कॉन्ग्रेस फिर आई इमरान के काम: भारत विरोधी बयान और ‘RSS-आतंक’ के लिए किया गृहमंत्री को याद

इमरान खान ने यूएन में अपने संबोधन में कहा, “पिछली कॉन्ग्रेस सरकार के गृह मंत्री ने बयान दिया था कि आरएसएस के शिविरों में आतंकवादियों को प्रशिक्षित किया जा रहा है।”

कॉन्ग्रेस पार्टी एक बार फिर पाकिस्तान के काम आई है। बड़े ही शर्म की बात है कि पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने फिर से भारत विरोधी बयान और हिन्दूओं को बदनाम करने के लिए कॉन्ग्रेस नेता और पूर्व गृह मंत्री के बयान का सहारा लिया है। बता दें कि इमरान खान ने यूएन में अपने संबोधन में कहा, “पिछली कॉन्ग्रेस सरकार के गृह मंत्री ने बयान दिया था कि आरएसएस के शिविरों में आतंकवादियों को प्रशिक्षित किया जा रहा है।” 

हालाँकि, इस दौरान इमरान खान ने किसी का नाम नहीं तो लिया, लेकिन साफ है कि वे किसकी तरफ इशारा कर रहे थे। बता दें कि 2013 में तत्कालीन केंद्रीय गृह मंत्री सुशील कुमार शिंदे ने भाजपा और आरएसएस पर हिंदू आतंकवाद को बढ़ावा देने का आरोप लगाया था। इसके साथ ही पी चिदंबरम ने भी भगवा आतंकवाद पर विवादित बयान दिए थे। ये दोनों नेता यूपीए सरकार में गृह मंत्री रह चुके हैं।

यह पहली बार नहीं है कि इमरान खान ने भारत पर हमला करने के लिए कॉन्ग्रेस को कोट किया हो। महाधिवेशन के सत्र से इतर पत्रकारों से बातचीत में भी इमरान ने कॉन्ग्रेस को कोट करते हुए कहा था कि जम्मू-कश्मीर में लोगों को 20 दिनों से बंद रखा गया है। कोई नहीं जानता है कि राजनीतिक कैदियों के साथ क्या हो रहा है। प्रधानमंत्री मोदी ने खुद को अंधेरी गली में बंद कर रखा है। इससे पहले कश्मीर पर संयुक्त राष्ट्र को भेजे डोजियर में भी पाकिस्तान ने कॉन्ग्रेस नेता राहुल गाँधी और उमर अब्दुल्ला के बयान का उल्लेख किया था।

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इसके अलावा भारत के आतंरिक मामलों में दखल देते हुए इमरान खान ने एक बार फिर से आर्टिकल 370 को निरस्त करने के केंद्र सरकार के फैसले की आलोचना की। इमरान ने धमकी देते हुए कहा कि यदि कश्मीर से कर्फ्यू हटता है तो वहाँ खून की नदियाँ बहेंगी। जहाँ प्रधानमंत्री मोदी ने अपने भाषण में शांति और सद्भावना की बात की, वहीं इमरान का भाषण ठीक इसके विपरीत युद्ध की धमकी पर आधारित रहा।

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