Wednesday, August 4, 2021
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लक्षद्वीप पर इस्लामी कट्टरपंथी+कम्युनिस्ट प्रोपेगेंडा, विकास की कोशिशों को ‘भगवाकरण’ बता प्रशासक पर वार

पटेल कथित तौर पर लक्षद्वीप में बुनियादी ढाँचे और विकास परियोजनाओं को लाने की कोशिश कर रहे हैं, जिसका उद्देश्य इसकी पर्यटन क्षमता को बढ़ावा देना है।

केंद्र शासित प्रदेश लक्षद्वीप में केरल के राजनेताओं द्वारा समर्थित कुछ इस्लामिकों ने नए सुधारों में बाधा डालने के लिए लक्षद्वीप के प्रशासक प्रफुल्ल पटेल और उनके प्रशासन के खिलाफ एक प्रचार युद्ध छेड़ दिया है। Organiser की एक विशेष रिपोर्ट के अनुसार, इस्लामिकों ने पटेल पर लक्षद्वीप के ‘इस्लामिक चरित्र’ को कमजोर करने की कोशिश करने का आरोप लगाया। लक्षद्वीप में मुसलमानों की आबादी कुल आबादी का 96% है।

गलत सूचनाओं का प्रचार करने के लिए सोशल मीडिया का भी जमकर उपयोग किया जा रहा है, जिसमें दावा किया गया है कि लक्षद्वीप में नए कोविड-19 मामलों में वृद्धि की वजह प्रशासन द्वारा क्वारंटाइन नियमों में ढील दिए जाने का निर्णय है। हालाँकि, द प्रिंट के साथ एक साक्षात्कार में कलेक्टर आस्कर अली ने इन दावों का खंडन करते हुए बताया कि कोविड मामलों में बढ़ोतरी के लिए पूरी दोष क्वारंटाइन नियमों में छूट को देना गलत है। उन्होंने कोरोना वायरस के बढ़ते मामलों के लिए आर्थिक गतिविधियों को फिर से शुरू करने से होने वाली लोगों की वाजाही और नए स्ट्रेन की “बहुत अधिक” फैलने की दर ‘को दो मुख्य कारण बताया।

लक्षद्वीप में अपराध की रोकथाम की कोशिशों में जुटा पटेल प्रशासन

रिपोर्ट के अनुसार, इस केंद्र शासित प्रदेश में युवाओं में शराब और नशीली दवाओं की लत बढ़ रही है। दिसंबर 2020 में जिम्मेदारी संभालने के तुरंत बाद, प्रफुल्ल पटेल ने बढ़ते खतरे से लड़ने के लिए पूरे लक्षद्वीप में 18 छापे मारे थे। इसके अतिरिक्त, शराब और नशीली दवाओं की तस्करी और वितरण को प्रतिबंधित करने के लिए लक्षद्वीप में गुंडा ऐक्ट लगाया गया था। साथ ही प्रशासन ने इस पूरे द्वीप में कट्टरपंथी इस्लामी संगठनों द्वारा लगाए गए एंटी-सीएए/एनआरसी पोस्टरों को भी हटा दिया था।

पटेल कथित तौर पर लक्षद्वीप में बुनियादी ढाँचे और विकास परियोजनाओं को लाने की कोशिश कर रहे हैं, जिसका उद्देश्य इसकी पर्यटन क्षमता को बढ़ावा देना है। कई सोशल मीडिया हैंडल पटेल की सुधार नीतियों का विरोध करते हुए उनके प्रशासन को ‘फासीवादी’ बताते हुए नजर आए। खास बात ये है कि सोशल मीडिया पर बीजेपी विरोधी दुष्प्रचार करने वाले सामान्य संदिग्धों को भी पटेल के खिलाफ हैशटैग का प्रचार करते देखा गया।

नए प्रशासन की जिन नीतियों का विरोध किया जा रहा है, उनमें 2 से अधिक बच्चों वाले उम्मीदवारों को पंचायत चुनाव लड़ने से रोकना ( एक नियम जो पहले से ही कई राज्यों में लागू है) तट के किनारे अवैध भंडारण सुविधाओं को हटाने, और अधिकारियों से उचित अनुमति के बिना व्यक्तियों को अपनी नावों को पट्टे पर /किराए पर देने के खिलाफ नाव मालिकों के लिए जारी सख्त आदेश शामिल है।

सुरक्षा खतरे से निपटता लक्षद्वीप प्रशासन

एक ओर जहाँ इस्लामी कट्टरपंथी इस द्वीप के अपराध मुक्त होने का दावा करते हैं, तो वहीं खुफिया ब्यूरो (आईबी) ने विदेशी जहाजों की यहाँ अवैध आवाजाही और पुलिस एजेंसियों द्वारा इन विदेशी जहाजों से निपटने में दिखाई जाने वाली ढिलाई को लेकर चिंता जताई है।

हाल के हफ्तों में, मिनिकॉय द्वीप से तटरक्षक बल द्वारा 3000 करोड़ रुपये मूल्य के ड्रग्स को जब्त किया गया है। सुरक्षा एजेंसियों ने श्रीलंकाई मछली पकड़ने वाली नाव रविहांसी को 300 किलोग्राम हेरोइन और 5 एके-47 राइफलों और 1,000 जिंदा कारतूस के साथ पकड़ा था। 2019 में आई एक खुफिया रिपोर्ट में श्रीलंका से लक्षद्वीप द्वीप समूह में 15 आईएसआईएस आतंकवादियों की गतिविधि की बात कही गई थी।

माकपा और कांग्रेस नेताओं ने किया इस्लामी कट्टरपंथियों का समर्थन

ऑर्गनाइज़र की रिपोर्ट के अनुसार, जहाँ इस्लामी संगठन प्रशासन के खिलाफ ‘विरोध’ के लिए कमर कस रहे हैं, सीपीआईएम नेता और राज्यसभा सांसद एलामनम करीम ने टेल के खिलाफ विरोध प्रदर्शनों का समर्थन करते हुए राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद को पत्र लिखकर लक्षद्वीप से उनको वापस बुलाने का आग्रह किया।

केरल कांग्रेस के नेता वी.टी. बलराम ने भी इन ‘विरोध प्रदर्शनों’ के साथ एकजुटता की घोषणा की। इस मुद्दे को सनसनीखेज बनाते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि ‘संघ परिवार’ ‘लक्षद्वीप को कश्मीर में बदलने’ की कोशिश कर रहा है।

इस क्षेत्र में विरोध प्रदर्शन तेज होने पर, अभिनेता पृथ्वीराज सुकुमारन सोमवार (24 मई) को अधिकारियों का ध्यान आकर्षित करने के लिए केंद्र शासित प्रदेश के लोगों के समर्थन में सामने आए।

प्रशासन का लक्ष्य लक्षद्वीप को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करना

पटेल प्रशासन अपने सामरिक महत्व के कारण विकास को प्राथमिकता देने, पर्यटन को बढ़ावा देने और लक्षद्वीप की सुरक्षा में सुधार करने की कोशिश कर रहा है।

मालदीव के नए पसंदीदा हॉलीडे डेस्टिनेशन बनकर उभरने के बीच, पटेल प्रशासन का लक्ष्य लक्षद्वीप के खराब बुनियादी ढाँचे को ठीक करना है ताकि इसे सबसे लोकप्रिया पर्यटन स्थल में बदला जा सके। रिपोर्ट में कहा गया है कि हालांकि निहित स्वार्थों और कट्टरवादी रवैये वाले कुछ समूह लक्षद्वीप में विकास कार्यों को रोकने की कोशिश कर रहे हैं।

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ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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