बेबस महिलाओं को नग्न करके नचाया मुसलमानों ने, The Hindu-Wire की पत्रकार ने लिखा, ‘हिंदुत्व कल्चर’

दरअसल यह पत्रकारिता का समुदाय विशेष केवल और केवल हिन्दुओं से घृणा से ही प्रेरित है। इनके लिए हर घटना, हर अवसर केवल एक ही 'एंगल' लेकर आता है- कैसे हिन्दुओं से घृणा की जाए, कैसे उन्हें नीचा दिखाया जाए, उनके धर्म को भी अन्य कुछ वर्चस्ववादी और विध्वंसक मज़हबी विचारधाराओं के स्तर पर घसीट लाया जाए, और इसके लिए वे झूठ का भी सहारा लेने से नहीं हिचकिचाते।

हिन्दुओं से नफरत पत्रकारिता के समुदाय विशेष के दिल में इतना अंदर तक घर कर गई है कि हर नकारात्मक चीज़ में इन्हें ‘हिन्दू’ एंगल देखने की बीमारी हो गई है। और जहाँ ‘हिन्दू-एंगल’ नहीं दिख रहा है, वहाँ हर नकारात्मक चीज़ को हिन्दू के ठप्पे के साथ दिखाने की छटपटाहट दिख रही है। The Wire और The Hindu से जुड़ी रहीं ‘वरिष्ठ पत्रकार’ नीना व्यास ने हाल ही में असम के मुसलमानों द्वारा ईद के मौके पर एक डांस ग्रुप की लड़कियों को नग्न कर नचाने की खबर को ‘हिंदुत्व कल्चर’ के नाम से ‘बेचने’ की कोशिश की।

जब खबर ‘बिकी’ नहीं और गालियाँ बेभाव में पड़नी शुरू हुईं तो सहारा लिया आरएसएस में भी हाशिए पर गई एक पुरानी मान्यता का, कि ‘हिंदुत्व मज़हब नहीं, भौगोलिक पहचान है, और इसलिए हिंदुस्तान का हर निवासी एक तरह से हिन्दू है (चूँकि हिंदुत्व शब्द का तात्पर्य उपासना पद्धति से नहीं, भौगोलिक पहचान से है)।’

हिन्दू घृणा और बेईमानी का अद्भुत घालमेल

ईद के मौके पर असम में कुछ मुसलमानों ने एक डांसर ग्रुप को सामान्य डांस के लिए किराए पर बुलवाया, लेकिन बाद में हवस की भूखी 700-800 लोगों की भीड़ के हवाले कर दिया। आयोजकों ने भीड़ को नग्न नृत्य करने वाली डांसर्स का ही वादा किया था, और इन सामान्य डांसर्स को उस भीड़ के हवाले कर दिया। लड़कियाँ किसी तरह जान बचाकर भाग पाईं।

- विज्ञापन - - लेख आगे पढ़ें -

बाद में जब खबर सोशल मीडिया पर वायरल होनी शुरू हुई तो नीना व्यास ने अपने प्रिय ‘समुदाय विशेष’ के कृत्य पर पर्दा डालने और हिन्दुओं पर कीचड़ उछालने के लिए ट्वीट किया:

इसके बाद जब हिन्दुओं ने ट्विटर पर उनकी भ्रामक/फेक न्यूज़ की ओर ध्यान दिलाना शुरू किया तो गलती मानने की बजाय वह कुतर्क पर उतर आईं। RSS में एक समय प्रचलित लेकिन फ़िलहाल ठंढे बस्ते में पड़ी ‘सभी हिंदुस्तानी हिन्दू हैं’ थ्योरी की आड़ में हिन्दूफ़ोबिया को ढकने की कोशिश की।

लेकिन उनकी सच्चाई सामने आते देर नहीं लगी। लेखक अरविंदन नीलकंदन ने उनके बारे में ट्वीट किया:

पत्रकार शेफ़ाली वैद्य ने भी उनके हिन्दूफ़ोबिया पर से पर्दा खींच दिया:

जैसा कि इस ट्वीट की दूसरी तस्वीर से साफ है, नीना व्यास का मकसद संघ परिवार या उसकी विचारधारा से विरोध जताना नहीं, हिन्दुओं पर कीचड़ उछालना था। उनके हिन्दूफ़ोबिया का एक और उदाहरण: जब ऑपइंडिया (अंग्रेज़ी) की सम्पादिका नूपुर शर्मा और स्वराज्य संवाददाता स्वाति गोयल-शर्मा ने हाल ही में प्रकाश में आए कुछ भयावह आपराधिक मामलों (मसलन तीन साल की बच्ची की हत्या, मासूम से बलात्कार, मेरठ में लस्सी के पैसे माँगने पर विक्रेता की मुस्लिम भीड़ द्वारा हत्या) पर चिंता प्रकट की, तो नीना व्यास ने उसे तथाकथित “गौरक्षक/हिंदूवादी/शाकाहारवादी हिंसा” से जोड़ कर उपरोक्त अपराधों को उचित ठहराने की कोशिश की:

यानी, यह माना चाहिए कि नीना व्यास जी के विचार में अगर कुछ गौरक्षक अगर कानून अपने हाथ में लेते हैं (जिसके कारण आप विस्तार में यहाँ पढ़ सकते हैं), तो उससे किसी दुकानदार की लस्सी के पैसे माँगने पर “योगी-मोदी से हम नहीं डरते” दहाड़ कर हत्या कर देना, किसी मासूम बच्ची को मार डालना या ऐसी ही किसी भी घटना को अंजाम देने का औचित्य बन सकता है?

दरअसल यह पत्रकारिता का समुदाय विशेष केवल और केवल हिन्दुओं से घृणा से ही प्रेरित है। इनके लिए हर घटना, हर अवसर केवल एक ही ‘एंगल’ लेकर आता है- कैसे हिन्दुओं से घृणा की जाए, कैसे उन्हें नीचा दिखाया जाए, उनके धर्म को भी अन्य कुछ वर्चस्ववादी और विध्वंसक मज़हबी विचारधाराओं के स्तर पर घसीट लाया जाए, और इसके लिए वे झूठ का भी सहारा लेने से नहीं हिचकिचाते।

यही झूठ कभी अक्षय पात्र के बारे में होता है, कभी ईशा फाउंडेशन के सरकारी ज़मीन हड़पने के बारे में, कभी पुरी की रथयात्रा के बारे में; कभी ईसाईयों द्वारा हिन्दुओं की मॉब-लिंचिंग पर भी हिन्दुओं के ही त्यौहार बंद करने को ‘समाधान’ के रूप में सुझाया जाता है, तो कभी नीना व्यास के इस प्रयास की तरह दूसरों की कालिख से हिन्दुओं के चेहरे को मैला करने की कोशिश की जाती है। तरीकों का कोई अंत नहीं है, लेकिन ऐसे विभिन्न प्रयासों के पीछे प्रेरणा एक ही होती है- हिन्दूफ़ोबिया

शेयर करें, मदद करें:
Support OpIndia by paying for content

यू-ट्यूब से

बड़ी ख़बर

पीड़ित के मुताबिक उसके क्वालिटी बार पर सन 2013 में यह लोग लूटपाट और तोड़फोड़ किए थे। उनके मुताबिक जो उनकी जगह थी उसको पूर्व मंत्री आजम खान की पत्नी तंजीम फातिमा के नाम आवंटित कर दिया गया था।

ज़्यादा पढ़ी गईं ख़बरें

इमरान ख़ान

मोदी के ख़िलाफ़ बयानबाजी बंद करें इमरान ख़ान: मुस्लिम मुल्कों की पाकिस्तान को 2 टूक

मुस्लिम देशों ने प्रधानमंत्री इमरान खान से कहा है कि कश्मीर मुद्दे को लेकर दोनों देशों के बीच जारी तनाव को कम करने के लिए वह अपने भारतीय समकक्ष के खिलाफ अपनी भाषा में तल्खी को कम करें।
सीजेआई रंजन गोगोई

CJI रंजन गोगोई: कश्मीर, काटजू, कन्हैया…CM पिता जानते थे बेटा बनेगा मुख्य न्यायाधीश

विनम्र स्वभाव के गोगोई सख्त जज माने जाते हैं। एक बार उन्होंने अवमानना नोटिस जारी कर सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जज मार्कंडेय काटजू को अदालत में तलब कर लिया था। काटजू ने सौम्या मर्डर केस में ब्लॉग लिखकर उनके फैसले पर सवाल उठाए थे।
तजिंदर बग्गा, एंड्रिया डिसूजा

‘₹500 में बिक गईं कॉन्ग्रेस नेता’: तजिंदर बग्गा ने खोली रिया (असली नाम एंड्रिया डिसूजा) की पोल

बग्गा ने रिया को व्हाट्सएप मैसेज किया और कहा कि वो उनसे एक प्रमोशनल ट्वीट करवाना चाहते हैं। रिया ने इसके लिए हामी भर दी और इसकी कीमत पूछी। बग्गा ने रिया को प्रत्येक ट्वीट के लिए 500 रुपए देने की बात कही। रिया इसके लिए भी तैयार हो गई और एक फेक ट्वीट को...
सिंध, पाकिस्तान

मियाँ मिट्ठू के नेतृत्व में भीड़ ने हिन्दू शिक्षक को पीटा, स्कूल और मंदिर में मचाई तोड़फोड़

इस हमले में कट्टरपंथी नेता मियाँ मिट्ठू का हाथ सामने आया है। उसने न सिर्फ़ मंदिर बल्कि स्कूल को भी नुक़सान पहुँचाया। मियाँ मिट्ठू के नेतृत्व में भीड़ ने पुलिस के सामने शिक्षक की पिटाई की, मंदिर में तोड़फोड़ किया और स्कूल को नुक़सान पहुँचाया।
हिना सिद्धू, मलाला युसुफ़ज़ई

J&K पाकिस्तान को देना चाहती हैं मलाला, पहले खुद घर लौटकर तो दिखाएँ: पूर्व No.1 शूटर हिना

2013 और 2017 विश्वकप में पहले स्थान पर रह कर गोल्ड मेडल जीत चुकीं पिस्टल शूटर हिना सिद्धू ने मलाला को याद दिलाया है कि ये वही पाकिस्तान है, जहाँ कभी उनकी जान जाते-जाते बची थी। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान में लड़कियों की शिक्षा के लिए कितने मौके हैं, इसे मलाला बेहतर जानती हैं।
नितिन गडकरी

भारी चालान से परेशान लोगों के लिए गडकरी ने दी राहत भरी खबर, अब जुर्माने की राशि 500-5000 के बीच

1 सितंबर 2019 से लागू हुए नए ट्रैफिक रूल के बाद से चालान के रोजाना नए रिकॉर्ड बन और टूट रहे हैं। दिल्ली से लेकर अन्य राज्यों में कई भारी-भरकम चालान काटे गए जो मीडिया में छाए रहे जिसे देखकर कुछ राज्य सरकारों ने पहले ही जुर्माने की राशि में बदलाव कर दिया था।
दिग्विजय के भाई लक्ष्मण सिंह

क़र्ज़माफ़ी संभव नहीं, राहुल गाँधी को नहीं करना चाहिए था वादा: दिग्विजय के भाई लक्ष्मण सिंह

राहुल गाँधी ने चुनाव के दौरान सरकार गठन के 10 दिनों के भीतर किसानों की क़र्ज़माफ़ी करने का ऐलान किया था। लेकिन लक्ष्मण सिंह के कहना है कि क़र्ज़माफ़ी किसी भी क़ीमत पर संभव नहीं है। राहुल गाँधी को ऐसा वादा नहीं करना चाहिए था।

शेख अब्दुल्ला ने लकड़ी तस्करों के लिए बनाया कानून, फॅंस गए बेटे फारूक अब्दुल्ला

फारूक अब्दुल्ला को जिस पीएसए एक्ट तहत हिरासत में लिया गया है उसमें किसी व्यक्ति को बिना मुक़दमा चलाए 2 वर्षों तक हिरासत में रखा जा सकता है। अप्रैल 8, 1978 को जम्मू-कश्मीर के राज्यपाल से इसे मंजूरी मिली थी। यह क़ानून लकड़ी की तस्करी रोकने के लिए लाया गया था।
हिन्दू लड़की की हत्या

…बस एक एग्जाम और डेंटल डॉक्टर बन जातीं नमृता लेकिन पाकिस्तान में रस्सी से बंधा मिला शव

बहन के मृत शरीर को देख नमृता के भाई डॉ विशाल सुंदर ने कहा, "उसके शरीर के अन्य हिस्सों पर भी निशान हैं, जैसे कोई व्यक्ति उन्हें पकड़ रखा था। हम अल्पसंख्यक हैं, कृपया हमारे लिए खड़े हों।"
एन राम

‘The Hindu’ के चेयरमैन बने जज: चिदंबरम को कॉन्ग्रेस के कार्यक्रम में दी क्लीन चिट, कहा- कोई सबूत नहीं

एन राम चिदंबरम को जेल भेजने के लिए देश की अदालतों की आलोचना करने से भी नहीं चूके। उन्होंने कहा कि इस गिरफ्तारी की साजिश करने वालों का मकसद सिर्फ और सिर्फ चिदंबरम की आजादी पर बंदिश लगाना था और दुर्भाग्यवश देश की सबसे बड़ी अदालतें भी इसकी चपेट में आ गईं।

ताज़ा ख़बरें

हमसे जुड़ें

91,200फैंसलाइक करें
15,183फॉलोवर्सफॉलो करें
97,500सब्सक्राइबर्ससब्सक्राइब करें

ज़रूर पढ़ें

शेयर करें, मदद करें: