Monday, September 27, 2021
HomeराजनीतिBJP ने पैसे देकर कराई हिंसा, बंगाल में मेरी लाश पर लागू होगा CAA...

BJP ने पैसे देकर कराई हिंसा, बंगाल में मेरी लाश पर लागू होगा CAA और NRC: ममता बनर्जी

तृणमूल सुप्रीमो ने दावा किया कि वो इस क़ानून को पश्चिम बंगाल में लागू नहीं होने देंगी। हालाँकि, संसद से पारित हुए क़ानून के सम्बन्ध में राज्य सरकारें ऐसा नहीं कर सकती। फिर भी ममता ने अख़बारों में विज्ञापन देकर इस क़ानून को लागू न करने की बात कही है। राज्यपाल धनखड़ ने इसके लिए मुख्यमंत्री को आड़े हाथों लिया।

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने राज्य में हिंसा के लिए भाजपा को ज़िम्मेदार ठहराया है। बता दें कि पूरे राज्य भर में संशोधित नागरिकता क़ानून के ख़िलाफ़ लगातार विरोध प्रदर्शन चल रहा है। मुस्लिम समुदाय के लोगों ने सड़क पर उतर कर कई हिन्दुओं के घरों को जला डाला। जुमे की नमाज के बाद मस्जिद से निकली हजारों की भीड़ ने कई ट्रेनों में तोड़फोड़ की, रेलवे स्टेशनों को तहस-नहस कर दिया और घंटों यात्रियों को बंधक बनाए रखा। इससे कई ट्रेनों का परिचालन ठप्प हुआ और हजारों-लाखों यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा। हावड़ा से लेकर मुर्शिदाबाद तक ये घटनाएँ हुईं।

ममता ने इन वारदातों के लिए भाजपा को जिम्मेदार ठहराते हुए कहा है कि उन्हें हिंसा फैलाने के लिए भाजपा से रुपए मिले थे। उन्होंने आरोप लगाया कि ‘राज्य की बाहरी ताक़तों’ ने मुस्लिम समुदाय का हितैषी होने का दावा करते हुए ये तड़फोड़ मचाई। तृणमूल सुप्रीमो ने दावा किया कि वो इस क़ानून को पश्चिम बंगाल में लागू नहीं होने देंगी। हालाँकि, संसद से पारित हुए क़ानून के सम्बन्ध में राज्य सरकारें ऐसा नहीं कर सकती। फिर भी ममता ने अख़बारों में विज्ञापन देकर इस क़ानून को लागू न करने की बात कही है। राज्यपाल धनखड़ ने इसके लिए मुख्यमंत्री को आड़े हाथों लिया।

ममता ने कहा कि हिंसा फैलाने वाले लोग भाजपा के पिट्ठू हैं। उन्होंने इस एक्ट को ‘काला क़ानून’ बताते हुए कहा कि भले ही उनकी सरकार बर्खास्त हो जाए, वो अपने जीते जी इसे बंगाल में लागू नहीं होने देंगी। ममता ने कहा कि जब तक इसे वापस नहीं लिया जाता, वो लोकतान्त्रिक ढंग से विरोध प्रदर्शन करती रहेंगी। उन्होंने दिल्ली पुलिस पर जामिया के छात्रों के साथ बर्बरता से पेश आने का आरोप लगाया। तृणमूल सुप्रीमो ने कहा कि दूसरों को प्रवचन देने के बदले भाजपा को उन उत्तर-पूर्वी राज्यों की बातें सुननी चाहिए, जहाँ वो सत्ता में है। उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल में CAA और NRC उनकी लाश पर लागू होगा।

ममता बनर्जी ने सोमवार (दिसंबर 16, 2019) को संशोधित नागरिकता क़ानून के ख़िलाफ़ 3 दिवसीय विरोध प्रदर्शन की शुरुआत की। वो कोलकाता और हावड़ा के विभिन्न हिस्सों में रैलियाँ करेंगी। राज्यपाल जगदीप धनखड़ ने इन रैलियों को असंवैधानिक और भड़काऊ कृत्य करार दिया है। उन्होंने कहा कि स्थिति विकट है और ऐसे में मुख्यमंत्री का कर्तव्य है कि वो शांति-व्यवस्था बहाल करें।

 

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

राकेश टिकैत ने कृषि कानून वापस नहीं लेने पर चुनावी राज्यों में मोर्चा खोलने की केंद्र को दी धमकी, 27 सितंबर को भारत बंद...

कॉन्ग्रेस, आम आदमी पार्टी और आंध्र प्रदेश सरकार ने 27 सितंबर को बुलाए गए ‘भारत बंद’ का पूर्ण समर्थन किया है। वाम दलों और तेलुगू देशम पार्टी ने पहले ही समर्थन देने की घोषणा की है।

अंग्रेजों ने कैसे भारतीय महिलाओं को बनाया ‘सेक्स स्लेव’: 12-15 महिलाएँ 1000 ब्रिटिश सैनिकों की पूरी रेजिमेंट को देती थीं सेवाएँ

ब्रिटिश शासन में सैनिकों के लिए भारतीय महिलाओं को सेक्स स्लैव बनाया गया था। 12-15 महिलाएँ 1,000 सैनिकों को देती थीं सेवाएँ।

प्रचलित ख़बरें

- विज्ञापन -

हमसे जुड़ें

295,307FansLike
124,603FollowersFollow
410,000SubscribersSubscribe