Thursday, August 5, 2021
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‘कमाल के नमक हराम मुख्यमंत्री हैं केजरीवाल… सोशल डिस्टेंसिंग नियमों का पालन कर छठ नहीं करने देंगे’

“कमाल के नमकहराम मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल हैं। कोविड के सोशल डिस्टेंसिंग नियमों का पालन कर आप छठ नहीं करने देंगे और गाइडलाइंस सेंटर से माँगने का झूठा ड्रामा अपने लोगों से करवाते हैं। तो बताएँ, ये 24 घंटे शराब परसोने के लिए परमिशन कौन से गाइडलाइंस को फ़ॉलो कर ली थी...”

राजधानी दिल्ली में सार्वजनिक जगहों पर छठ पूजा पर राज्य सरकार के रोक के बाद बीजेपी और आप के बीच की जंग थमने का नाम नहीं ले रही है। इसी कड़ी में अब दिल्ली बीजेपी के पूर्व चीफ और सांसद ने मनोज तिवारी ने सीएम अरविंद केजरीवाल को अपशब्द तक बोल दिए। तिवारी ने कहा कि गाइडलाइंस के नाम पर झूठा ड्रामा किया जा रहा है। बता दें कि कोरोना महामारी के कारण राज्य सरकार ने सार्वजनिक जगहों पर छठ पूजा की अनुमति नहीं दी है और दिल्ली हाई कोर्ट ने इस फैसले को सही बताया है।

मनोज तिवारी ने ट्वीट कर कहा, “कमाल के नमकहराम मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल हैं। कोविड के सोशल डिस्टेंसिंग नियमों का पालन कर आप छठ नहीं करने देंगे और गाइडलाइंस सेंटर से माँगने का झूठा ड्रामा अपने लोगों से करवाते हैं। तो बताएँ, ये 24 घंटे शराब परसोने के लिए परमिशन कौन से गाइडलाइंस को फ़ॉलो कर ली थी, बोलो CM।”

इस बीच, दिल्ली हाईकोर्ट ने कोरोना महामारी के कारण दिल्ली सरकार के सार्वजनिक जगहों पर छठ पूजा नहीं कराने के आदेश को बरकरार रखा है। हाईकोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि सार्वजनिक जगहों पर छठ पूजा की अनुमति देना इस जानलेवा बीमारी का तेजी से प्रसार का रास्ता तैयार करना होगा।

उन्होंने दिल्ली में कोरोना से बिगड़े हालात के पीछे सीधे-सीधे अरविंद केजरीवाल को जिम्मेदार ठहराया और सार्वजनिक स्थानों पर छठ पूजा पर रोक के पीछे बिहार चुनाव में बीजेपी को मिली जीत बताया। उन्होंने कहा कि केजरीवाल बीजेपी की जीत से चिढ़ गए हैं।

बीजेपी सांसद ने कहा कि पहले कोरोना के अटैक में भी अरविंद केजरीवाल घर से बाहर नहीं निकले थे। केजरीवाल सिर्फ विज्ञापन करते हैं। गृह मंत्री के हस्तक्षेप के बाद दिल्ली में व्यवस्थाएँ बेहतर हुई हैं। अभी अरविंद केजरीवाल ने दिल्ली में छठ पूजा पर अटैक कर दिया है। आज मंदिर-मस्जिद, सप्ताहिक बाजार सब खुले हैं, लेकिन सार्वजनिक स्थानों पर छठ नहीं मनाने दिया जाएगा। ऐसा इसलिए है क्योंकि अरविंद केजरीवाल उत्तर प्रदेश और बिहार में हार से नाराज हैं। उन्हें दिल्ली में छठ पूजा को लेकर नियमों के तहत मनाने की छूट देनी चाहिए।

बता दें कि दिल्ली में सार्वजनिक स्थानों पर छठ पूजा पर बैन को लेकर बीजेपी और AAP में जमकर जुबानी जंग जारी है। सार्वजनिक स्थानों पर छठ पूजा करने की माँग को लेकर दिल्ली बीजेपी पूर्वांचल मोर्चा के कार्यकर्ताओं ने मंगलवार (नवंबर 17, 2020) को सीएम आवास पर प्रदर्शन किया। प्रदर्शन में दिल्ली बीजेपी के महामंत्री दिनेश प्रताप सिंह, पूर्वांचल मोर्चा के अध्यक्ष कौशल मिश्रा व अन्य कई लोग मौजूद रहे।

उधर, छठ पूजा के आयोजन को लेकर आम आदमी पार्टी ने बीजेपी पर हमला बोला है। पार्टी ने कहा कि बीजेपी की केंद्र सरकार ने गाइडलाइंस जारी करके छठ पर्व मनाने पर रोक लगाई है। बीजेपी नेता दिल्ली सरकार पर पर्व मनाने की अनुमति नहीं देने का आरोप लगाकर राजनीति कर रहे हैं।

बीजेपी प्रदेश महामंत्री दिनेश प्रताप सिंह ने कहा कि जब दिल्ली में मुख्यमंत्री साप्ताहिक बाजारों, मॉल, शराब के ठेकों और ई-रिक्शा को चलाने की अनुमति दे सकते हैं, तो छठ पूजा के आयोजन के लिए अनुमति क्यों नहीं दिया जा सकता। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री सैकड़ों लोगों के साथ अक्षरधाम मंदिर में पूजा कर सकते हैं तो छठ पूजा के आयोजन पर भी अनुमति देना चाहिए।

छठ पूजा पर रोक लगा कर मुख्यमंत्री ने लाखों पूर्वांचलियों के साथ भेदभाव किया है और उनकी धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुँचाया है। पूर्वांचल मोर्चा के अध्यक्ष कौशल मिश्रा ने कहा कि किसी भी पूर्वांचली ने यह नहीं सोचा था कि उन्हें छठ के आयोजन को लेकर मुख्यमंत्री से ऐसे अनुरोध करना पड़ेगा। विरोध प्रदर्शन की अगुवाई करते हुए पूर्वांचल मोर्चा के अध्यक्ष कौशल मिश्रा ने मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को ‘पूर्वांचल विरोधी’ करार दिया और कहा कि इस प्रतिबंध से दिल्ली में रहने वाले बिहार एवं पूर्वांचल के लोगों की धार्मिक भावनाएँ आहत हुई हैं।

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ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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