NewsLaundry के कुटिल संपादक ने पुराने वीडियो के ज़रिये बनाया ‘डर का माहौल’

अभिनन्दन सेखरी इससे पहले न्यूज़लॉन्ड्री के एक वीडियो में मेजर जनरल जीडी बख्शी का भी मज़ाक बना चुके हैं। सेखरी ने कुत्ते-बिल्लियों की तरह आवाज़ें निकालते हुए दावा किया था कि मेजर जनरल गगनदीप बख्शी इसी तरह न्यूज़ डिबेटों में हिस्सा लेते हैं।

प्रोपेगंडा पोर्टल न्यूज़लॉन्ड्री के संपादक और ट्विटर ट्रोल अभिनन्दन सेखरी ने एक पुरानी घटना को लेकर ‘डर का माहौल’ वाला नैरेटिव आगे बढ़ाने की कोशिश की है। दरअसल, स्वराज नामक ट्विटर यूजर ने एक वीडियो डाला, जिसमें कुछ लोग एक वृद्ध मुस्लिम दम्पति को ‘जय श्री राम’ बोलने को कह रहे हैं। यूजर ने लिखा कि उसके पास इसके लिए कोई शब्द नहीं है, वह मौन है। ट्रोल सह संपादक अभिनन्दन सेखरी ने इस वीडियो को कमेंट के साथ रीट्वीट किया। सेखरी के ट्वीट को आप नीचे देख सकते हैं।

अभिनन्दन सेखरी ने इस वीडियो को लेकर आज के माहौल को ‘डर वाला’ साबित करने की कोशिश की। अभिनन्दन ने इस घटना के हवाले से लिखा कि एक सौम्य स्लोगन को हथियार बनाया जा रहा है। अभिनन्दन ने एक वर्ष से भी ज्यादा पुरानी इस घटना को लेकर यह भी साफ़ नहीं किया कि ये वीडियो कब का है। अगर ऐसा लिख दिया जाता तो शायद भ्रम फैलाने में कठिनाई होती।

जब ऑपइंडिया ने इस वीडियो की पड़ताल की तो हमें पता चला कि ये ख़बर अप्रैल 2018 की है। नीचे ‘मिरर नाउ’ का वो स्क्रीनशॉट आप देख सकते हैं, जिसे अप्रैल 2, 2018 को अपडेट किया गया था। अभिनन्दन ने इसी वीडियो के हवाले से लिखा कि ‘वन्दे मातरम्’ के साथ भी यही हो रहा है।

अप्रैल 2018 में कई मीडिया संस्थानों ने इस ख़बर को प्रकाशित किया था
- विज्ञापन - - लेख आगे पढ़ें -

अभिनन्दन सेखरी इससे पहले न्यूज़लॉन्ड्री के एक वीडियो में मेजर जनरल जीडी बख्शी का भी मज़ाक बना चुके हैं। शेखर ने कुत्ते-बिल्लियों की तरह आवाज़ें निकालते हुए दावा किया था कि मेजर जनरल गगनदीप बख्शी इसी तरह न्यूज़ डिबेटों में हिस्सा लेते हैं। सोशल मीडिया पर अभिनन्दन के ताज़ा ट्वीट के बाद लोगों ने भी उन्हें चेताया कि पुरानी ख़बर को बिना तारीख बताए शेयर कर के भरम फैलाने की कोशिश न करें।

शेयर करें, मदद करें:
Support OpIndia by making a monetary contribution

बड़ी ख़बर

कमलेश तिवारी हत्याकांड
आपसी दुश्मनी में लोग कई बार क्रूरता की हदें पार कर देते हैं। लेकिन ये दुश्मनी आपसी नहीं थी। ये दुश्मनी तो एक हिंसक विचारधारा और मजहबी उन्माद से सनी हुई उस सोच से उत्पन्न हुई, जहाँ कोई फतवा जारी कर देता है, और लाख लोग किसी की हत्या करने के लिए, बेखौफ तैयार हो जाते हैं।

सबसे ज़्यादा पढ़ी गईं ख़बरें

ताज़ा ख़बरें

हमसे जुड़ें

107,076फैंसलाइक करें
19,472फॉलोवर्सफॉलो करें
110,000सब्सक्राइबर्ससब्सक्राइब करें

ज़रूर पढ़ें

Advertisements
शेयर करें, मदद करें: