राहुल गॉंधी को लोकसभा की पहली पंक्ति में नहीं मिलेगी सीट, सरकार ने कॉन्ग्रेस की मॉंग ठुकराई

नियमों के मुताबिक कॉन्ग्रेस को लोकसभा की पहली पंक्ति में केवल दो सीट मिल सकती है। विपक्ष का नेता होने के नाते अधीर रंजन चौधरी और यूपीए चेयरपर्सन सोनिया गॉंधी इन दो सीटों की हकदार हैं।

कॉन्ग्रेस के पूर्व अध्यक्ष और वायनाड से सांसद राहुल गॉंधी को लोकसभा की पहली पंक्ति में सीट नहीं मिलेगी। कॉन्ग्रेस ने अपने पूर्व अध्यक्ष और गॉंधी परिवार के चिराग राहुल के लिए पहली पंक्ति में एक अतिरिक्त सीट की मॉंग सरकार से की थी। लेकिन, नियमों का हवाला देते हुए सरकार ने उसकी मॉंग ठुकरा दी है।

सरकार ने कहा है कि राहुल पहली पंक्ति में सीट पाने के हकदार नहीं हैं और अब वे पार्टी अध्यक्ष भी नहीं रहे कि उन्हें विशेष सुविधा दी जाए।

नियमों के मुताबिक कॉन्ग्रेस को लोकसभा की पहली पंक्ति में केवल दो सीट मिल सकती है। विपक्ष का नेता होने के नाते अधीर रंजन चौधरी और यूपीए चेयरपर्सन सोनिया गॉंधी इन दो सीटों की हकदार हैं।

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संसद के निचले सदन में सीट आवंटन की जारी प्रक्रिया के बीच सरकार ने कॉन्ग्रेस की मॉंग ठुकराई है। पहली पंक्ति में विपक्ष से सोनिया और अधीर के अलावे टीएमसी तथा वाईएसआर कॉन्ग्रेस के एक-एक सांसद और सदन के दो वरिष्ठ सदस्यों फारूक अब्दुल्ला और मुलायम सिंह को सीट मिलने की उम्मीद है।

ऐसे में राहुल गॉंधी को दूसरी या तीसरी पंक्ति में सीट मिलने के आसार हैं। हालाँकि कॉन्ग्रेस ने उनके लिए अतिरिक्त सीट मॉंगने की खबरों का खंडन किया है।

संसद में सीटों का आवंटन लोकसभा संचालन की प्रक्रिया और आचरण के नियम 4 के तहत सदन के अध्यक्ष करते हैं। नियम यह भी कहते हैं कि सीटों के आवंटन में अध्यक्ष अपने विवेकाधिकार का इस्तेमाल कर सकते हैं। हर पंक्ति में पांच या उससे अधिक सदस्यों वाली पार्टी को सीट आवंटित करने का एक फॉर्मूला है। लोकसभा में कॉन्ग्रेस के 52 सदस्य हैं और पहली पंक्ति में केवल 20 सीटें हैं। इसलिए, कॉन्ग्रेस को केवल दो सीट ही मिल सकती है।

जिन दलों के सांसदों की संख्या पांच से कम होती है उनके लिए सीटों के आवंटन में अध्यक्ष अपने विवेकाधिकार का इस्तेमाल करते हैं। अमूमन बेहद वरिष्ठ सदस्यों को उनके दल के सदस्यों की संख्या कम होने पर भी पहली पंक्ति में सीट दी जाती है।

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