजीत के हवाले से बताया कि घर में नौकरी जाने के बाद की स्थिति को लेकर बातें होती थीं।

- विज्ञापन - - लेख आगे पढ़ें -

‘टाटा स्टील’ में ट्रेनिंग को लेकर टेस्ट लिया जा रहा है। बीबीसी ने इन सारी चीजों की खिचड़ी बना कर यह दिखाने की कोशिश की कि नौकरियाँ जा रही हैं और इसी कारण लोग आत्महत्या कर रहे हैं। जबकि, बीबीसी से भी बात करते हुए विश्वजीत से साफ़-साफ़ कहा कि उन्हें आशीष की आत्महत्या का कारण नहीं पता। इसी ख़बर में पुलिस ने भी कहा कि आत्महत्या की मूल वजह का पता लगाया जा रहा है। मिलिंद खांडेकर और बीबीसी ने इसे ‘ऑटो कंपनियों में हो रही छँटनी’ से जोड़ कर अपना उल्लू सीधा किया।

अब आते हैं सच्चाई पर। आशीष के पिता विश्वजीत ने एक पत्र लिख कर उनके बेटे की आत्महत्या को लेकर मीडिया में चल रही भ्रामक ख़बरों को निराधार बताया है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को लिखे पत्र में उन्होंने साफ़ किया है कि आशीष की आत्महत्या का कारण ‘कम्पनी द्वारा कर्मचारियों की छँटनी’ नहीं है। नीचे हम वह पत्र संलग्न कर रहे हैं, जो आशीष के पिता विश्वजीत ने पूर्वी सिंहभूम के वरिष्ठ एसपी को भेजा:

आशीष के पिता विश्वजीत का वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को लिखा गया पत्र

इस पत्र में विश्वजीत ने उन सारी ख़बरों का खंडन किया है, जिनमें आशीष की आत्महत्या की वजह ‘कम्पनी द्वारा की जाने वाली छँटनी’ को बताया गया है। उन्होंने अपने बेटे की मौत की वजह ‘पारिवारिक जिम्मेदारियों का तनाव’ और ‘घरेलू समस्या’ को बताया। ऐसे में, सोचिए उस पिता पर क्या गुजर रही होगी जिसके जवान बेटे के मृत्यु शोक को मीडिया के एक प्रोपेगंडा परस्त हिस्से द्वारा राजनीतिक जामा पहना कर बेचा जा रहा हो।

शेयर करें, मदद करें:
Support OpIndia by paying for content

यू-ट्यूब से

बड़ी ख़बर

गृह मंत्री रहते चिदंबरम ने हिंदी के पूरे देश की भाषा बनने की उम्मीद जताई थी। सरकारी दफ्तरों में संवाद के लिए हिंदी के इस्तेमाल पर जोर दिया था। लेकिन, अब जिस तरह उनकी पार्टी और गठबंधन के साथी अमित शाह के बयान पर जहर उगल रहे हैं उससे जाहिर है यह अंध विरोध के अलावा कुछ भी नहीं।

ज़्यादा पढ़ी गईं ख़बरें

शरद पवार

पाकिस्तान जैसा प्यार कहीं नहीं मिला, 370 हटाने से बढ़ेगा आतंकवाद: शरद पवार

"मैं पाकिस्तान गया हूँ। वहाँ के लोगों में मेहमाननवाजी कूट-कूट कर भरी है।पाकिस्तान के बारे में गलत चित्र पेश किया जा रहा है कि वहाँ लोग खुश नहीं हैं। यहाँ (भारत) सरकार राजनीतिक लाभ लेने के लिए पाकिस्तान के बारे में झूठी खबरें फैला रही है।”
हिना सिद्धू, मलाला युसुफ़ज़ई

J&K पाकिस्तान को देना चाहती हैं मलाला, पहले खुद घर लौटकर तो दिखाएँ: पूर्व No.1 शूटर हिना

2013 और 2017 विश्वकप में पहले स्थान पर रह कर गोल्ड मेडल जीत चुकीं पिस्टल शूटर हिना सिद्धू ने मलाला को याद दिलाया है कि ये वही पाकिस्तान है, जहाँ कभी उनकी जान जाते-जाते बची थी। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान में लड़कियों की शिक्षा के लिए कितने मौके हैं, इसे मलाला बेहतर जानती हैं।
सिंध, पाकिस्तान

मियाँ मिट्ठू के नेतृत्व में भीड़ ने हिन्दू शिक्षक को पीटा, स्कूल और मंदिर में मचाई तोड़फोड़

इस हमले में कट्टरपंथी नेता मियाँ मिट्ठू का हाथ सामने आया है। उसने न सिर्फ़ मंदिर बल्कि स्कूल को भी नुक़सान पहुँचाया। मियाँ मिट्ठू के नेतृत्व में भीड़ ने पुलिस के सामने शिक्षक की पिटाई की, मंदिर में तोड़फोड़ किया और स्कूल को नुक़सान पहुँचाया।
सुब्रमण्यम स्वामी: राजनीति के लिए free market/हिंदुत्व, या free market/हिंदुत्व के लिए राजनीति?

सियासत का स्वामी: जिसके कारण गॉंधी कठघरे में आए, वाजपेयी गए और रामसेतु बचा

स्वामी की ‘legacy’ के आकलन में पार्टी, विचारधारा और निष्ठा को एक ही चीज़ मानकर देखने पर वे शायद ‘मौकापरस्त’, नज़र आएँगे। लेकिन किसी नेता को आंकने के पैमाने के तौर पर उसके कर्म उसके शब्दों से अधिक सटीक होते हैं और स्वामी को इसी कसौटी पर परखा जाना चाहिए।
अखिलेश यादव-मुलायम सिंह यादव

लोहिया ट्रस्ट की बिल्डिंग यादव परिवार के कब्जे से मुक्त, सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर योगी सरकार ने की कार्रवाई

लोहिया ट्रस्ट के मुलायम सिंह यादव अध्यक्ष और शिवपाल सिंह यादव सचिव हैं। सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव और कई शीर्ष नेता ट्रस्ट के सदस्य हैं। यह बिल्डिंग शिवपाल यादव की पार्टी के कब्जे में थी और पिछले कुछ महीने से इसका बाजार दर पर किराया वसूला जा रहा था।
सरदार पटेल, ऑपरेशन पोलो हैदराबाद

जब सरदार पटेल ने हैदराबाद को कश्मीर बनने से रोका: कहानी निज़ाम को झुकाने वाले Operation Polo की

108 घंटे तक चले इस ऑपरेशन के दौरान 18 सितम्बर को भारतीय सेना हैदराबाद में घुसी। हैदराबाद की सरकार ने 17 सितम्बर को ही इस्तीफा दे दिया था। हाउस अरेस्ट में किए जाने का बाद निज़ाम अब ये कह कर भुलावा दे रहा था कि वह नई सरकार का गठन करेगा।
तीन तलाक

जेठ ने किया बलात्कार, पति से शिकायत करने पर पीड़िता को मिला तीन तलाक

पीड़िता के भाई का कहना है कि उसकी बहन ने जब अपने मायके वालों को इसकी शिकायत की, तो उसके पति ने उसे तीन तलाक देकर घर से निकाल दिया। पीड़िता के भाई ने थाने में उसके पति, जेठ, सास और जेठानी के खिलाफ शिकायत दी है।
सुप्रीम कोर्ट, राम मंदिर

अगर राम जन्मस्थान को लेकर आस्था है तो इस पर सवाल नहीं उठा सकते: सुप्रीम कोर्ट

मुस्लिम पक्षकार राजीव धवन ने अदालत में दावा किया कि पहले हिंदू बाहर के अहाते में पूजा करते थे, लेकिन दिसंबर 22-23, 1949 की रात रामलला की मूर्ति को अवैध तरीके से मस्जिद के अंदर शिफ्ट कर दिया गया।
बिहार, भागलपुर, ताजिया जुलूस

मुहर्रम: ताजिया जुलूस के सामने आए CISF जवान पर चाकू से हमला, 5 पुलिसकर्मी घायल

चिड़ैया गाँव के सीआइएसएफ के जवान बाइक से स्टेशन जा रहे थे, उनकी बाइक को रोका गया, उन पर हमला हुआ और मुहर्रम के जुलूस में शामिल एक युवक ने तो सीआईएसएफ के जवान पर चाकू से भी वार किया.......

शेख अब्दुल्ला ने लकड़ी तस्करों के लिए बनाया कानून, फॅंस गए बेटे फारूक अब्दुल्ला

फारूक अब्दुल्ला को जिस पीएसए एक्ट तहत हिरासत में लिया गया है उसमें किसी व्यक्ति को बिना मुक़दमा चलाए 2 वर्षों तक हिरासत में रखा जा सकता है। अप्रैल 8, 1978 को जम्मू-कश्मीर के राज्यपाल से इसे मंजूरी मिली थी। यह क़ानून लकड़ी की तस्करी रोकने के लिए लाया गया था।

ताज़ा ख़बरें

हमसे जुड़ें

91,034फैंसलाइक करें
14,938फॉलोवर्सफॉलो करें
97,404सब्सक्राइबर्ससब्सक्राइब करें

ज़रूर पढ़ें

शेयर करें, मदद करें: