NDTV की डेप्यूटी न्यूज़ एडीटर सस्पेंड, जवानों की शहादत का उड़ाया था मजाक

दरअसल, निधि सेठी ने अपने फे़सबुक पर एक टिप्पणी पोस्ट की थी, जिसमें जैश-ए-मोहम्मद द्वारा आतंकवादी हमले का महिमामंडन किया गया था। निधि ने लिखा था, "काल्पनिक 56 इंची पर 44 भारी पड़ गए।"

विवादों में रहने वाले मीडिया हाउस एनडीटीवी ने अपने Deputy News Editor को पुलवामा हमले को लेकर किए गए एक विदास्पद फे़सबुक पोस्ट के बाद निलंबित कर दिया। एनडीटीवी ने अपने आधिकारिक ट्विटर हैंडल पर लिखा, “संगठन के एक एडिटर द्वारा की गई टिप्पणियों की हम निंदा करते हैं। हमने उन्हें 2 सप्ताह के लिए निलंबित कर दिया है। आगे की कार्रवाई पर कंपनी की अनुशासनात्मक समिति विचार करेगी।”

दरअसल, निधि सेठी ने अपने फे़सबुक पर एक टिप्पणी पोस्ट की थी, जिसमें जैश-ए-मोहम्मद द्वारा आतंकवादी हमले का महिमामंडन किया गया था। निधि ने लिखा था, “काल्पनिक 56 इंची पर 44 भारी पड़ गए।” इसके साथ, उन्होंने हाल ही में आई फिल्म उरी: द सर्जिकल स्ट्राइक के प्रसिद्ध डायलॉग ‘हाउज़ द जोश’ पर एक हैशटैग #HowstheJaish जोड़ा था।

निधि के पोस्ट को लेकर सोशल मीडिया पर कई लोगों ने एनडीटीवी से पूछा कि क्या वह अपने कर्मचारी के विचार से सहमत हैं? फे़सबुक पर किए गए उनके पोस्ट को ट्विटर पर स्क्रीनशॉट डालते हुए लोगों ने उनकी कड़ी निंदा की। लोगों ने लिखा कि क्या निधि सेठ जवानों के शहीद होने पर जश्न मना रही हैं?

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आलोचनाओं में घिरने के बाद निधि ने बड़ी तेज़ी के साथ अपना फे़सबुक एकाउंट डीएक्टिवेट कर दिया। जिससे उनके द्वारा किए गए पोस्ट को अब नहीं देखा जा सकता। फिलहाल यह देखना बाक़ी है उनके इस निंदनीय कृत्य पर क्या कार्रवाई होगी?

यह बड़ी चिंता का विषय है कि जब एक तरफ शहीदों की शहादत पर देश उबल रहा हो और दूसरी तरफ पत्रकार निधि की यह हरक़त भुलाए नहीं भूली जा सकती। बता दें कि निधि के अलावा देश में और भी लोग हैं जो जवानों के शहीद होने पर जश्न मना रहे हैं। ऐसा ही एक और मामला सामने आया है जिसमें अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी के छात्र बसीम हिलाल ने भी अपने ट्विटर हैंडल से आपत्तिजनक टिप्पणी की थी, लेकिन बाद में उसने अपना अकाउंट ही डिएक्टिवेट कर दिया।

आपको बता दें कि बसीम हिलाल को धारा 153A (दो धर्मों में शत्रुता बढ़ाने के लिए) और सूचना एवं प्रौद्योगिक की धारा 67 (इलेक्ट्रॉनिक रूप में अश्लील सामग्री को प्रकाशित या प्रसारित करने के लिए) के तहत गिरफ़्तार कर लिया गया है और उसे प्रशासन ने यूनिवर्सिटी से निलंबित भी कर दिया।

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कमलेश तिवारी
कमलेश तिवारी की हत्या के बाद एक आम हिन्दू की तरह, आपकी तरह- मैं भी गुस्से में हूँ और व्यथित हूँ। समाधान तलाश रहा हूँ। मेरे 2 सुझाव हैं। अगर आप चाहते हैं कि इस गुस्से का हिन्दुओं के लिए कोई सकारात्मक नतीजा निकले, मेरे इन सुझावों को समझें।

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