14 अक्टूबर को खुलेआम हाफिज सईद करेगा POK में आतंकियों की रैली

शायद हाफिज सईद को ना पता हो लेकिन असलियत यह है कि अभी कुछ दिन पहले ही इसी POK में बहुत बड़ी रैली निकली थी - लेकिन उस रैली में मौजूद हजारों की भीड़ पाकिस्तान से आजादी के नारे लगा रही थी।

खूँखार आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा का संस्थापक और जमात-उद-दावा प्रमुख हाफिज सईद 14 अक्टूबर को POK में आतंकियों की एक बड़ी रैली करने जा रहा है। इसके लिए उसने सभी आतंकवादियों को बुलावा भेजा है। मुजफ्फराबाद में 14 अक्टूबर को होने वाली इस रैली में जैश-ए-मोहम्मद और हिजबुल के अधिकतर आतंकी शामिल होंगे।

कहा जा रहा है कि जम्मू-कश्मीर में अनुच्छेद 370 हटने के बाद से पाकिस्तान में बैठे सभी आतंकी संगठन भारत के ख़िलाफ़ मिलकर कोई बड़ी साजिश रच रहे हैं। जिसके लिए वो लगातार घुसपैठ की कोशिश में जुटे हुए हैं, लेकिन सेना की सख्ती के कारण उनके मनसूबे कामयाब नहीं हो पा रहे। इसलिए आतंकी संगठनों ने POK के लोगों को बरगलाने के प्रयास तेज कर दिए हैं। इसी कड़ी में हाफिज सईद ने 14 अक्टूबर को मुजफ्फराबाद में रैली करने का फैसला किया है।

शायद हाफिज सईद को ना पता हो लेकिन असलियत यह है कि अभी कुछ दिन पहले ही इसी POK में बहुत बड़ी रैली निकली थी – लेकिन उस रैली में मौजूद हजारों की भीड़ पाकिस्तान से आजादी के नारे लगा रही थी। रैली के दौरान लोगों के हाथों में पोस्टर थे, जो उनकी आजादी की माँग को स्पष्ट कर रहे थे। किंतु वहाँ की पुलिस ने उनकी आवाज दबाने के लिए जम कर बल प्रयोग किया था और उन सभी लोगों पर आँसू गोले छोड़े गए थे। इस दौरान काफी लोग घायल हुए थे, साथ ही 25 लोगों की गिरफ्तारी भी हुई थी।

- विज्ञापन - - लेख आगे पढ़ें -

उल्लेखनीय है कि 70 साल पहले हुए सीक्रेट ‘कराची एग्रीमेंट’ के जरिए कश्मीर के एक हिस्से पर कब्जा करने वाले पाकिस्तान के ख़िलाफ़ POK के लोग अक्सर अपनी आवाजें बुलंद करते रहे हैं, लेकिन पाकिस्तान उनके ख़िलाफ़ कठोर कदम उठाता है।

इसके अलावा बताते चलें कि अभी कुछ दिन पहले ही POK में आतंकियों की रैली का योजन करने वाले हाफिज सईद को पाकिस्तान की गुहार पर ही संयुक्त राष्ट्र से राहत मिली थी। जिसमें उसे अपने रोजमर्रा के खर्चों के लिए बैंक खाते का इस्तेमाल करने की इजाजत मिली थी। ये इजाजत उसे पाकिस्तान खुद यूएन को लेटर लिखकर दिलवाई थी।

शेयर करें, मदद करें:
Support OpIndia by making a monetary contribution

बड़ी ख़बर

गोटाभाया राजपक्षे
श्रीलंका में मुस्लिम संगठनों के आरोपों के बीच बौद्ध राष्ट्र्वादी गोटाभाया की जीत अहम है। इससे पता चलता है कि द्वीपीय देश अभी ईस्टर बम ब्लास्ट को भूला नहीं है और राइट विंग की तरफ़ उनका झुकाव पहले से काफ़ी ज्यादा बढ़ा है।

सबसे ज़्यादा पढ़ी गईं ख़बरें

ताज़ा ख़बरें

हमसे जुड़ें

114,382फैंसलाइक करें
22,948फॉलोवर्सफॉलो करें
120,000सब्सक्राइबर्ससब्सक्राइब करें

ज़रूर पढ़ें

Advertisements
शेयर करें, मदद करें: