ABP-Nielsen Exit Poll: BJP की आती ज्यादा सीटें लेकिन… मक्कारी व धूर्तता से ‘संघी’ लोगों को हटाया

जहाँ अधिकांश एग्जिट पोल्स ने भाजपा और एनडीए को स्पष्ट बहुमत और बढ़त दिखाया, वहीं एबीपी न्यूज़-नीलसन का सर्वे उन चुनिंदा सर्वे में है, जिनके नतीजे अलग ही दिशा में जाते दिखे। ऐसा इसलिए क्योंकि...

जहाँ अधिकांश एग्जिट पोल्स ने भाजपा और एनडीए को स्पष्ट बहुमत और बढ़त दिखाया, वहीं एबीपी न्यूज़-नीलसन का सर्वे उन चुनिंदा सर्वे में है, जिनके नतीजे अलग ही दिशा में जाते दिखे। ABP-नीलसन और NewsX-Neta के अलावा, बाकी सभी के पूर्वानुमानों के मुताबिक, राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) को स्पष्ट बहुमत मिलता दिख रहा है। जबकि, इन दोनों के द्वारा किए गए एग्जिट पोल में BJP-NDA क्रमशः 267 और 242 पर सिमट रहे हैं।

डूबते को तिनके का सहारा और ग़ालिब के दिल बहलाने वाले ख्वाब की तरह स्वघोषित प्रजाति के बहुत सारे लिबरल्स ABP सर्वे के सहारे उम्मीद लगाए बैठे हैं।

लेकिन, इस सर्वे की सच्चाई कुछ और ही है और यह सच्चाई खुद नीलसन के ही अधिकारी ABP न्यूज़ पर बताते नज़र आए।

‘ज्यादा भाजपा-भाजपा करने वालों को हमने अपने सर्वे में शामिल नहीं किया’

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नीलसन में निदेशक पद पर तैनात उमेश झा से जब एंकर ने यह सवाल पूछा कि कैसे उन्हीं के सर्वे में BJP-NDA को बहुमत की कमी पड़ रही है, जबकि बाकी चैनल के एग्जिट पोल्स में तस्वीर बिल्कुल इसके विपरीत है, तो वह बगलें झाँकते नज़र आए। फिर उन्होंने बताया कि वह यह मान कर चल रहे थे कि भाजपा का वोट शेयर तो बढ़ने वाला है ही नहीं- इसलिए उन्होंने उन सभी लोगों के जवाबों को ख़ारिज कर दिया, जिन्होंने यह कहा कि उन्होंने पिछली बार तो भाजपा (या किसी अन्य राजग घटक दल) को वोट नहीं दिया था मगर इस बार दे रहे हैं। उनके मुताबिक, ऐसे लोग ‘डर के मारे’ झूठ बोले, जबकि असल में ऐसा नहीं हुआ होगा। उन्होंने अंदर जाकर EVM पर किसी भाजपा-विरोधी पार्टी का ही बटन दबाया होगा। हालाँकि, वो ये नहीं समझा पाए कि इस नतीजे पर वो किस गणित या फिर चमत्कारित सिद्धांत से पहुँचे?

पहले भी आँकड़ों के विवाद में फँस चुकी है नीलसन  

आँकड़ों का ही व्यापार करने वाली नीलसन गलत आँकड़ों के मामले में पहले भी फँस चुकी है। बिहार में 2015 में हुए विधानसभा चुनावों में मतगणना वाले दिन सुबह-सुबह उसने 18 चैनलों को कथित तौर पर गलत आँकड़े दे दिए थे, जिससे भाजपा को आगे दिखाया जाने लगा था। बाद में जब मतगणना पूरी हुई, तो BJP-NDA हार गए और महागठबंधन की जीत हुई। कई न्यूज़ चैनलों को गलत शुरुआती रुझान दिखाने के लिए शर्मिन्दगी का सामना करना पड़ा था। एनडीटीवी के मालिक प्रणय रॉय ने गलत रुझान दिखाने के लिए बिना नाम लिए ठीकरा नीलसन के ही सिर पर फोड़ा था। उस समय भी नीलसन के निदेशक उमेश झा ही थे और अपनी सफाई में उन्होंने कहा था कि टाइम्स नॉउ और डीडी न्यूज़ को छोड़कर बाकी चैनलों ने उनके आँकड़ों के अलावा और भी स्रोतों का इस्तेमाल किया था, इसलिए इस त्रुटि के लिए नीलसन को जिम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता

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