रोती माँ को छोड़ ईसाई युवती ने अपनाया इस्लाम, प्रेमी से निकाह करने भागी दुबई

सियानी ने 18 सितम्बर को अबुधाबी के लिए फ्लाइट ली। वहाँ जाकर उसने इस्लाम धर्म अपना लिया ताकि वह अपने प्रेमी से निकाह कर सके। सयानी और उसके प्रेमी सोशल मीडिया के माध्यम से 9 महीने से संपर्क में थे।

दिल्ली में रहने वाली 19 वर्षीय सियानी ने अबुधाबी जाकर इस्लाम अपना लिया है। ईसाई परिवार से आने वाली सियानी के इस क़दम से उसका पूरा परिवार सदमे में है। जहाँ उसकी माँ का रो-रो कर बुरा हाल है, वहीं उसके पिता को अभी भी लगता है कि उनकी बेटी का अपहरण हुआ है। उन्होंने इस सम्बन्ध में पुलिस में मामला भी दर्ज कराया था। अब युवती ने ख़ुद आगे आकर कहा है कि न ही उसका अपहरण हुआ और न ही उसे जबरन किसी आतंकी संगठन में शामिल किया गया है। बकौल सियानी, उसने अपने प्यार को पाने के लिए ख़ुद इतना बड़ा निर्णय लिया।

सियानी बेनी के पिता ने पुलिस थाने में अपनी बेटी के गायब होने का मामला दर्ज कराया था। उसके कॉलेज के साथियों ने मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई को एक याचिका भेज कर कहा था कि सियानी को खूँखार वैश्विक आतंकी संगठनों ने अपहृत कर लिया है। उक्त युवती ने बयान दिया है कि वह स्वेच्छा से दुबई गई है और ओपन जीवन का उद्देश्य पूरा कर रही है। उसने कहा कि वह एक वयस्क भारतीय नागरिक होने के कारण अपने फ़ैसले ख़ुद लेने के लिए स्वतंत्र है।

सियानी ने इस्लाम अपनाने के बाद अपना नाम भी बदल लिया है। उसने अपना नया नाम आयशा रखा है। ख़बरों के अनुसार, सियानी ने 18 सितम्बर को सुबह 11.30 तक अपने क्लासेज किए और फिर दोपहर 2.45 में अबुधाबी के लिए फ्लाइट ले ली। वहाँ जाकर उसने इस्लाम धर्म अपना लिया ताकि वह अपने प्रेमी से निकाह कर सके। सयानी और उसके प्रेमी सोशल मीडिया के माध्यम से पिछले 9 महीनों से एक-दूसरे के संपर्क में थे। उसके माता-पिता मूल रूप से केरल के कोझिकोड से हैं।

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उसके माता-पिता के अनुसार, उन्हें भय है कि उनकी बेटी के ब्रेनवाश किया गया है और उसे भटकाया गया है। उसका परिवार मानता है कि ये धोखाधड़ी का मामला है, जिसके जाल में सियानी फँस गई है। सियानी बेनी ने इन सभी आरोपों को नकार दिया है। सियानी ने बताया कि उसने 24 सितम्बर को अबुधाबी के एक कोर्ट में स्वेच्छा से इस्लाम धर्म अपनाया और वह ज़िंदगी भर इसी मज़हबी का पालन करेगी। उसने गृह मंत्रालय, दिल्ली के मुख्यमंत्री और राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग को लिखे पत्र में ये बातें कही है।

सियानी को भारतीय दूतावास ने फोन किया। फोन पर भी सियानी ने इन्हीं बातों को दोहराया। उसने कहा कि वह काफ़ी पहले से इस्लाम के प्रति आकर्षित रही है और इसका अध्ययन भी करती रही है। उसने कहा कि अब अरबी में प्रार्थना करती थी, इसलिए उसके परिवार को लगता है कि उसका ब्रेनवाश किया गया है। उसने कहा कि वह अबुधाबी में ही रहना चाहती और और अपने प्रेमी से जल्द ही निकाह करेगी।

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